डॉ. मधु खंडेलवाल ‘मधुर’ के नेतृत्व में 10 सदस्यीय महिला साहित्यकारों का दल करेगा हिंदी साहित्य और भारतीय संस्कृति का प्रतिनिधित्व।
अजमेर। राजस्थान की साहित्यिक प्रतिभा और महिला सृजनशक्ति अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराने जा रही है। अजमेर लेखिका मंच एवं सामाजिक सेवा संस्थान (पंजीकृत) की 10 महिला साहित्यकार 18 अक्टूबर 2026 को बैंकॉक, थाईलैंड में आयोजित अंतरराष्ट्रीय साहित्य सम्मेलन में सहभागिता करेंगी। संस्थान की संस्थापिका एवं अध्यक्ष डॉ. मधु खंडेलवाल ‘मधुर’ के नेतृत्व में जा रहा यह साहित्यिक प्रतिनिधिमंडल अजमेर सहित पूरे राजस्थान का गौरव बढ़ाएगा और वैश्विक पटल पर हिंदी भाषा, भारतीय साहित्य तथा सांस्कृतिक विरासत की सशक्त पहचान प्रस्तुत करेगा।
थाईलैंड हिंदी परिषद एवं थाई-इंडियन कम्युनिटी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस सम्मेलन में काव्य गोष्ठी, गीत-ग़ज़ल प्रस्तुतियों और साहित्यिक संवाद के माध्यम से साहित्य की विविध विधाओं का स्वर मुखर होगा। सम्मेलन का उद्देश्य हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार, भारतीय साहित्य एवं संस्कृति के वैश्विक प्रसार तथा भारत-थाईलैंड के सांस्कृतिक संबंधों को और अधिक सुदृढ़ करना है।
साहित्य के माध्यम से विश्व को जोड़ने का प्रयास
डॉ. मधु खंडेलवाल ‘मधुर’ ने कहा कि “साहित्य केवल शब्दों की अभिव्यक्ति नहीं, बल्कि संस्कृतियों को जोड़ने, संवेदनाओं को साझा करने और मानवीय मूल्यों को विश्व तक पहुँचाने का सशक्त माध्यम है।” उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि बैंकॉक का यह सम्मेलन हिंदी साहित्य को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान देने के साथ-साथ राजस्थान की साहित्यिक परंपरा और महिला लेखन की सृजनात्मक शक्ति को भी नई ऊँचाइयाँ प्रदान करेगा।
प्रतिनिधिमंडल में शामिल साहित्यकार
इस अंतरराष्ट्रीय साहित्यिक यात्रा में डॉ. मधु खंडेलवाल ‘मधुर’, डॉ. नंदिता, खुशबू राठौड़, डॉ. पुष्पा क्षेत्रपाल, डॉ. अनुपमा वर्मा, डॉ. अल्पा नागर, इंदु वैद्य, प्रतिभा जोशी एवं नीतू यादव एवं दीपशिखा शामिल हैं। ये महिला लेखिकाएं अपनी रचनात्मक प्रस्तुतियों के माध्यम से हिंदी साहित्य की समृद्ध परंपरा, भारतीय जीवन-मूल्यों और सांस्कृतिक विविधता को अंतरराष्ट्रीय श्रोताओं के समक्ष प्रस्तुत करेंगी।
अजमेर लेखिका मंच एवं सामाजिक सेवा संस्थान साहित्यिक गतिविधियों के साथ महिला सशक्तीकरण और सामाजिक सरोकारों के क्षेत्र में भी सक्रिय है। संस्थान की इस अंतरराष्ट्रीय सहभागिता को महिला लेखन को वैश्विक मंच दिलाने, साहित्यिक संवाद की नई संभावनाएँ विकसित करने तथा हिंदी की प्रतिष्ठा बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
बैंकॉक में होने वाला यह साहित्यिक आयोजन अजमेर की लेखिकाओं के लिए अपनी प्रतिभा, विचारों और सांस्कृतिक विरासत को विश्व के सामने प्रस्तुत करने का महत्वपूर्ण अवसर होगा।