25 अक्टूबर को बिलासपुर में होगा भव्य पुस्तक विमोचन एवं कवि सम्मेलन, देशभर के 50 साहित्यकारों की रहेगी गरिमामयी उपस्थिति।
अरांई (अजमेर, राजस्थान)। राजस्थान के अजमेर जिले के अरांई निवासी एवं केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) में सेवारत सैनिक कवि गणपत लाल उदय छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में आयोजित होने वाले ‘संत और सिपाही’ साझा काव्य संकलन के पुस्तक विमोचन समारोह एवं भव्य कवि सम्मेलन में सहभागी होंगे। इस साहित्यिक आयोजन को लेकर साहित्य जगत में उत्साह का माहौल है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह भव्य साहित्यिक समारोह 25 अक्टूबर 2026, रविवार को प्रातः 11 बजे से सायं 4 बजे तक महर्षि विश्वविद्यालय, मंगला, बिलासपुर (छत्तीसगढ़) में आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में संकलन से जुड़े लगभग 50 साहित्यकारों, कवियों एवं कवयित्रियों की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी। इस अवसर पर साहित्यकार अपनी रचनाओं के माध्यम से साहित्य, संस्कृति और सामाजिक सरोकारों को अभिव्यक्त करेंगे।
कार्यक्रम के संरक्षक डॉ. रमेश चंद्र श्रीवास्तव, पूर्व आई.ए.एस. अधिकारी, मध्य क्षेत्र (बिलासपुर) हैं। वहीं, अशोक शर्मा ‘अद्वितीय’, बिलासपुर (छत्तीसगढ़) कार्यक्रम के मार्गदर्शक होंगे। कार्यक्रम संयोजक की जिम्मेदारी दीपक दुबे ‘सागर’ तथा सहसंयोजक की जिम्मेदारी विक्रम सिंह सेंगर निभाएंगे।
सैनिक से साहित्यकार तक का प्रेरणादायक सफर
सैनिक कवि गणपत लाल उदय केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल में अपनी सेवाएं देने के साथ-साथ साहित्य साधना में भी सक्रिय हैं। उनकी रचनाएं देशभक्ति, राष्ट्रसेवा, सामाजिक चेतना और मानवीय संवेदनाओं पर आधारित हैं। विभिन्न साझा काव्य संकलनों में उनकी रचनाएं प्रकाशित हो चुकी हैं। साहित्यिक गतिविधियों एवं विभिन्न सम्मानों के माध्यम से उन्होंने अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है।
‘संत और सिपाही’ साझा काव्य संकलन के विमोचन समारोह में उनकी सहभागिता उनके साहित्यिक सफर की एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। यह आयोजन साहित्यकारों को एक साझा मंच प्रदान करने के साथ-साथ साहित्य और संस्कृति के प्रसार में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
कार्यक्रम के निवेदक धरा वंदन — छत्तीसगढ़ साहित्य एवं संस्कृति मंच, बिलासपुर (छत्तीसगढ़) हैं।
सैनिक कवि — गणपत लाल उदय
अरांई, जिला अजमेर, राजस्थान
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