अजमेर, 23 जनवरी। राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के रचनाकाल के 150 वर्ष पूर्ण होने उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रमों के द्वितीय चरण के अंतर्गत शुक्रवार को राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड कार्यालय में वन्दे मातरम् के वाचन के साथ नेताजी सुभाष चन्द्र बोस की जयंती मनाई गई। उनकी जयन्ती के अवसर पर संगोष्ठी का भी आयोजन किया गया। इस संगोष्ठी में बोर्ड के अधिकारी तथा कर्मचारियों के साथ विद्या भारती संस्थान के शिक्षाविद् श्री भूपेन्द्र उबाना ने अपना व्याख्यान प्रस्तुत किया।
मुख्य अतिथि श्री भूपेन्द्र उबाना ने कहा कि सुभाष चन्द्र बोस भारतीय स्वतन्त्रता संग्राम के महान नेता थे। वह अपनी क्रान्तिकारी विचारधारा तुम मुझे खून दो मैं तुम्हें आजादी दूंगा के लिए पूरे विश्व में विख्यात हैं। उनका यह नारा आज भी युवाओं में जोश भरने के लिए काफी है। उन्होंने बताया कि सुभाष चन्द्र बोस ने अपने दम पर अपनी प्रतिभा का लोहा पूरे विश्व में मनवाया था।
श्री उबाना ने कहा कि बसंत पंचमी के पावन पर्व पर माता सरस्वती की पूजा की जाती है। सरस्वती केवल विद्या की देवी नहीं बल्कि विवेक, संयम और संतुलन की भी अधिष्ठात्री है। इस अवसर पर उन्होंने युवाआें से आह््वान किया कि भारत के प्रत्येक जन को एक विकसित भारत का स्वप्न देखना चाहिए। गुलामी की मानसिकता के प्रतीक चिन्हों को विध्वंस करते हुए अपनी विरासत पर गर्व करने की आवश्यकता है। श्री उबाना ने कहा कि प्रत्येक नागरिक को स्वयं का बोध आत्म निरीक्षण करते हुए करना चाहिए। उसके मन में नागरिक कर्तव्य भावना का बोध भी होना वांछनीय है।
इस कार्यक्रम के संयोजक तथा सहायक निदेशक श्री राजीव चतुर्वेदी ने कहा कि सुभाष चन्द्र बोस का जन्म दिवस पराक्रम दिवस के रूप में मनाया जाता है। भारतीय स्वतन्त्रता संग्राम में उनका योगदान अविस्मरणीय है। उन्हें नेताजी की दी गई उपाधि उनके सम्मान व नेतृत्व का दर्शाता है। सुभाष चन्द्र बोस श्रीमद् भागवत गीता की गहराई से सदैव प्रेरित रहे थे। उनकी विचार धारा आज भी प्रासंगिक है। उनके स्वतन्त्रता, समानता व राष्ट्रभक्ति के लिए किए गए संघर्ष को भूलाया नहीं जा सकता है। उनकी आजाद हिन्द फौज का उद्देश्य भारत को ब्रिटिश राज से मुक्त कराना था। वे राष्ट्रवाद को मानव जाति के उच्चतम आदर्शों से प्रेरित मानते थे। इस अवसर पर निदेशक शैक्षिक श्रीमती दर्शना शर्मा ने सभी आगंतुको का धन्यवाद आभार ज्ञापित किया।
इस अवसर पर मुख्य नियंत्रक परीक्षा श्री राजेश निर्वाण, निदेशक प्रशासन श्री राजेन्द्र प्रसाद पारीक, निदेशक गोपनीय श्रीमती गीता पलासिया, सहायक निदेशक श्री अरूण कुमार जोशी सहित समस्त बोर्ड अधिकारी एवं कार्मिक उपस्थित रहे।
वंदे मातरम्@150
वंदे मातरम् गीत का हुआ सामूहिक गायन
अजमेर, 23 जनवरी। राष्ट्रगीत वंदे मातरम के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की श्रृंखला के द्वितीय चरण में जिले के समस्त कार्यालयों में शुक्रवार 23 जनवरी को प्रातः 10.30 बजे वंदे मातरम् गीत का सामूहिक गायन किया गया। कलेक्ट्रेट परिसर स्थित समस्त प्रभागों एवं कार्यालयों के अधिकारियों एवं कार्मिकों के द्वारा वन्दे मातरम् का सामूहिक गायन किया गया। जिला कलक्टर श्री लोक बन्धु ने मतदान की शपथ भी दिलाई। इस अवसर पर अतिरिक्त जिला कलक्टर सुश्री ज्योति ककवानी, श्रीमती वन्दना खोरवाल एवं श्री नरेन्द्र कुमार मीणा सहित अधिकारी एवं कार्मिक उपस्थित रहे।
वंदे मातरम्@1501नोडल अधिकारी किए गए नियुक्त
अजमेर, 23 जनवरी। राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में द्वितीय चरण 19 से 26 जनवरी तक आयोजित किया जा रहा है। इसमें जिला स्तर, उपखण्ड स्तर, पंचायत स्तर पर वंदे मातरम्-150 पर आधारित विभिन्न कार्यक्रम एवं गतिविधि आयोजित करने के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए है। जिला कलक्टर श्री लोक बन्धु ने बताया कि अतिरिक्त जिला कलक्टर श्रीमती वन्दना खोरवाल को नोडल अधिकारी तथा जिला परिषद के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री शिवदान सिंह, नगर निगम की उपायुक्त श्रीमती कीर्ति कुमावत एवं पर्यटन विभाग के उप निदेशक को सहायक नोडल अधिकारी बनाया गया है।