अजमेर विकास प्राधिकरण : अपने कामकाज का जवाब नहीं दे पाए, अफसरों को लगी कड़ी फटकार

अजमेर, एक अगस्त। विधानसभ अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी ने एडीए के अधिकारियों की जमकर क्लास ली। अधिकारी अपनी सीट से जुड़े कामकाज की सामान्य जानकारियां भी नहीं दे सके। कोर्ट केस, स्टे, अतिक्रमण और लैण्ड बैंक जैसी जानकारियों पर अफसर जवाब नहीं दे सके। श्री देवनानी ने उन्हें कड़ी फटकार लगाई और कहा, ऎसा नहीं चलेगा। जनता को राहत दी और अपनी कार्यशैली सुधारो।

विधानसभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी ने शुक्रवार को सर्किट हाउस में अजमेर विकास प्राधिकरण के अधिकारियों की बैठक ली। बैठक में अधिकारियों से उनकी शाखा से जुड़े सामान्य कामकाज और प्रगति के बारे में पूछा गया लेकिन अधिकांश अधिकारी संतुष्टीजनक जवाब नहीं दे पाए। इस पर विधानसभा अध्यक्ष ने नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि सीट से जुड़ी जानकारियां अफसरों के पास होनी चाहिए। इसी से कामकाज की स्थिति पता लगती है। यह आमजन से जुड़ा विभाग है, यहां प्रतिदिन लोग अपनी समस्याओं समाधान के लिए आते हैं। अफसरों की लापरवाह कार्यशैली से पता लगता है कि जनता की कैसी सुनवाई होती है। अधिकारी अपनी कार्यशैली सुधारें, जनसुनवाई कर राहत दें और शहर के विकास में भागीदारी बने।

श्री देवनानी ने विधि शाखा के कामकाज पर नाराजगी जताई। विभाग के अधिकारी यह नहीं बता सके कि एडीए के कितने मामले अदालत में विचाराधीन हैं, कितने प्रकरणों में स्टे है और कितने में स्टे हट गया है। पृथ्वीराज नगर सहित कई योजनाओं में 10 से 15 साल तक स्टे अदालत में हैं। उन्होंने कहा कि इससे स्पष्ट है कि अदालत में पैरवी ढंग से नहीं की जा रही है। एडीए अपनी भूमि से स्टे हटवाने के काम को गंभीरता से लें ताकि आमजन को ज्यादा से ज्यादा राहत लि सके और एडीए की भूमि स्टे से मुक्त हो सकें।

श्री देवनानी ने पूछा कि एडीए की कितनी भूमि पर अतिक्रमण व अवैध कब्जे हैं, उन्हें हटाने के लिए क्या प्रयास किए जा रहे हैं, कितनी भूमि पर एडीए ने अपने बोर्ड लगा दिए हैं। संबंधित शाखा के अधिकारी के पास इससे संबंधित आंकड़े उपलब्ध नहीं थे। श्री देवनानी ने उन्हें डांटा कि एडीए को अपनी ही भूमि के बारे में जानकारी नहीं है। आमजन की भूमि पर अतिक्रमण किस तरह हटते होंगे।

विधानसभा अध्यक्ष ने ले आउट, म्यूटेशन, एनओसी, ऑनलाइन सर्विसेज और नक्शा पास होने की गति, पेंडेंसी और पट्टा वितरण की धीमी गति पर भी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि आमजन से जुड़े सामान्य कामकाज में किसी तरह की देरी नहीं होनी चाहिए।

विधानसभा अध्यक्ष ने निर्देश दिए कि अनसागार सर्कुलर रोड, मित्तल अस्पताल से बीएसएनएल चौराहा एवं अन्य सड़कों पर रोड लाइट का सही से संचालन हो। लाइटें बंद ना हो पाएं। उन्होंने एडीए में विकास कार्यों की प्रगति, वर्षा जल भराव नियंत्रण के प्रयास एवं प्रगति, हरियाळो राजस्थान अभियान के तहत वृक्षारोपण, विधायक कोष के काम, विभिन्न विकास कार्यों के टेंडर, वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति, विद्युत उपकरणों की जांच, भू-उपयोग परिवर्तन आदि की भी समीक्षा की।

उन्होंने निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री श्री भजन लाल शर्मा की ओर से की गई बजट घोषणाओं पर शीघ्र अमल हो। अजमेर शहर को सेक्टर में बांट कर चंडीगढ़ व गुड़गांव की तर्ज पर विकास का प्लान तैयार किया जाए। नई आवासीय व व्यावसायिक योजनाओं की विस्तृत योजनाएं बनाई जाएं ताकि लोगों को अधिक भूखण्ड मिल सकें। बैठक में अभियांत्रिकी शाखा, वित्त शाखा, विधि शाखा, आयोजना, उपायुक्त एवं तहसीलदार से संबंधित कामकाज की समीक्षा की गई।

बैठक में आयुक्त श्रीमती नित्या के., सचिव श्री अनिल पूनिया, उपायुक्त सूर्यकांत शर्मा, खेमाराम यादव, प्रवीण गूगरवाल, विधि विभाग से गीता विजयवर्गीय, वित्त से प्रतिभा चूण्डावत, आयोजना से महेन्द्र चौधरी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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