कांग्रेस सरकार ने तीन साल में कर दिया बालिका शिक्षा का बंटाधार-देवनानी

अजमेर, 21 दिसम्बर। पूर्व शिक्षा मंत्री एवं अजमेर उत्तर विधायक वासुदेव देवनानी ने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस सरकार ने पिछले तीन साल में बालिका शिक्षा का बंटाधार कर दिया है। सरकार द्वारा बालिका शिक्षा को बढावा देने के लिए नए बालिका विद्यालय खोलना तो दूर, उल्टे पूर्ववर्ती भाजपा सरकार में संचालित 350 राजकीय बालिका विद्यालयों को बंद कर दिया है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत में थोडी भी शर्म बची हो तो अंग्रेजी माध्यम स्कूल के नाम पर बंद की गई 350 बालिका स्कूलों को अगले सत्र में पुनः चालू करने पर विचार करें।
देवनानी ने कहा कि थोथी वाहवाही लूटने के लिए तीन चरणों में राज्य सरकार ने पहले से संचालित राजकीय स्कूलों का नाम बदलकर 560 महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम स्कूल खोले। केवल नाम बदलकर अंग्रेजी माध्यम स्कूल तो खोल दिए, लेकिन इसके चलते 350 बालिका स्कूलों को बंद कर दिया, जिसके चलते पौने दो लाख बालिकाओं की शिक्षा प्रभावित हुई। अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में कुछ बालिकाओं ने तो प्रवेश ले लिया, लेकिन अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में सीटें तय होने के कारण हजारों बालिकाओं को पहले पढ़ रही स्कूलों में प्रवेश लेने से बंचित होना पडा। इसके चलते हजारों बालिकाओं को या तो अपनी पढ़ाई छोड़नी पड़ी या फिर पढ़ाई के लिए दूर जाने को मजबूर होना पड़ा।
देवनानी ने कहा कि बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने का मुख्यमंत्री गहलोत का राग झूठा निकला। बालिकाओं को पहले से अधिक बढ़ावा मिले इसके लिए सैकडों की संख्या में बालिका स्कूल खोलने के साथ अत्याधुनिक सुविधाएं मुहिया कराया जाना था, लेकिन वो करने की बजाए उल्टे भाजपा शासनकाल में संचालित साढ़े तीन सौ बालिका स्कूलों को बंद कर महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम स्कूल में बदल दिया। अगर सरकार को अंग्रेजी माध्यम स्कूल खोलने ही थे तो उन्हें बालिका स्कूल बंद करने की बजाए अन्य स्थानों पर नए भवन बनाकर स्कूल खोलने चाहिए थे। वैसे भी केवल नाम बदलकर अंग्रेजी स्कूल खोलने की कोई सार्थकता नहीं है। देवनानी ने महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम स्कूल खेलने के लिए बंद की गई 350 बालिका स्कूलों को पुनः खोलने की मांग की।
माॅडल स्कूल की तर्ज पर खुलने थे स्कूल
देवनानी ने कहा कि अंग्रेजी माध्यम में संस्कारयुक्त गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले, इस उद्देश्य से पिछली भाजपा सरकार में प्रदेश के 134 ब्लाॅकों में 134 स्वामी विवेकानंद माॅडल स्कूल खोले गए। यह 134 माॅडल स्कूल पूर्व में संचालित स्कूल भवनों की बजाए नए भवन तैयार कराकर खोले गए। माॅडल स्कूलों ने बेहतर प्रबंधन के चलते अभिभावकों और विद्यार्थियों पर अच्छी गहरी छाप छोड़ी। जनता की मांग को देखते हुए भाजपा सरकार की प्रदेश के शेष अन्य ब्लाॅकों में भी स्वामी विवेकानंद माॅडल स्कूल खोलने की योजना थी, लेकिन राज्य में कांग्रेस सरकार आने के कारण ऐसा संभव नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि सरकार को अंग्रेजी माध्यम स्कूल चलाना ही था तो इसी योजना को नीचे तक उतारते हुए अन्य विवेकानंद माॅडल स्कूल खोलने चाहिए थे, लेकिन विवेकानंद माॅडल स्कूल नये खोलना तो दूर पहले से संचालित राजकीय बालिका स्कूलों को बंद कर उनका केवल नाम बदलकर अंग्रेजी माध्यम कर दिया जिसका खमियाजा प्रदेश की हजारों बालिकाओं को भुगतना पड़ा।
बंद पडे. स्कूल भवनों का उपयोग करें सरकार
देवनानी ने कहा कि कम नामांकन होने और विद्यार्थियों को एक ही स्कूल की छत के नीचे बेहतर सुविधाएं मुहिया कराने के उद्धेश्य से शिक्षा विभाग ने सैकड़ों स्कूलों को मर्ज किया गया था, जिसके चलते प्रदेश में सैकडों स्कूल भवन खाली पडे हैं। अनेक बार सदन में इन स्कूल भवनों के उपयोग करने की मांग की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई सरकार ने नहीं की है। अंग्रेजी माध्यम की स्कूल इन बंद भवनों में संचालित कर इनका उपयोग किया जा सकता था, लेकिन सरकार ने ऐसा नहीं कर केवल नाम बदलकर अंग्रेजी माध्यम के नाम पर थोथी वाहवाही लूटना ज्यादा उचित समझा। योजना के अभाव में आज भी बंद पडे़ सैकडों स्कूल भवन धूल फांक रहे हैं।

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