40,000 पशुपालकों का होगा 10-10 लाख रुपये का जीवन बीमा
अजमेर, [04-06-2026]:
सहकारिता और दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में अजमेर को नई ऊंचाइयों पर ले जाने वाले अजमेर डेयरी के यशस्वी अध्यक्ष रामचन्द्र चौधरी ने जिले के अन्नदाताओं और पशुपालकों के लिए एक ऐसी ऐतिहासिक घोषणा की है, जो पूरे राज्य के लिए एक मिसाल बन गई है। अपनी दूरगामी सोच और किसान-हितैषी नीतियों को एक कदम और आगे बढ़ाते हुए, रामचन्द्र चौधरी ने अजमेर डेयरी से जुड़े 40,000 दुग्ध उत्पादक पशुपालकों का भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) के माध्यम से 10-10 लाख रुपये का बीमा करवाने का युगांतकारी निर्णय लिया है।
यह कदम सहकारी क्षेत्र के दुग्ध उत्पादकों का भविष्य पूर्ण रूप से सुरक्षित कर देगा और सहकारिता के इतिहास में एक मील का पत्थर साबित होगा।
प्रेस विज्ञप्ति के मुख्य बिंदु:
700 सचिवों के बाद अब 40,000 पशुपालकों की बारी: ज्ञात रहे कि रामचन्द्र चौधरी के कुशल नेतृत्व में अजमेर डेयरी ने बीते महीनों में जिले की लगभग 700 दुग्ध उत्पादक सहकारी (दु.उ.स.) समितियों के सचिवों का LIC के माध्यम से 10 लाख रुपये का बीमा सफलतापूर्वक करवाया था। अब उन्हीं सेवा शर्तों एवं नियमों के तहत, आगामी दिनों में डेयरी संघ के लगभग 40,000 सदस्यों को इस 10 लाख रुपये के सुरक्षा कवच से जोड़ने की कार्यवाही युद्धस्तर पर जारी है।
महिला सशक्तिकरण की अनूठी पहल (5 से 7 हजार महिलाओं को सीधा लाभ):
रामचन्द्र चौधरी का यह कदम आधी आबादी को आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा देने का भी बड़ा माध्यम है। इस योजना के तहत लगभग 5,000 से 7,000 महिला सदस्यों का बीमा किया जाएगा। जिन गाँवों में महिला दुग्ध समितियां संचालित हैं, वहां बीमा सीधे महिला सदस्य के नाम से होगा। इसके अतिरिक्त, शेष समितियों में जो भी महिला नियमित सदस्य हैं, उन्हें भी इस बीमा योजना का पूरा लाभ मिलेगा।
पशुपालकों की जेब पर कोई भार नहीं:
इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि बीमा राशि के प्रीमियम का भुगतान दुग्ध उत्पादकों की जेब से नहीं होगा। प्रीमियम की राशि सम्बन्धित समितियों के 2% बचत खाते (जो संघ में जमा है) में से वहन की जाएगी। यह अध्यक्ष रामचन्द्र चौधरी के बेहतरीन वित्तीय प्रबंधन का उत्कृष्ट उदाहरण है।
निजी क्षेत्र (Private Sector) को लगेगा बड़ा झटका, सहकारिता की होगी जीत:
अध्यक्ष रामचन्द्र चौधरी की यह मास्टरस्ट्रोक योजना अजमेर डेयरी के दुग्ध संकलन में भारी वृद्धि लाएगी। जो दुग्ध उत्पादक वर्तमान में प्राइवेट क्षेत्र (निजी डेयरियों) में दूध दे रहे हैं, वे इस 10 लाख के बीमा सुरक्षा कवच से आकर्षित होकर पुनः सहकारी समितियों से जुड़ेंगे। साथ ही, जो सदस्य वर्तमान में संघ को दूध दे रहे हैं, वे इस योजना के लाभ से आजीवन अजमेर डेयरी के प्रति निष्ठावान बने रहेंगे।
‘पहले आओ-पहले पाओ’ के आधार पर कार्यवाही:
योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए सभी दुग्ध समितियों की प्रबंधकारिणी को अपना प्रस्ताव संघ में भेजना होगा, जिसके साथ नियमित सदस्यों की सूची मय दिनांक प्रस्तुत करनी होगी। डेयरी प्रबंधन ने जिले के समस्त व्यवस्थापकों और सचिवों से अपील की है कि वे अपने गाँव के पशुपालकों के सुरक्षित भविष्य को मद्देनजर रखते हुए अपनी समिति का प्रस्ताव शीघ्रता-शीघ्र संघ में जमा कराएं और ‘पहले आओ, पहले पाओ’ की तर्ज पर इस स्वर्णिम अवसर का लाभ उठाएं।
अध्यक्ष रामचन्द्र चौधरी का संदेश:
“सहकारी क्षेत्र का हर एक पशुपालक और दुग्ध उत्पादक मेरे परिवार का अभिन्न हिस्सा है। उनका पसीना ही अजमेर डेयरी की सफलता की नींव है। यह 10 लाख रुपये का बीमा मात्र एक योजना नहीं है, बल्कि मेरे किसान भाई-बहनों और माताओं के प्रति अजमेर डेयरी की कृतज्ञता और उनके परिवार के सुरक्षित भविष्य की गारंटी है। हम सहकारिता के माध्यम से हर घर में समृद्धि लाने के लिए संकल्पबद्ध हैं।”
यह पहल सिद्ध करती है कि रामचन्द्र चौधरी मात्र एक प्रशासक नहीं, बल्कि पशुपालकों के सच्चे हितैषी और संरक्षक हैं, जिनकी नीतियां हमेशा धरातल पर किसान का जीवन संवारने का काम करती हैं।