
प्रदेश के विद्यालयों में पूर्व राष्ट्रपति, मिसाइल मैन एवं भारत रत्न डाॅ. ए.पी.जे.अब्दुल कलाम की जयंती विद्यार्थी दिवस के रूप में नहीं मनाने पर पूर्व शिक्षा मंत्री एवं अजमेर उत्तर विधायक वासुदेव देवनानी ने कांग्रेस सरकार पर हमला बोला है। देवनानी ने कहा कि अपने कृतित्व और व्यक्तित्व से देश का गौरव बढाने वाले महापुरूषों को भूलना हमेशा से ही कांग्रेस की फितरत में रहा है। महापुरूषों का किसी न किसी रूप में अपमान करना उसकी पहचान बन चुका है। डाॅ. कलाम की जयंती पर स्कूलों में किसी भी रूप में विद्यार्थी दिवस नहीं मनाना इसकी प्रत्यक्ष बानगी है।
देवनानी ने कहा है कि पिछली भाजपा सरकार ने प्रदेश के विद्यालयों में कलाम साहब का जन्म दिन विद्यार्थी दिवस के रूप में मनाने की पहल की गई थी। इस पहल को लेकर विद्यार्थियों के साथ शिक्षकों में भी काफी उत्साह देखा गया। विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने बढे उत्साह के साथ जन्मदिवस को विद्यार्थी दिवस के रूप में मनाया लेकिन यह दुर्भाग्य ही है कि इस बार प्रदेश के विद्यालयों में ऐसा कोई आयोजन नहीं हुआ। शिक्षकों द्वारा भी किसी भी रूप में ए.पी.जे.अब्दुल कलाम को याद नहीं किया। स्कूलों में तो छोडो सरकार द्वारा आयोजित वर्चुअल शिक्षक सम्मान समारोह में भी कलाम साहब को यथेष्ठ सम्मान नहीं मिला।
उन्होंने कहा कि राज्य में कांग्रेस सरकार के सत्ता संभालने के साथ से ही शिक्षा विभाग में किसी न किसी रूप से महापुरूषों का अपमान का सिलसिला जारी है। यहां कभी पुस्तकालयों व विद्यालयों के नाम के आगे से महापुरूषों के नाम हटाना तो कभी पाठ्यक्रम में छेडछाड कर महापुरूषों का अपमान किया जाता रहा है। कलाम की जयंती स्कूलों में किसी भी रूप में विद्यार्थी दिवस नहीं मनाना महापुरूषों के अपमान का कांग्रेस की पुरानी संस्कृति का सटीक उदाहरण है।