शहरी सेवा शिविर 2026 के दौरान 4011 प्रकरण निस्तारित

घुमंतू एवं अर्धघुमंतू परिवारों को मिली बड़ी सौगात

15 परिवारों को जारी हुए आवंटन पत्रशीघ्र मिलेंगे पट्टे

अजमेर, 15 जुलाई। राजस्थान सरकार की मंशानुरूप आमजन को त्वरित राहत एवं आवासीय सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में अजमेर विकास प्राधिकरण द्वारा आयोजित शहरी सेवा शिविर-2026 के तहत बुधवार को एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की गई। प्राधिकरण आयुक्त सुश्री नित्या के. ने कायड़ योजना के अंतर्गत घुमंतू एवं अर्धघुमंतू (गाड़िया लोहार) समुदाय के 15 परिवारों को आवंटन पत्र वितरित किए श्ीाघ्र ही पट्टे जारी कर दिए जाएंगे।

इस अवसर पर आयुक्त ने बताया कि गाड़िया लोहार समुदाय के पुनर्वास के लिए प्राधिकरण पिछले लगभग दो वर्षों से लगातार प्रयासरत था। पूर्व में कानूनी स्थगन (कोर्ट स्टे) के कारण प्रक्रिया बाधित हो गई थी, किन्तु राजस्थान सरकार की मंशानुरूप सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूर्ण कर अब इन परिवारों को भूखंड आवंटित कर दिए गए हैं। उन्होंने लाभार्थी परिवारों को निर्देशित किया कि वे अजमेर विकास प्राधिकरण के संबंधित जूनियर इंजीनियर (जेईएन) के साथ अपने-अपने भूखंडों पर जाकर स्थल का चिन्हांकन (मार्किंग) अवश्य कर लें तथा पट्टे प्राप्त होने के बाद एक-दो दिनों के भीतर उनका पंजीयन (रजिस्ट्रेशन) भी सुनिश्चित करें, जिससे भविष्य में किसी प्रकार की असुविधा न हो।

शहरी सेवा शिविर 2026 के दौरान 4011 प्रकरण निस्तारित

राजस्थान सरकार की मंशानुरूप 12 जून से 15 जुलाई तक आयोजित शहरी सेवा शिविर-2026 के अंतर्गत अजमेर विकास प्राधिकरण कार्यालय में आमजन को त्वरित राहत प्रदान करते हुए कुल 4011 प्रकरणों का सफलतापूर्वक निस्तारण किया गया। शिविर के दौरान कृषि भूमि पर विकसित स्वीकृत योजनाओं से संबंधित 1142 पट्टे, प्राधिकरण की स्वयं की योजनाओं के 393 पट्टे, बकाया लीज जमा कराकर फ्रीहोल्ड एवं लीज-मुक्ति प्रमाण पत्र से संबंधित 172 प्रकरण, भवन मानचित्र से संबंधित 140 प्रकरण, निर्माण अवधि विस्तार के 804 प्रकरण, लीजहोल्ड से फ्रीहोल्ड के 267 प्रकरण, नामांतरण के 829 प्रकरण, उपविभाजन एवं पुनर्विभाजन के 89 प्रकरण, आवंटन पत्रों से संबंधित 156 प्रकरण तथा 19 विविध प्रकरणों का त्वरित एवं पारदर्शी ढंग से निस्तारण किया गया। जिससे प्राधिकरण को 3106.39 लाख की आय हुई।

शहरी सेवा शिविर-2026 के माध्यम से अजमेर विकास प्राधिकरण द्वारा आमजन को समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराने, वर्षों से लंबित प्रकरणों का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने तथा राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने की दिशा में प्रभावी कार्य किया जा रहा है। यही कारण है कि शिविर आमजन के लिए राहत, विश्वास और सुशासन का सशक्त माध्यम बनकर उभरे हैं।

नई योजनाएं लॅान्च

शहरी सेवा शिविर 2026 के दौरान अजमेर विकास प्राधिकरण की कार्यकारी समिति की बैठक दिनांक 13 जुलाई को दो नई योजनाएं लॉन्च करने की स्वीकृति दी गई। नारेली में घुमंतु एवं अर्धघुमंतु परिवारों के लिए निःशुल्क आवासीय योजना को एवं खोड़ा-किशनगढ़ में फार्म हाउस एवं रिसोर्ट परियोजना का स्वीकृति मिली। नारेली योजना लगभग 3.90 हेक्टेयर क्षेत्रफल में विकसित की जा रही है इस योजना में 50 वर्गगज के 263 आवासीय भूखंड एवं 25 अनौपचारिक (इन्फॉर्मल) दुकानों सहित कुल 288 भूखंड विकसित किए जाएंगे। जिसमे आवासीय भूखण्ड निःशुल्क आवंटित किए जाएंगे।

इसी प्रकार खोड़ा, किशनगढ़ योजना लगभग 41.50 हेक्टेयर क्षेत्रफल में विकसित होने वाली है, इस परियोजना में 73 फार्म हाउस भूखंड, 9 रिसोर्ट भूखंड तथा 15 अनौपचारिक (इन्फॉर्मल) दुकानों के लिए भूखण्ड उपलब्ध है, जिन्हें ई-नीलामी के द्वारा निस्तारण किया जाएगा। यह परियोजना क्षेत्र में पर्यटन, निवेश, रोजगार सृजन तथा उच्चस्तरीय अधोसंरचना विकास को नई गति प्रदान करेगी।

20 विभागों / संस्थाओं को भूमि आवंटित

अजमेर विकास प्राधिकरण द्वारा शहरी सेवा शिविर-2026 के माध्यम से राज्य सरकार की मंशानुरूप विभिन्न जनकल्याणकारी एवं आधारभूत विकास परियोजनाओं के लिए भूमि आवंटन की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य किए गए हैं। इन निर्णयों के तहत दाता, सेन्दरिया, पालरा, बीर, अजयसर एवं ककलाना में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों, खातौली एवं कायड़ में 33 केवी ग्रिड सब-स्टेशनों, डूमाड़ा, कानस, बांसेली एवं अजयसर में कचरा संग्रहण केन्द्रों, तबीजी में राज्य स्तरीय पोल्ट्री फीड यूनिट, कायड़ में सेंटर फॉर एंटरप्रेन्योरशिप एंड कैपेसिटी बिल्डिंग एवं राजीविका ग्रामीण महिला बीपीओ, श्रीनगर में ब्लॉक स्तरीय फीकल स्लज मैनेजमेंट प्लांट, माकड़वाली में मल्टीपर्पज़ स्टेडियम हेतु पार्किंग एवं पुलिस चौकी तथा पंचशील क्षेत्र में विज्ञान पार्क के समीप एआई एवं अत्याधुनिक तकनीकों से युक्त टेक्नो हब की स्थापना के लिए भूमि आवंटन/स्वीकृति प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया है।

इन जनोपयोगी परियोजनाओं के क्रियान्वयन से स्वास्थ्य, विद्युत, स्वच्छता, पशुपालन, महिला सशक्तिकरण, सूचना प्रौद्योगिकी, खेल एवं कानून व्यवस्था सहित विभिन्न क्षेत्रों को नई गति मिलेगी। साथ ही नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उनके निवास स्थान के निकट उपलब्ध होंगी, ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार होगा तथा राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी रूप से पहुंच सकेगा।

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