अन्य बीमारियों हेतु उपचार सुविधा बहाल करने की मांग की

विजय जैन
अजमेर। शहर जिला कांग्रेस ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत एवं चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा को पत्र लिखकर कोरोना के
अतिरिक्त अन्य बीमारियों हेतु उपचार सुविधा बहाल करने की मांग की है कांग्रेस ने सरकार को बताया कि चिकित्सा सुविधाएं बहाल करने के लिए निजी चिकित्सालयों का अधिग्रहण किया जाकर सरकारी डॉक्टरों की तैनाती की जाए।
कांग्रेस प्रवक्ता मुजफ्फर भारती के अनुसार शहर कांग्रेस अध्यक्ष विजय जैन ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ रघु शर्मा तथा प्रभारी सचिव भवानी सिंह देथा को पत्र के जरिए अवगत करवाया की विगत 22 मार्च 2020 से लागू किए गए लॉक डाउन के उपरांत चिकित्सा विभाग द्वारा अपना संपूर्ण ध्यान कोरोना से निपटने में केंद्रित किया जा चुका है। किंतु विगत सवा महीने से कोरोना के अतिरिक्त अन्य बीमारियों हृदय रोग, न्यूरो रोग, ई एन टी, शिशु रोग, स्त्री एवं प्रसूति रोग, ऑर्थोपेडिक, गैस्ट्रोलॉजी, यूरोलॉजी न्यूरोलॉजी आदि सभी विभागों ने जेएलएन अस्पताल में कार्य करना लगभग बंद कर रखा है। निजी अस्पताल एवं निजी प्रैक्टिशनर्स ने भी कोरोना संक्रमण के भय से अपने अपने क्लीनिक बंद कर रखे हैं। जिसके परिणाम स्वरूप उक्त समस्त बीमारियों से ग्रसित आमजन बिना इलाज के मरने के संकट का सामना कर रहा है।

कांग्रेस अध्यक्ष जैन ने पत्र में बताया कि धीरे धीरे स्थिति यह उत्पन्न होती जा रही है कि कोरोना से होने वाली मृत्यु दर तो कम है बल्कि सामान्य बीमारियों से बिना इलाज मरने वालों की तादाद बड़ी तेजी से बढ़ रही है। यह अत्यधिक चिंता का विषय है। जिस प्रकार राज्य सरकार ने अन्य बीमारियों के इलाज की सुविधा को जयपुर में बहाल कर दिया गया है। ठीक उसी तर्ज पर अजमेर में भी अन्य बीमारियों की उपचार सुविधाओं को अविलंब प्रारंभ किया जाना अपरिहार्य है।

कांग्रेस प्रवक्ता मुजफ्फर भारती के अनुसार कांग्रेस ने पत्र में मांग दोहराई की शहर की पहले से संचालित डिस्पेंसरियों जैसे-पंचशील डिस्पेंसरी, रामनगर डिस्पेंसरी, अंदर कोर्ट डिस्पेंसरी, पुलिस लाइन डिस्पेंसरी, रामगंज डिस्पेंसरी, सैटेलाइट हॉस्पिटल में अन्य रोगों के उपचार व्यवस्था को बहाल किया जाना जरूरी है।
इसके अलावा जेएलएन अस्पताल में कोरोना सेंटर संचालित होने तक, जेएलएन अस्पताल/मेडिकल कॉलेज के सभी विभागों के रोग विशेषज्ञों को उक्त डिस्पेंसरीयों में बिठाया जा कर आउटडोर व्यवस्था को बहाल किया जाए।
पत्र में जैन ने बताया कि निजी वाहनों पर प्रतिबंध के कारण दूरस्थ इलाकों से रोगियों का जेएलएन अस्पताल तक पहुंचना वर्तमान में संभव नहीं है। ऐसी स्थिति में विभिन्न क्षेत्रों में डिस्पेंसरीयों में ही सभी रोगों का इलाज होना और रोग विशेषज्ञों का वहां मौजूद होना अपरिहार्य बन चुका है। आदर्श नगर के सैटेलाइट अस्पताल में जेएलएन अस्पताल के सर्जन चिकित्सकों की ड्यूटी लगाकर वहीं पर ही आवश्यक ऑपरेशन की व्यवस्था की जानी चाहिए।

मुख्यमंत्री चिकित्सा मंत्री एवं प्रभारी सचिव से शहर कांग्रेस ने मांग की के शहर के निजी अस्पतालों का अधिग्रहण कर वहां पर जेएलएन अस्पताल के चिकित्सकों की ड्यूटी लगाकर इलाज व्यवस्था की जानी चाहिए। जैसे- संत फ्रांसिस पीएमएच मेमोरियल अस्पताल क्षेत्रपाल मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल मेवाड़ हॉस्पिटल में ऑर्थोपेडिक्स इलाज,अजमेर ई एन टी अस्पताल में कान नाक गला संबंधी इलाज, ‌खूंगर अस्पताल में नेत्र रोग इलाज, आर्य अस्पताल में न्यूरो उपचार आदि की व्यवस्था की जानी चाहिए।

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