यूजीसी के नए नियमों व प्रयागराज घटना को लेकर सामान्य व ब्राह्मण समाज में आक्रोश

राष्ट्रपति के नाम माननीय जिला कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
अजमेर। 27 जनवरी – यूनिवर्सिटि ग्रान्ट कमीषन (यूजीसी) द्वारा लागू किए गए नए नियमों को सामान्य वर्ग विरोधी बताते हुए तथा प्रयागराज माघ मेले में बटुक ब्राह्मण की चोटी पकड़कर अमानवीय व्यवहार की घटना के विरोध में आज सामान्य एवं ब्राह्मण समाज के लोगों ने माननीय जिला कलेक्टर महोदय को राष्ट्रपति के नाम संयुक्त ज्ञापन सौंपा।
यह जानकारी देते हुए गुंजन शर्मा और आनंद पुरोहित ने बताया कि यूजीसी के नए नियम समाज में समानता की भावना को कमजोर करते हैं। देश में पहले से ही भारतीय न्याय संहिता, दंड प्रक्रिया संहिता, एंटी-रैगिंग नियम एवं एस.सी/एस.टी एक्ट जैसे कानून प्रभावी हैं, ऐसे में अलग से जातिगत आधार पर नए नियम बनाना अनावश्यक और पक्षपातपूर्ण प्रतीत होता है।
ज्ञापन में कहा गया कि यदि कोई व्यक्ति जातिगत भेदभाव का दोषी पाया जाता है तो उस पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन झूठे आरोप लगाकर फंसाने वालों पर भी समान दंड का प्रावधान होना चाहिए। नए नियमों में व्ठब् वर्ग को पीड़ित पक्ष में शामिल किए जाने से यह संदेश जाता है कि सामान्य वर्ग को पहले से ही दोषी मान लिया गया है, जो न्यायसंगत नहीं है। साथ ही मांग की गई  झूठे मामलों में जुर्माने का प्रावधान  लागू किया जाए।
इसी ज्ञापन में प्रयागराज माघ मेले के दौरान बटुक ब्राह्मण की चोटी पकड़कर किए गए अमानवीय व्यवहार की कड़ी निंदा की गई। समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि यह घटना धार्मिक आस्था और ब्राह्मण समाज की भावनाओं पर सीधा प्रहार है। इस प्रकार की घटनाएं सामाजिक सौहार्द को नुकसान पहुंचाती हैं।
ज्ञापन के माध्यम से राष्ट्रपति से मांग की गई कि इस घटना में शामिल दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति धार्मिक परंपराओं का अपमान करने का साहस न कर सके।
इस अवसर पर हिमांशु मिश्रा, लोकेश मिश्र, आशीष मिश्रा, विवेक पंडित, दीपांशु शर्मा, प्रकाश मिश्रा, अभिषेक शर्मा, ज्ञान प्रकाश मिश्रा, पंडित निशांत, तुषार उपाध्याय, एडवोकेट ईशांत मिश्र, आशुतोष गौतम, एडवोकेट रोशन शर्मा, एडवोकेट भुवन शर्मा, प्रवीन झा, अनुपम शर्मा, संजय शर्मा सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित रहे।
भवदीय
(गंुजन शर्मा)
मो. 9950956666

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