राजस्थान में कानून-व्यवस्था ध्वस्त, भाजपा राज में अपराधियों के हौसले बुलंद

पूर्व विधायक की हत्या, संघ प्रचारक से कथित पुलिस मारपीट और जेल में मौतों पर भजनलाल सरकार को घेरा

डॉ. जयपाल बोले—जब पूर्व विधायक और संघ प्रचारक सुरक्षित नहीं, तो आम जनता की सुरक्षा की गारंटी कौन देगा?

अजमेर। अजमेर शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक डॉ. राजकुमार जयपाल ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि राजस्थान में कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। प्रदेश में हत्या, लूट, डकैती, चेन स्नेचिंग और महिलाओं के विरुद्ध अपराध की घटनाओं ने आमजन की चिंता बढ़ा दी है। भरतपुर में पूर्व भाजपा विधायक अतर सिंह भड़ाना की हत्या, जयपुर ग्रामीण के नरैना थाने में संघ प्रचारक कृष्ण अवतार के साथ कथित पुलिस मारपीट और जेलों में होने वाली मौतों के मामले सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करते हैं।

डॉ. जयपाल ने कहा कि भाजपा सरकार के शासन में यदि पूर्व विधायक की हत्या हो सकती है, संघ प्रचारक पुलिस थाने में मारपीट के आरोप लगा सकता है और जेलों में मौतों की घटनाएं सामने आती हैं, तो आम आदमी की सुरक्षा का क्या होगा? क्या प्रदेश में कानून का भय अपराधियों के मन में रह गया है या आम जनता को ही असुरक्षा के माहौल में जीने के लिए छोड़ दिया गया है? मुख्यमंत्री को इन सवालों का जवाब देना चाहिए।

उन्होंने कहा कि राजस्थान की जनता ने सरकार को प्रदेश चलाने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी सौंपी है, लेकिन सरकार को अपराध नियंत्रण के मोर्चे पर ठोस परिणाम देने होंगे। हत्या, लूट, डकैती और महिलाओं के खिलाफ अपराध जैसी गंभीर घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाना केवल प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। अपराध होने के बाद बयान देना पर्याप्त नहीं है; जरूरी है कि अपराध होने से पहले रोकथाम की मजबूत व्यवस्था हो और अपराधियों को कानून के अनुसार सजा मिले।

डॉ. जयपाल ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा को लेकर बड़े-बड़े दावे करने वाली सरकार को बताना चाहिए कि प्रदेश में महिलाएं और बेटियां कितनी सुरक्षित महसूस कर रही हैं। राह चलते लोगों से लूटपाट, चेन स्नेचिंग और हत्या जैसी वारदातों को रोकने के लिए पुलिस की गश्त, त्वरित कार्रवाई और अपराधियों पर प्रभावी निगरानी आवश्यक है। यदि आम नागरिक को घर से बाहर निकलते समय अपनी सुरक्षा की चिंता करनी पड़े, तो यह शासन-प्रशासन के लिए गंभीर चेतावनी है।

उन्होंने कहा कि पुलिस हिरासत में मारपीट के आरोप और जेलों में मौतों के मामलों को किसी भी स्थिति में सामान्य घटना मानकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। प्रत्येक मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। पुलिसकर्मी हों या कोई अन्य व्यक्ति, यदि किसी की जिम्मेदारी और दोष प्रमाणित होता है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। कानून सबके लिए समान है और वर्दी किसी को भी कानून से ऊपर होने का अधिकार नहीं देती।

डॉ. जयपाल ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पर निशाना साधते हुए कहा कि मुख्यमंत्री को राजनीतिक कार्यक्रमों और सत्ता की राजनीति से ऊपर उठकर प्रदेश की जनता की सुरक्षा पर ध्यान देना चाहिए। जनता को केवल घोषणाएं और आश्वासन नहीं, बल्कि अपराध नियंत्रण के स्पष्ट परिणाम चाहिए। सरकार की सफलता का आकलन इस बात से होना चाहिए कि नागरिक कितने सुरक्षित हैं, अपराधियों पर कितना प्रभावी नियंत्रण है और पीड़ितों को कितनी जल्दी न्याय मिलता है।

उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार जनता की बुनियादी समस्याओं और सुरक्षा के सवालों के मुकाबले सत्ता की राजनीति को अधिक महत्व दे रही है। राजस्थान जैसे महत्वपूर्ण प्रदेश में कानून-व्यवस्था को लेकर जनता की चिंताओं को नजरअंदाज करना सरकार को भारी पड़ सकता है। उन्होंने मांग की कि प्रदेश में अपराध नियंत्रण की समीक्षा की जाए, पुलिस प्रशासन की जवाबदेही तय हो और गंभीर आपराधिक मामलों में समयबद्ध जांच सुनिश्चित की जाए।

शैलेश गुप्ता ने भी सरकार को घेरा

अजमेर शहर जिला कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता शैलेश गुप्ता ने कहा कि भाजपा सरकार का ध्यान सत्ता हासिल करने और उसे बनाए रखने की राजनीति पर अधिक केंद्रित दिखाई देता है, जबकि जनता की सुरक्षा जैसे गंभीर मुद्दों पर सरकार को जवाब देना चाहिए। उन्होंने मांग की कि मुख्यमंत्री प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर ठोस कार्रवाई कर जनता को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराएं।

शैलेश गुप्ता ने अंत में कहा कि राजस्थान की जनता को भयमुक्त वातावरण चाहिए, अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण चाहिए और दोषियों को सजा चाहिए। सरकार अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकती। जनता की सुरक्षा कोई राजनीतिक एहसान नहीं, बल्कि सरकार का दायित्व है।

शैलेश गुप्ता
प्रवक्ता
अजमेर शहर जिला कांग्रेस कमेटी

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