मंच, समय और दिन प्रधानमंत्री तय करें, राहुल गांधी आमने-सामने चर्चा को तैयार; भाजपा बताए कि तिरंगा यात्रा निकालना उसका अधिकार है तो युवाओं को तिरंगा लहराने पर जेल क्यों?
अमित शाह द्वारा राहुल गांधी की रैली को घुसपैठियों को बचाने वाली बताने और नितिन नवीन द्वारा विदेशी ताकतों का टूलकिट कहने पर कांग्रेस का पलटवार, भाजपा पर लोकतंत्र और संविधान की दोहरी व्याख्या करने का आरोप
अजमेर शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक डॉ. राजकुमार जयपाल तथा प्रवक्ता शैलेश गुप्ता ने संयुक्त बयान जारी कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन पर तीखा राजनीतिक हमला बोला है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता एवं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुली बहस की चुनौती देकर लोकतंत्र में जवाबदेही की एक मिसाल पेश की है। राहुल गांधी ने स्पष्ट कहा है कि मंच आपका होगा, समय आपका होगा और दिन भी आपका होगा, आइए आमने-सामने बैठकर देश के मुद्दों पर चर्चा कीजिए। अब प्रधानमंत्री को इस चुनौती से पीछे नहीं हटना चाहिए।
डॉ. जयपाल ने कहा कि देश महंगाई, बेरोजगारी, किसानों की बदहाली, युवाओं के भविष्य, आर्थिक असमानता और चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता जैसे गंभीर सवालों के जवाब चाहता है। प्रधानमंत्री को इन सवालों का सामना करना चाहिए। केवल चुनावी सभाओं में भाषण देना और विपक्ष पर आरोप लगाना नेतृत्व नहीं है। वास्तविक नेतृत्व जनता के सवालों का जवाब देने और जवाबदेही स्वीकार करने से साबित होता है।
भाजपा के नेताओं के बयानों में ही छिपी है उनकी बेचैनी
डॉ. जयपाल ने कहा कि 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में हुई कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन की महारैली के बाद भाजपा के शीर्ष नेताओं की प्रतिक्रियाएं उनकी राजनीतिक बेचैनी को उजागर कर रही हैं। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने 2 नवंबर को हैदराबाद में तिरंगा यात्रा निकालते हुए राहुल गांधी की रैली को ‘घुसपैठियों को बचाने वाली रैली’ बताया और राहुल गांधी को संसद में विशेष सत्र के दौरान एसआईआर पर बहस की चुनौती दी। वहीं भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने राहुल गांधी को विदेशी ताकतों का टूलकिट बताते हुए विपक्षी दलों के आंदोलन को चुनावी हार से उपजी निराशा करार दिया।
डॉ. जयपाल ने सवाल किया कि क्या देश के नेता प्रतिपक्ष और विपक्ष के सवालों का जवाब देने का यही तरीका रह गया है? लोकतंत्र में सवाल उठाना देशविरोधी गतिविधि कैसे हो सकता है? चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाना, मतदाता सूची की निष्पक्षता की मांग करना और चुनाव आयोग से जवाब मांगना प्रत्येक नागरिक और राजनीतिक दल का लोकतांत्रिक अधिकार है। भाजपा को मुद्दों का जवाब मुद्दों से देना चाहिए, न कि विपक्षी नेताओं पर व्यक्तिगत और अपमानजनक टिप्पणियां करके।
भाजपा खुद तिरंगा यात्रा निकाले तो लोकतंत्र, युवा तिरंगा लहराएं तो जेल क्यों?
डॉ जयपाल ने कहा कि भाजपा की दोहरी नीति देश के सामने उजागर हो रही है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह हैदराबाद में तिरंगा यात्रा निकालते हैं, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और अन्य भाजपा नेता अलग-अलग राज्यों में लोकतंत्र बचाओ यात्राएं निकालते हैं, लेकिन जब विपक्ष अपनी बात जनता तक पहुंचाने के लिए आंदोलन करता है तो उसे तरह-तरह की बंदिशों और दबावों का सामना करना पड़ता है।
डॉ जयपाल ने कहा कि जंतर-मंतर पर तिरंगा लेकर विरोध प्रदर्शन करने वाले युवाओं के मामले में पांच दिन की न्यायिक हिरासत तक की कार्रवाई हुई। यह सही है कि पुलिस ने संबंधित प्रदर्शनकारियों के खिलाफ निर्धारित प्रदर्शन स्थल और बैरिकेडिंग से जुड़े उल्लंघन के आरोप भी लगाए, लेकिन सवाल यह है कि युवाओं की लोकतांत्रिक आवाज और उनके विरोध के अधिकार को इतनी कठोरता से क्यों देखा जा रहा है? तिरंगा देश की आन-बान और शान है। भाजपा नेताओं के हाथ में तिरंगा सम्मान का प्रतीक और दूसरे युवाओं के हाथ में तिरंगा कानून-व्यवस्था का सवाल कैसे बन जाता है?
उन्होंने कहा कि भाजपा को स्पष्ट करना चाहिए कि क्या तिरंगा यात्रा निकालने का अधिकार केवल भाजपा के पास है? क्या विपक्ष को अपनी बात रखने, सरकार से सवाल पूछने और लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराने का अधिकार नहीं है? संविधान किसी एक राजनीतिक दल की जागीर नहीं है।
भाजपा के नेताओं से सवाल—विपक्ष की आवाज से इतना डर क्यों?
दोनों कांग्रेस नेताओं ने कहा कि भाजपा नेता रामलीला मैदान की रैली को लेकर अनर्गल बयान दे रहे हैं, जबकि जनता महंगाई, बेरोजगारी और लोकतांत्रिक संस्थाओं की निष्पक्षता पर जवाब चाहती है। अमित शाह और नितिन नवीन को राहुल गांधी पर व्यक्तिगत टिप्पणियां करने के बजाय उनके उठाए सवालों का जवाब देना चाहिए। यदि भाजपा को अपनी नीतियों और चुनावी प्रक्रिया पर इतना ही भरोसा है तो खुली चर्चा से परहेज क्यों?
डॉ. जयपाल ने कहा कि भाजपा संविधान की बात तो करती है, लेकिन विपक्ष के सवालों को दबाने और आंदोलनकारियों पर कठोर कार्रवाई के मामलों में उसका रवैया गंभीर सवाल खड़े करता है। लोकतंत्र में सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों की भूमिका महत्वपूर्ण है। विपक्ष को देशद्रोही, टूलकिट या अराजक बताकर उसकी आवाज को दबाने की कोशिश लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं है।
अंत में डॉ. राजकुमार जयपाल एवं शैलेश गुप्ता ने संयुक्त रूप से कहा कि राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुली बहस का आमंत्रण दिया है। प्रधानमंत्री अपनी सुविधानुसार मंच, समय और दिन तय करें। राहुल गांधी जनता के मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार हैं। अब देश देखना चाहता है कि प्रधानमंत्री जनता के सवालों का सामना करते हैं या फिर भाजपा के नेता बयानबाजी के जरिए असली मुद्दों से ध्यान भटकाते रहेंगे।
जारीकर्ता:
शैलेश गुप्ता
प्रवक्ता, अजमेर शहर जिला कांग्रेस कमेटी