“दिल से सैनिक आत्मा से कवि” एकल काव्य संग्रह का सफलतापूर्वक हुआ प्रकाशन

राजस्थान के भरतपुर शहर ११२ दीनदयाल नगर भरतपुर पिनकोड नम्बर ३२१००१ में स्थित मधुशाला प्रकाशन (जो कि एक डिजिटल प्लेटफार्म है) के द्वारा विगत कई वर्षों से कई विषयों पर एकल काव्य संग्रह, कहानी संग्रह, साझा संग्रह एवम सोलो पुस्तकें इत्यादि का प्रकाशन सफलतापूर्वक होता आ रहा है। इसी क्रम में इस बार एकल काव्य संग्रह “दिल से सैनिक आत्मा से कवि” का प्रकाशन किया गया है।
           इस काव्य संग्रह के लेखक एक सैनिक है जिन्होंने देश सेवा के साथ-साथ साहित्य जगत में अपनी एक खास पहचान बनाई है। जिनको सैनिक कवि गणपत लाल उदय के नाम से जाना जाता है उदय गांव अरांई जिला अजमेर के
रहने वाले हैं।
                        केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल में सैनिक होते हुए भी उदय ने एक लेखक/कवि होने की जिम्मेदारी को पूर्ण किया है। यह काव्य संग्रह (पुस्तक) सैनिक कवि उदय के द्वारा रचित चौथा काव्य संग्रह है। इससे पहले उदय की तीन एकल पुस्तकें इंकलाब पब्लिकेशन मुंबई महाराष्ट्र और रविना प्रकाशन नई दिल्ली द्वारा प्रकाशित हो चुकी है। इस पुस्तक में सैनिक कवि उदय ने स्वतंत्र विषयों की विधाओं/अभिव्यक्तियों का समावेश किया गया है। जो अब यह काव्य संग्रह अमेज़न, फ्लिपकार्ट इत्यादि प्लेटफॉर्म पर ई-बुक/पेपरबैक के रूप में उपलब्ध रहेगी।
जय हिन्द जय हिन्दी जय हिन्दुस्तान
सैनिक की कलम
गणपत लाल उदय अजमेर राजस्थान

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