बुजुर्गों की तीर्थयात्रा को बनाया मुसीबतों का सफर — डॉ. राजकुमार जयपाल

*भाजपा सरकार की अव्यवस्थाओं ने बुजुर्गों की तीर्थयात्रा को बनाया मुसीबतों का सफर — डॉ. राजकुमार जयपाल*

*अजमेर।* अजमेर शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष डॉ. राजकुमार जयपाल ने राजस्थान की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि मुख्यमंत्री वरिष्ठजन निःशुल्क तीर्थ यात्रा योजना के तहत बुजुर्गों को धार्मिक यात्रा करवाने के बड़े-बड़े दावे करने वाली सरकार की व्यवस्थाओं की पोल खुल गई है। पश्चिम बंगाल के कोलकाता में गंगासागर के दर्शन करने पहुंचे राजस्थान के वरिष्ठ नागरिकों को जिन परेशानियों का सामना करना पड़ा, वह बेहद शर्मनाक और सरकार की संवेदनहीनता का प्रमाण है।

डॉ. जयपाल ने कहा कि *धर्म और आस्था के नाम पर वाहवाही लूटने वाली भाजपा सरकार बुजुर्गों को सम्मानजनक यात्रा तक उपलब्ध नहीं करवा पा रही है।* जिन वरिष्ठ नागरिकों ने जीवनभर समाज और परिवार के लिए योगदान दिया, उन्हें बुढ़ापे में सरकार की लापरवाही के कारण सड़कों पर बैठकर समय बिताने, भोजन-पानी की चिंता करने और ठहरने की व्यवस्था के लिए भटकने को मजबूर होना पड़े, इससे बड़ी प्रशासनिक विफलता क्या होगी?

उन्होंने कहा कि तीर्थयात्रा पर जाने वाले बुजुर्गों को समय पर आवास, भोजन, पेयजल, शौचालय और स्थानीय परिवहन जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध करवाना सरकार तथा संबंधित विभागों की जिम्मेदारी है। यदि यात्रा की योजना पहले से निर्धारित थी, तो यात्रियों के पहुंचने से पूर्व होटल, ठहरने के स्थान और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित क्यों नहीं की गईं? बुजुर्गों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक भटकना पड़ा और उनके साथ भेजे गए अटेंडेंट भी मौके पर उपलब्ध नहीं रहे, तो आखिर इस पूरी व्यवस्था की जवाबदेही किसकी है?

*डॉ. जयपाल ने सवाल उठाया कि जब सरकार वरिष्ठ नागरिकों की देखभाल की जिम्मेदारी लेने में सक्षम नहीं है, तो फिर ऐसी योजनाओं के प्रचार-प्रसार के नाम पर जनता को गुमराह क्यों किया जा रहा है?* निःशुल्क तीर्थयात्रा का अर्थ केवल ट्रेन में बैठाकर गंतव्य तक पहुंचाना नहीं, बल्कि यात्रा की शुरुआत से लेकर सुरक्षित वापसी तक बुजुर्गों की सुविधाओं, स्वास्थ्य और सम्मान का ध्यान रखना भी है।

उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार को विज्ञापनों और घोषणाओं से बाहर निकलकर धरातल पर काम करना चाहिए। धार्मिक आस्था से जुड़ी योजनाओं में इस प्रकार की लापरवाही किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं है। बुजुर्गों के साथ हुआ यह व्यवहार उन परिवारों की चिंता भी बढ़ाता है, जिन्होंने अपने परिजनों को सरकार की व्यवस्था पर भरोसा करके तीर्थयात्रा पर भेजा था।

डॉ. राजकुमार जयपाल ने मांग की कि राजस्थान सरकार इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच करवाए, यात्रा के संचालन और व्यवस्थाओं के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करे तथा प्रभावित यात्रियों को हुई परेशानियों के लिए उचित कार्रवाई सुनिश्चित करे। साथ ही भविष्य में प्रत्येक तीर्थयात्रा के लिए ठहरने, भोजन, पेयजल, शौचालय, चिकित्सा सहायता और अटेंडेंट की उपस्थिति की पूर्व व्यवस्था अनिवार्य की जाए।

*उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान, सुरक्षा और अधिकारों के मुद्दे पर चुप नहीं बैठेगी।* भाजपा सरकार को यह समझना होगा कि बुजुर्ग कोई बोझ नहीं, बल्कि समाज की धरोहर हैं। उनकी आस्था के साथ खिलवाड़ और उनकी गरिमा की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सरकार को जवाब देना होगा कि आखिर तीर्थदर्शन की उम्मीद लेकर निकले बुजुर्गों को परेशानी, बेबसी और अव्यवस्थाओं का सामना क्यों करना पड़ा?

*शैलेश गुप्ता, प्रवक्ता, अजमेर शहर जिला कांग्रेस कमेटी ने कहा* कि वरिष्ठ नागरिकों की तीर्थयात्रा में सामने आई अव्यवस्थाएं भाजपा सरकार के दावों और जमीनी हकीकत के बीच का अंतर उजागर करती हैं। सरकार को बुजुर्गों की पीड़ा को गंभीरता से लेते हुए तत्काल उचित कदम उठाने चाहिए, ताकि भविष्य में किसी भी वरिष्ठ नागरिक को धार्मिक यात्रा के दौरान ऐसी परेशानियों का सामना न करना पड़े। कांग्रेस पार्टी बुजुर्गों के सम्मान और सुविधाओं के लिए अपनी आवाज बुलंद करती रहेगी।
जारीकर्ता
शैलेश गुप्ता
प्रवक्ता
अजमेर शहर जिला कांग्रेस कमेटी

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