श्री वर्द्धमान शिक्षण समिति द्वारा संचालित श्री वर्द्धमान कन्या पी.जी. महाविद्यालय में जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर देवाधिदेव भगवान ऋषभदेव के जन्म एवं दीक्षा कल्याणक (ऋषभ नवमी ) पर व्याख्यान माला का आयोजन किया गया ।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जैन धर्म के सिद्धांतों के माध्यम से शांति और सद्भाव का संदेश देते हुए छात्राओं को श्रमण संस्कृति, सत्य और अहिंसा के मार्ग से जोड़ना है।
महाविद्यालय प्राचार्य डॉ आर सी लोढा ने भगवान ऋषभदेव के अहिंसा और सदाचार के संदेशों से छात्राओं को अवगत कराते हुए समाज में शांति और नैतिक मूल्यों को बढ़ावा देने का संदेश दिया ।
जीवन विज्ञान व्याख्याता सुनीता जैन ने भगवान ऋषभदेव के जीवन, आदर्शों एवं शिक्षाओं के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की । कार्यक्रम में समस्त संकाय सदस्य, कर्मचारीगण एवं छात्राएं उपस्थित रही ।