“एमडीएसयू शिक्षा विभाग में साप्ताहिक पाठ्य सहगामी गतिविधियों का भव्य समापन”

“प्रतिभा को मिला सम्मान: विजेता विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र व स्मृति चिन्ह प्रदान”

“छात्राओं के स्वास्थ्य और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता: मदसविवि के गार्गी महिला छात्रावास में निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर 29 अप्रैल को”

अजमेर, 28 अप्रैल। महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय, अजमेर के शिक्षा विभाग में गत सात दिनों से आयोजित पाठ्य सहगामी गतिविधियों का मंगलवार को उत्साहपूर्ण वातावरण में समापन हुआ। इस अवसर पर विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र एवं स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में शिक्षा विभाग के प्रभारी प्रो. सुभाष चंद्र ने प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। अपने प्रेरणादायी संबोधन में उन्होंने कहा कि “एक भावी शिक्षक के लिए केवल सफलता ही नहीं, बल्कि प्रतियोगिताओं में सक्रिय भागीदारी भी अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। अनुभव ही व्यक्ति को समृद्ध बनाता है।” उन्होंने विद्यार्थियों को हर गतिविधि में उत्साहपूर्वक भाग लेने के लिए प्रेरित किया तथा पलायन की प्रवृत्ति से दूर रहने का संदेश दिया।

प्रो. सुभाष चंद्र ने बी.एड. एवं एम.एड. के विद्यार्थियों को आगामी 7 मई से प्रारंभ होने वाली विश्वविद्यालय की वार्षिक परीक्षाओं के लिए शुभकामनाएं भी प्रेषित कीं।

सप्ताह भर चली इन गतिविधियों में मेहंदी, रंगोली, मांडना, पोस्टर निर्माण, सलाद सज्जा, एकल गायन, कविता पाठ, एकल अभिनय, फैंसी ड्रेस, एकल नृत्य, बोर्ड डेकोरेशन एवं योग सत्र जैसी विविध प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिनमें विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर सहभागिता निभाई। विशेष रूप से शनिवार को आयोजित “काव्य धारा” कार्यक्रम में शहर के प्रतिष्ठित साहित्यकारों ने अपनी काव्य रचनाओं के माध्यम से विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया।

कार्यक्रम के दौरान विभाग के अतिथि शिक्षक डॉ. नेमीचंद तंबोली, डॉ. भावना गौड़, डॉ. आशा सेन, डॉ. सुनील कुमार, डॉ. अंजू अग्रवाल, श्रीमती अनुराधा जैन एवं डॉ. के.के. शर्मा की गरिमामयी उपस्थिति रही। विभिन्न सदनों के विद्यार्थियों को उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर विजेता, रनर-अप एवं द्वितीय रनर-अप ट्रॉफियां भी प्रदान की गईं।

इस अवसर पर विद्यार्थियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि इन गतिविधियों ने उनके आत्मविश्वास, रचनात्मकता एवं व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। कार्यक्रम का समापन उत्साह, प्रेरणा और उपलब्धियों के भावपूर्ण वातावरण में हुआ।

error: Content is protected !!