फाॅयसागर रोड की 27 से अधिक रिहायशी काॅलोनियों को पंचायत से हटा कर नगर निगम सीमा में शामिल किया जाए-देवनानी

-देवनानी ने जिला कलेक्टर से की मुलाकात, ज्ञापन भी सौंपा
-रोड व स्ट्रीट लाइटें नहीं हैं, सफाई नहीं होती, सड़कें नहीं बनती
-नागरिक नारकीय जीवन जीने पर हो रहे हैं मजबूर

प्रो. वासुदेव देवनानी
अजमेर, 18 मई। पिछले पूर्व शिक्षा मंत्री व अजमेर उत्तर के विधायक वासुदेव देवनानी ने बुधवार को जिला कलेक्टर से मुलाकात कर फाॅयसागर रोड पर स्थित 27 से अधिक रिहायषी काॅलोनियों को ग्राम पंचायत क्षेत्र से हटाकर नगर निगम सीमा में शामिल किए जाने का आग्रह किया है।
देवनानी ने जिला कलेक्टर को सौंपे ज्ञापन में कहा है कि अजमेर उत्तर विधानसभा क्षेत्र में फाॅयसागर रोड पर स्थित विभिन्न रिहायषी काॅलोनियां ग्राम पंचायत हाथीखेड़ा, पंचायत समिति श्रीनगर के वार्ड 9 व 10 के क्षेत्राधीन आती हैं, परन्तु यह क्षेत्र मुख्य गांवों में स्थित नहीं होकर नगर निगम के वार्ड संख्या तीन, पांच व छह की सीमा से जुड़े हंै। इनमें से अधिकांष काॅलोनियों का अजमेर विकास प्राधिकरण द्वारा नियमन भी किया गया है।
देवनानी ने कीर्तिनगर, गोटा काॅलोनी, राज काॅलोनी, अरावली नगर, आदित्य नगर, रावत नगर, अम्बिका नगर, जगदम्बा काॅलोनी, पंकज नगर, चामुण्डा काॅलोनी, डिफंेस काॅलोनी, करणी नगर, स्वास्तिक काॅलोनी, प्रज्ञा नगर, कृष्णा विहार काॅलोनी, नटराज काॅलोनी, नवकार नगर, स्वास्तिक नगर, द्वारकाधीष नगर, विनायक विहार काॅलोनी, कोटेष्वर काॅलोनी, अरावली काॅलोनी, अम्बिका विहार काॅलोनी, श्याम विहार काॅलोनी, करणी विहार, आदित्य नगर, मेरी माता काॅलोनी और क्षेत्र की अन्य रिहायशी काॅलोनियां को नगर सीमा में शामिल किया जाना चाहिए।
देवनानी ने कहा कि नगर निगम की सीमा से बाहर होने के कारण इन काॅलोनियों में निगम के सफाई कर्मचारी भी कार्य नहीं करते हैं। रोड व स्ट्रीट लाइटों की व्यवस्था व अन्य विकास कार्य नहीं हो पाने से क्षेत्रवासियों को मूलभूत सुविधाऐं भी उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं। इन हालात में नागरिक नारकीय जीवन जीने को मजबूर हो रहे हैं। इसलिए क्षेत्रवासी भी इन काॅलोनियों को नगर निगम सीमा में शामिल कराना चाहते हंै। देवनानी ने कहा कि ग्राम पंचायत और पंचायत समिति के पास इतने ज्यादा साधन-संसाधन नहीं होते हैं कि वह इन काॅलोनियों में सफाई, सड़क, पानी, बिजली और अन्य सुविधाओं पर धन खर्च कर सके। यही कारण है कि इन काॅलोनियों में जगह-जगह सड़कें टूटी-फूटी हैं, कई वर्षों से सड़कों की मरम्मत नहीं हो पाई है, कुछ काॅलोनियों में तो अभी तक सड़कें ही नहीं बनी हैं। सफाई नहीं होने के कारण गंदगी पसरी रहती है। रोड व स्ट्रीट लाइटें नहीं होने से काॅलोनियों में रात में अंधेरा छाया रहता है, जिससे लोगों को आने-जाने में परेशानी होने के साथ-साथ उनमें चोर-उच्चकों का भय भी बना रहता है। यदि इन काॅलोनियों को नगर निगम सीमा में शामिल कर लिया जाता है, नागरिकों की इन सभी समस्याओं का समाधान हो जाएगा और विकास कार्य भी हो सकेंगे।
पानी संकट पर भी खींचा ध्यान
देवनानी ने शहर में पानी संकट की तरफ भी कलेक्टर का ध्यान खींचते हुए कहा कि स्थिति बहुत ज्यादा खराब हो गई है। लोगों को अब 72 घंटे तो दूर, 96 घंटे में भी पानी की सप्लाई नहीं मिल पा रही है। उन्होंने कहा कि 96 घंटे में भी काफी कम प्रेशर से पानी सप्लाई किया जाता है, जिससे लोगों को जरूरत जितना पानी भी नहीं मिल पाता है। पानी सप्लाई का समय भी निश्चित नहीं है। कभी सुबह, कभी दोपहर, कभी शाम तो कभी रात में पानी सप्लाई किया जाता है। भीषण गर्मी में पानी संकट के कारण लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कलेक्टर से जलदाय विभाग के अधिकारियों की आपात बैठक बुलाकर पानी संकट का तत्काल समाधान कराने पर जोर दिया।

error: Content is protected !!