आवश्यकताएं सीमित कर संतोष अपनाना ही उत्तम शौच धर्म : विक्रांत शास्त्री

ऋषभायतन अध्यात्मधाम में दशलक्षण महापर्व के पांचवें दिन धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम
अजमेर। दशलक्षण महापर्व के पांचवें दिन वैशाली नगर स्थित श्री ऋषभायतन अध्यात्मधाम में उत्तम शौच धर्म की आराधना श्रद्धा एवं भक्तिभाव के साथ की गई। इस अवसर पर सुबह 7:30 बजे उपस्थित श्रावक-श्राविकाओं द्वारा विशेष जिनेन्द्र कलशाभिषेक किया गया। इसके बाद नित्य नियम पूजा, देव-शास्त्र पूजन, पंचमेरु पूजन, सोलहकारण पूजन एवं दशलक्षण विधान के अंतर्गत उत्तम शौच धर्म की विशेष पूजा-अर्चना की गई।
शांतिपाठ एवं विसर्जन के बाद पं. सुनील धवल, भोपाल ने पूजन के छंदों का संक्षिप्त अर्थ बताते हुए पूजा के आध्यात्मिक महत्व एवं फल की जानकारी दी। पूजन के दौरान प्रस्तुत भक्ति गीतों से वातावरण भक्तिमय हो गया।
ट्रस्ट अध्यक्ष नरेश चंद लुहाड़िया एवं ट्रस्टी विनय चंद लुहाड़िया ने बताया कि पं. विक्रांत शास्त्री, सोलापुर (महाराष्ट्र) एवं विधानाचार्य पं. सुनील धवल, भोपाल (मध्यप्रदेश) के मार्गदर्शन में श्रद्धालुओं ने पूजा-विधान एवं प्रवचनों का लाभ लिया।
प्रवक्ता विजय पांडया ने बताया कि शाम को भक्ति गीत-संगीत के बाद प्रवचन एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए। प्रवचन में पं. विक्रांत शास्त्री ने कहा कि “आवश्यकताओं को सीमित करके संतोष का भाव रखना, लोभ और असंतोष से मुक्त रहना ही उत्तम शौच धर्म है।” उन्होंने कहा कि उत्तम शौच केवल बाहरी स्वच्छता नहीं, बल्कि विचारों और भावों की निर्मलता का नाम है। लोभ, लालच और संग्रह की भावना का त्याग कर संतोष को अपनाने से व्यक्ति को बाहरी संपत्ति से अधिक आंतरिक समृद्धि प्राप्त होती है। इच्छाएं पूरी होने के बाद भी नई इच्छाएं जन्म लेती रहती हैं, इसलिए मन को संतुष्ट रखने के लिए आवश्यकताओं को सीमित करना जरूरी है।
संयोजक प्रकाश पांडया के अनुसार पूजन सामग्री की समस्त व्यवस्था पुजारी रवि गदिया द्वारा की गई, प्रवचन के बाद पं. विक्रांत शास्त्री एवं पं. सुनील धवल के निर्देशन में प्रश्नमंच कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विजेताओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
कल सुगन्ध दशमी पर्व के अवसर पर मंदिर जी मे विशेष विधान पूजा अर्चना आयोजित होगी। सभी श्रावक श्राविकाएं सभी मंदिरों में जाकर धूप अर्पित करते है । दिन भर मंदिरों में  भक्तों का तांता लगा रहता है।इस हेतु समस्त दिगम्बर जैन मंदिरों में विशेष सजावट की जाती है।
जैन तीर्थों पर आधारित तंबोला ने बांधा समां
शाम के कार्यक्रम में श्री जैनम महिला मंडल द्वारा जैन तीर्थ स्थानों पर आधारित अनोखे एवं ज्ञानवर्धक तंबोला कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें जैनम महिला मंडल की सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और कार्यक्रम का आनंद लिया।
विजय जैन पांडया 
प्रवक्ता

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