मंगलवार को भी मिलेगी जन-जन को राहत
अजमेर, 22 जून। आमजन की समस्याओं के त्वरित एवं स्थानीय स्तर पर समाधान और विभिन्न लोक-कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मौके पर ही प्रदान करने के लिए मंगलवार 22 जून को भी ग्रामीण एवं शहरी शिविरों के माध्यम से राहत प्रदान की जाएगी।
जिला कलक्टर श्री लोक बन्धु ने बताया कि अभियान के तहत 15 जुलाई तक प्रत्येक ग्राम पंचायत मुख्यालय पर सोमवार से शुक्रवार तक ग्रामीण एवं शहरी सेवा शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मंगलवार 22 जून को उपखण्ड क्षेत्र अजमेर की चाचियावास, अरांई की सिरोज, भिनाय की बडगांव, केकड़ी की मेवदाकलां, नसीराबाद की तिहारी, रूपनगढ़ की अमरपुरा, सरवाड़ की बोराडा, सावर की बाजटा, पीसांगन की केसरपुरा-मेवाडिया ग्राम पंचायत में ग्रामीण सेवा शिविर का आयोजन किया जाएगा। इसी प्रकार नगरीय निकायों में शहरी सेवा शिविरों का आयोजन वार्डवार किया जाएगा।
सफलता की कहानी-1
मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना का मिला लाभ
ग्रामीण सेवा शिविर 2026 का आयोजन ग्राम पंचायत करनोस, पीसांगन में हुआ। पशुपालक परिवार द्वारा बताया गया कि समय-समय पर उचित सुरक्षा के अभाव एवं अनपेक्षित बीमारियों के कारण पूर्व में उनके कई दुधारू पशुओं की आकस्मिक मृत्यु हो चुकी थी। इस वजह से परिवार को भारी आर्थिक क्षति का सामना करना पड़ा और वे गहरे वित्तीय संकट में आ गए थे।
वित्तीय रूप से परेशान यह परिवार जब हमारे पशुपालन विभाग के संपर्क में आया, तब उन्हें राज्य सरकार की कल्याणकारी योजना मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। उन्हें समझाया गया कि किस प्रकार योजना के माध्यम से वे अपने दुधारू पशुओं का समय पर बीमा करवा कर भविष्य में होने वाली किसी भी बड़ी आर्थिक हानि से सुरक्षित रह सकते हैं।
योजना के सुरक्षा कवच को समझने के पश्चात लाभार्थी श्रीमती सीमा पत्नी श्री बबलू सांखला ने बिना किसी विलंब के तुरंत अपने दो दुधारू पशुओं का बीमा कराने का निर्णय लिया एवं आवश्यक प्रक्रिया पूर्ण की। आज आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर 2026 में लाभार्थी श्रीमती सीमा को उनके स्वीकृत पशु बीमा पॉलिसी के आधिकारिक दस्तावेज ससम्मान वितरित किए गए। आज सांखला परिवार अपने पशुओं के लिए सुरक्षा कवच रूपी बीमा पॉलिसी पाकर अत्यंत खुश एवं निश्चित है। पशुधन सुरक्षित होने से उनके भविष्य की आजीविका भी पूरी तरह सुरक्षित हो गई है।
सफलता की कहानी-2
प्रार्थीगणों को मिली शिविर में सम्पूर्ण जानकारी
जन योजना अभियान ग्रामीण सेवा शिविर के अन्तर्गत राजस्थान सरकार द्वारा अटल सेवा केन्द्र, ग्राम पंचायत, सान्दोलिया में ग्रामीण सेवा शिविर कैम्प का आयोजन किया गया। प्रार्थी श्रीमती रतनी / प्रभुलाल, श्रीमती गीता/भागचन्द, श्री होशियार / चर्तुभुज, श्री नन्दु/कैलाश, श्रीमती घमला / घीसाराम, श्रीमती सरस्वती / सत्यनारायण. ने शिविर प्रभारी को बताया गया हैं कि क्षेत्र में दलहन मूँग की बुवाई रकबा अधिक होने के कारण तथा प्रभावित किस्मों के बीजों के अभाव से निश्चित ही पैदावारी में कमी संभव हैं। कृषि में खुशहाली का आधार प्रमाणित एवं उननत बीजों की बुवाई से 30-40 प्रतिशत तक अधिक उपज प्राप्त होती हैं।
क्षेत्रिय सहायक कृषि अधिकारी ने खरीफ फसलों की खेती के अन्नत तरीके से अवगत करवाया एवं इस सम्बन्ध में कृषि फसल का वितरण किया गया। कृषि पर्यवेक्षक द्वारा विभागीय योजनाओं की जानकारी दी गई। शिविर में प्राप्त मिनीकिट महिला कृषकों को अवश्य ही उपज में अधिकता से अन्य कृषकों को भी सरलता से प्राप्त हो सकेगा। प्रार्थी ने शिविर में राहत प्रदान करके कृषि विभाग की टीम को धन्यवाद प्रदान किया।
सफलता की कहानी-3
पेंशनर की पेंशन पुनः चालू करवाई
ग्रामीण सेवा शिविर के अन्तर्गत राजस्थान सरकार द्वारा ग्राम पंचायत घूघरा, अजमेर में ग्रामीण सेवा शिविर कैम्प का आयोजन किया गया। शिविर में श्री कविश पुत्र श्री भागचन्द गुर्जर निवासी घूघरा, जो कि विकलांग पेंशनर हैं और इनका सम्पूर्ण शरीर विकलांग हैं। इनका डिजिटल विकलांगता प्रमाण पत्र जनाधार में नहीं चढ पाने के कारण इनकी पेंशन चालू नहीं हो पा रहीं थी। काफी प्रयासों के बाद ग्रामीण सेवा शिविर में श्री कविश का डिजिटल विकलांगता कार्ड और मोबाईल नम्बर को जनाधार में चढवाया गया एवं पेंशनर का सत्यापन करके पुनः पेंशन चालू करवाई गयी।
प्रार्थी का शिविर में ही समस्या का निराकरण होने से वह बहुत खुश हुए एवं इसके लिए श्री कविश की माताजी ने मुख्यमंत्री श्री भजन लाल शर्मा को धन्यवाद किया एवं राज्य सरकार का इस शिविर को लगवाने हेतु आभार व्यक्त किया।
सफलता की कहानी-4
डीएमएफटी योजना के तहत नलकूप स्थापना से पेयजल समस्या का समाधान
ग्राम पंचायत पनेर, रूपनगढ़ के ग्राम मानपुरा एवं निटुटी में लंबे समय से पेयजल उपलब्धता की समस्या बनी हुई थी। ग्रामीणों की दैनिक आवश्यकताओं हेतु पर्याप्त पेयजल प्राप्त करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। समस्या के समाधान हेतु विभाग द्वारा इन ग्रामों में नलकूप स्थापित करने का प्रस्ताव तैयार कर डीएमएफटी योजना के अंतर्गत स्वीकृति हेतु भेजा गया। प्रस्ताव स्वीकृत होने के पश्चात नियमानुसार निविदा प्रक्रिया पूर्ण कर कार्य को धरातल पर क्रियान्वित किया गया। कार्य के अंतर्गत नलकूपों की स्थापना के साथ विद्युत कनेक्शन एवं पीवीसी टैंक भी स्थापित किए गए।
वर्तमान में दोनों नलकूप सुचारु रूप से संचालित हो रहे हैं तथा ग्राम मानपुरा एवं निहाली के ग्रामीणों की दैनिक पेयजल आवश्यकताओं की पूर्ति कर रहे हैं। इस कार्य से क्षेत्र के निवासियों को राहत मिली है तथा उनकी जीवनशैली में सकारात्मक परिवर्तन आया है। यह पहल ग्रामीण क्षेत्र में आधारभूत सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण एवं जनकल्याण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि सिद्ध हुई है।
सफलता की कहानी-5
राजस्व रिकॉर्ड में सही नाम दर्ज करवाया
ग्राम पंचायत ढसूक हेतु ग्रामीण सेवा शिविर 2026 का आयोजन किया गया। शिविर में प्रार्थीगण श्री हरजीराम चौधरी पुत्र पन्नाराम कुड़ी निवासी ढसूक ने प्रार्थना पत्र प्रस्तुत कर निवेदन किया कि उनका नाम ग्राम ढसूक की वर्तमान जमाबंदी के खाता संख्या 475 में हरजी राम पुत्र पन्ना सा गुंदली दर्ज हो रखा है, जबकि उनका सही नाम हरजीराम चौधरी पुत्र पन्नाराम कुड़ी निवासी ढसुक है। राजस्व रिकॉर्ड में गलत नाम दर्ज होने से उन्हें पिछले 20 वर्षों से विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ लेने से वंचित होना पड़ता है। उनके पहचान दस्तावेज में नाम हरजी राम चौधरी पुत्र पन्नाराम कुड़ी निवासी ढसूक दर्ज है।
प्रार्थी की समस्या को सुनकर शिविर प्रभारी एवं उपखंड अधिकारी अरांई श्रीमती नीतू मीणा ने तुरंत प्रभाव से तहसीलदार श्री प्रेमसुख वैष्णव को निर्देश दिए की प्रार्थी की समस्या को गंभीरता से लेते हुए प्रकरण धारा 136 भू राजस्व अधिनियम 1956 के तहत तैयार करवा कर शीघ्र प्रस्तुत करें। निरीक्षक श्री रामेश्वर लाल एवं पटवारी हल्का श्री मुकेश कुमार ने प्रार्थी की भावनाओं का ख्याल रखते हुए भू राजस्व अधिनियम 1956 की धारा 136 के तहत नियमानुसार प्रकरण तैयार किया तथा तहसीलदार श्री प्रेमसुख वैष्णव के द्वारा प्रकरण में सकारात्मक अनुशंसा की तथा प्रकरण उपखंड अधिकारी अंराई श्रीमती नीतू मीणा के समक्ष प्रस्तुत किया। शिविर प्रभारी महोदया ने मौके पर शिविर में ही प्रार्थी का नाम राजस्व रिकॉर्ड में दुरूस्त करने के आदेश प्रदान किया।
शिविर में अधिकारियों एवं कार्मिकों के द्वारा तुरंत प्रभाव से प्रार्थी को राहत प्रदान किये जाने से प्रार्थी श्री हरजीराम चौधरी भाव विभोर हो गए। प्रार्थी ने समस्त अधिकारी गण एवं कार्मिकों का आभार व्यक्त किया प्रार्थी ने बताया कि उनका नाम राजस्व रिकॉर्ड में गलत होने से उन्हें विभिन्न समस्याओं का सामना करना पड़ता था। उन्हें विभिन्न राजकीय योजनाओं के लाभ से वंचित होना पड़ता था। उनकी यह समस्या विगत लगभग 25-30 वर्षों से चली आ रही थी। उनकी इस समस्या का समाधान हो गया। प्रार्थी ने मुख्यमंत्री श्री भजन लाल शर्मा को ग्रामीण सेवा सिविर 2026 के आयोजन करवाएं जाने को लेकर धन्यवाद ज्ञापित किया।
सफलता की कहानी-6
फार्म पॉण्ड बना समृद्धि का आधार
कृषि विभाग के प्रशिक्षण से प्रेरित होकर किसान परिवार ने अपनाया जल संरक्षण, बढ़ी फसल उत्पादकता
राज्य सरकार एवं कृषि विभाग द्वारा संचालित जल संरक्षण एवं कृषि उन्नयन कार्यक्रम किसानों के लिए वरदान साबित हो रहे हैं। इसी कड़ी में ग्राम पंचायत मोतीपुरा की कृषक नानी देवी के परिवार ने कृषि विभाग के प्रशिक्षण एवं प्रदर्शनी कार्यक्रमों से प्रेरणा लेकर अपने खेत में फार्म पॉण्ड निर्माण करवाया, जिससे उन्हें न केवल विभागीय अनुदान प्राप्त हुआ, बल्कि खेती की उत्पादकता में भी उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला।
कृषक परिवार के पुत्र ने कृषि विभाग द्वारा आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रमों एवं कृषि प्रदर्शनी में भाग लिया। वहां जल संरक्षण एवं वर्षा जल संचयन के महत्व को समझते हुए उन्होंने खेत पर फार्म पॉण्ड निर्माण का निर्णय लिया। विभागीय योजना के तहत उन्हें अनुदान सहायता भी प्राप्त हुई, जिससे इस कार्य को पूरा करना आसान हुआ।
फार्म पॉण्ड के निर्माण से वर्षा ऋतु में खेत में जलभराव की समस्या कम हुई है। अब बारिश का अतिरिक्त पानी फार्म पॉण्ड में संग्रहित हो जाता है, जिससे खरीफ फसलों को नुकसान होने की संभावना घट गई है। मार्च माह में जब सिंचाई जल की उपलब्धता कम हो जाती है और फसलों को अधिक पानी की आवश्यकता होती है, तब फार्म पॉण्ड में संग्रहित पानी किसानों के लिए संबल बनता है।
सफलता की कहानी-7
आपसी सहमति से भूमि का बंटवारा
ग्रामीण सेवा शिविर के दौरान पंचायत समिति पीसांगन के ग्राम पंचायत पगारा मे आयोजित शिविर मे पांचू पुत्र मंगना व रतन पुत्र मंगना ने आपसी सहमति से बंटवारा करने हेतू आवेदन किया।
जिनका मौके पर कब्जे के अनुसार आपसी सहमति से बंटवारा किया गया। पांचू पुत्र मंगना व रतन पुत्र मंगना ने 50 वर्ष से लंबित बटवारा होने पर सरकार को धन्यवाद देते हुए आभार व्यक्त किया। व राज्य सरकार द्वारा आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर की प्रशंसा की।