रेल यात्रा के दौरान बेवजह चेन पुलिंग करने वाले लोगों के विरुद्ध रेल सुरक्षा बल अजमेर मंडल द्वारा अभियान चलाया जा रहा है जिसके अंतर्गत ऐसे लोगों को पकड़कर रेलवे एक्ट की विभिन्न धाराओं के अंतर्गत मामले दर्ज किए जा रहे हैं, साथ ही समझाईश भी की जा रही है । रेल सुरक्षा बल ने बेवजह चेन पुलिंग करने वाले लोगों को चेतावनी दी है कि ऐसा ना करें अन्यथा पकड़कर मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी, आर्थिक दंड के अलावा जेल भी हो सकती है। यात्रियों से अपील की जाती है की वे समय पर स्टेशन पहुंचे, देरी होने पर जल्दबाजी के कारण सहयात्री के पीछे छूटने व दुर्घटना की संभवना रहती है, ऐसे मे सहयात्री द्वारा चैन पुलिंग करने से अन्य यात्रियों को अनावश्यक देरी होती है, ट्रेन का समयपालन भी प्रभावित होता है | यात्रा के दौरान स्टेशन पर ट्रेन के ठहराव की अवधि के जानकारी लेकर उसके अनुसार ही किसी आवश्यक समान अथवा खाद्य सामग्री लेने हेतु उतरें| यात्रा के दौरान स्टेशन पर बेवजह ट्रेन से न उतरें | इस प्रकार के कारण लापरवाही की श्रेणी मे आते है, इस कारण इन कारणों से चैन खींचना जहां नियम विरुद्ध है वहीं दंडनीय अपराध भी है अतः इससे बचें |
गत सप्ताह अजमेर मण्डल के अंतर्गत रेलवे स्टेशन भीलवाडा के प्लेटफॉर्म न॑ 01 पर सवारी गाड़ी संख्या 17019 जयपुर – हैदराबाद एक्सप्रेस के कोच सं एस 02 मे सहयात्री छुट जाने के कारण समय 20.54 बजे से 20.58 बजे तक कुल 04 मिनिट चैन पुलिंग (एसीपी) करने पर आरोपी ब्रजलाल, उम्र 34 वर्ष, जाति जाट, निवासी खंडेला, सीकर रेल सुरक्षा बल स्टाफ द्वारा पकडा गया, जिसके खिलाफ धारा 141 रेलवे एक्ट मे कार्यवाही करते हुए मामला दर्ज किया गया।
रेलवे सुरक्षा बल अजमेर मण्डल द्वारा माह अगस्त 2022 में सवारी गाडियों में एसीपी की रोकथाम के लिए कुल 210 कार्यवाही की गई | अभियान के दौरान यात्रियों को जागरुक करने के लिये रेलवे सुरक्षा बल स्टाफ द्वारा लाउड हैलर एवं पी.ए सिस्टम का उपयोग किया गया व यात्रियों को एसीपी नही करने के लिए पम्पलेट बांटे गये व समझाईश की गई। सवारी गाडियों में एसीपी की रोकथाम के लिए एस्कोर्टिंग हेतु महिला व पुरुष बल सदस्यों को तैनात किया गया तथा गाडियों के संचालन, समयपालन को सूचारु रखने के लिये भरसक प्रयास किये गये। इस दौरान सवारी गाडियों में अनाधिकृत रुप एसीपी करने वाले 80 व्यक्तियों के विरुद्ध रेल सुरक्षा बल द्वारा रेलवे एक्ट की धारा 141 के अंतर्गत कार्यवाही करते हुए मामले दर्ज कर रुपये 9285/- जुर्माना वसुला गया।