वर्द्धमान रूट्स स्कूल में नवरात्रि उत्सव की धूम, पारंपरिक वेशभूषा में सजे बच्चों ने बिखेरे भक्ति और संस्कृति के रंग
ब्यावर। कहीं मां दुर्गा के नौ स्वरूपों में सजी नन्ही बालिकाएं तो कहीं गरबे की धुन पर थिरकते छोटे-छोटे कदम। भक्ति, उत्साह और मासूमियत से भरा यह नजारा श्री वर्द्धमान शिक्षण समिति द्वारा संचालित वर्द्धमान रूट्स स्कूल में आयोजित नवरात्रि उत्सव के दौरान देखने को मिला। प्ले ग्रुप के बच्चों ने पारंपरिक वेशभूषा में सजकर उत्सव में भाग लिया। देवी स्वरूप में सजी बालिकाएं कार्यक्रम का विशेष आकर्षण रहीं।नवरात्रि उत्सव में नौ बालिकाओं ने मां शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कूष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्री के स्वरूप धारण किए। आकर्षक वेशभूषा और मासूम भाव-भंगिमाओं के साथ प्रस्तुत इन स्वरूपों ने सभी का मन मोह लिया। इस दौरान बच्चों ने पारंपरिक गरबा नृत्य में भी उत्साह से भाग लिया। संगीत की धुन पर थिरकते नन्हे कदमों ने पूरे विद्यालय परिसर में उत्सवी माहौल बना दिया।
श्री वर्द्धमान शिक्षण समिति के मंत्री डॉ. नरेन्द्र पारख ने कहा कि बच्चों को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने की शुरुआत बचपन से ही होनी चाहिए। विद्यालयों में ऐसे आयोजनों का उद्देश्य केवल त्योहार मनाना नहीं, बल्कि बच्चों को अपनी संस्कृति से परिचित कराना भी है। उन्होंने कहा कि नन्ही बालिकाओं का देवी स्वरूप में सजना नारी शक्ति के सम्मान का सुंदर संदेश देता है।
विद्यालय की प्रधानाचार्या श्वेता नाहर ने कहा कि छोटी उम्र में बच्चे देखकर और गतिविधियों में भाग लेकर अधिक सीखते हैं। इसी उद्देश्य से विद्यालय में त्योहारों को बच्चों की सहभागिता के साथ मनाया जाता है। आयोजन के माध्यम से बच्चों को नवरात्रि की परंपराओं और मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों से परिचित कराया गया।
नौ देवियों के स्वरूप में सजी बालिकाओं और बच्चों की गरबा प्रस्तुतियों ने आयोजन को खास बनाया। पूरे कार्यक्रम के दौरान बच्चों में उत्साह और उल्लास का माहौल रहा।