नशे के विरुद्ध विश्वविद्यालय की हुंकार

लगभग 300 युवाओं और नागरिकों ने लिया नशा-मुक्त भारत का सामूहिक संकल्प
कुलगुरु प्रो. सुरेश कुमार अग्रवाल ने प्रधानमंत्री एवं राज्यपाल को भेजी अभियान की विस्तृत रिपोर्ट

अजमेर, 18 सितम्बर। महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय, अजमेर में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस को नशा-मुक्त भारत के संकल्प से जोड़ते हुए ‘नशा-मुक्ति युवा अभियान’ आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों, युवाओं, परिवारजनों एवं समाज के प्रतिनिधियों सहित लगभग 300 प्रतिभागियों ने नशे के विरुद्ध सामूहिक संकल्प लिया।

अभियान का सबसे महत्वपूर्ण पहलू रहा कि नशे की समस्या से जूझ रहे 14 युवाओं ने स्वेच्छा से नशीले पदार्थों का त्याग कर नशा-मुक्त जीवन जीने का संकल्प लिया। विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सुरेश कुमार अग्रवाल ने इन युवाओं का माल्यार्पण कर उनका उत्साहवर्धन किया। इन युवाओं को आगे भी नैतिक एवं सामाजिक सहयोग उपलब्ध कराने के उद्देश्य से रविवार को मसाणिया भैरव जी धाम ले जाने की योजना बनाई गई है।

कार्यक्रम में प्रभावित परिवारों की पत्नियों एवं परिजनों ने भी अपने परिवार के सदस्यों को नशे से दूर रखने तथा आसपास के अन्य नशाग्रस्त लोगों को भी नशा छोड़ने के लिए प्रेरित करने का संकल्प लिया। कुलगुरु ने कहा कि नशामुक्ति केवल व्यक्तिगत प्रयास नहीं, बल्कि परिवार, समाज और राष्ट्र की सामूहिक जिम्मेदारी है। स्वस्थ, अनुशासित और उद्देश्यपूर्ण युवा ही विकसित भारत की मजबूत आधारशिला हैं।

विश्वविद्यालय ने इस पहल को एक दिवसीय कार्यक्रम तक सीमित न रखते हुए नशामुक्ति के लिए निरंतर सामाजिक जागरूकता एवं सहयोग का अभियान चलाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।

प्रधानमंत्री एवं राज्यपाल को भेजी विस्तृत रिपोर्ट

इस अभियान के संबंध में विश्वविद्यालय द्वारा एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं राजस्थान के माननीय राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे को प्रेषित की गई है। रिपोर्ट में अभियान की पृष्ठभूमि, 14 युवाओं द्वारा लिए गए नशामुक्ति संकल्प, परिवारों एवं समाज की सहभागिता, लगभग 300 प्रतिभागियों के सामूहिक संकल्प तथा आगे की कार्ययोजना का उल्लेख किया गया है। यह रिपोर्ट विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सुरेश कुमार अग्रवाल द्वारा प्रेषित की गई है।

विश्वविद्यालय के स्तर पर स्पष्ट किया गया कि नशामुक्त युवा, सशक्त परिवार और जिम्मेदार समाज—विकसित भारत के निर्माण के महत्वपूर्ण आधार हैं, और एमडीएसयू इस संबंध में अपनी सामाजिक जिम्मेदारी का निरंतर निर्वहन करता रहेगा।

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