वर्ष 2013-14 की 12.40 अरब की वार्षिक योजना का अनुमोदन

sushil kanwar 1अजमेर। अजमेर जिले की वर्ष 2013-14 की 12 अरब 40 करोड़ 65 लाख की वार्षिक योजना का अनुमोदन आज जिला आयोजना समिति द्वारा किया गया जिसे स्वीकृति हेतु राज्य सरकार को भेजा जायेगा ।
जिला प्रमुख श्रीमती सुशील कंवर पलाड़ा की अध्यक्षता में आयोजित जिला आयोजना समिति की बैठक में किये गये इस अनुमोदन में वर्ष 13-14 की वार्षिक योजना में राज्य की सीलिंग छः अरब 60 करोड़ 15 लाख तथा केन्द्र की सीलिंग 5 अरब 80 करोड़ 49 लाख निर्धारित की गई हैं।
जिला प्रमुख श्रीमती सुशील कंवर पलाड़ा ने कहा कि जनप्रतिनिधि, अधिकारियों व सभी को मिलकर ऐसे सामूहिक प्रयास करने होंगे कि अजमेर जिला विकास के हर क्षेत्रा में सबसे अव्वल स्थान पर रहें। उन्होंने कहा कि विकास का कार्य सेवा का कार्य हैं जिससे हमे पूरी मेहनत और ईमानदारी के साथ करना चाहिए, इससे गरीब व आम लोगों के जहां काम होते हैं वही उनके दुःख दर्द भी दूर होते हैं। उन्होंने सभी अधिकारियों से पूरी तैयारी के साथ बैठक में आने और जनप्रतिनिधियांे की भावना व अकांक्षाओं के अनुरूप विकास कार्य कराने का प्रयास करें।
जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सी. आर.मीना ने वार्षिक योजना की जानकारी देते हुए बताया कि इसमें सर्वाधिक महत्व ग्रामीण विकास को दिया गया है जिसमें 31.27 प्रतिशत राशि खर्च करने का प्रावधान रखा गया है जिसमें 3 अरब 87 करोड़ 98 लाख रूपये राशि का प्रावधान हैं। इसके पश्चात शिक्षा को प्राथमिकता दी गई है जिस पर 14.75 प्रतिशत राशि व्यय होगी जो एक अरब 83 करोड़ तीन लाख रूपये हैं। नगरीय एवं शहरी विकास पर 12.91 प्रतिशत राशि का प्रावधान किया गया है जो एक अरब 60 करोड़ 23 लाख हैं चिकित्सा क्षेत्र पर वार्षिक योजना का 9.99 प्रतिशत राशि खर्च करने का प्रावधान है जो एक अरब 24 करोड़ हैं।
मीना के अनुसार कृषि क्षेत्र में 13 करोड़ 32 लाख, उद्यान क्षेत्र में 11 करोड़ 84 लाख, भू संरक्षण में एक करोड़ 38 लाख, पशुपालन पर 3 करोड़ 89 लाख, उर्जा क्षेत्र पर 81 करोड़ 37 लाख, पेयजल व्यवस्था पर 92 करोड़ 91 लाख, उद्योग क्षेत्र पर 2 करोड़ 58 लाख, सड़क एवं पूल निर्माण कार्याें पर 83 करोड़ 29 लाख, पोषाहार पर 38 करोड़ 87 लाख, वन कार्याें पर 2 करोड़ 47 लाख, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की विभिन्न योजनाओं पर 42 करोड़ 68 लाख, जन वितरण प्रणाली पर 5 करोड़ 40 लाख, पर्यटन विकास के लिए 47 लाख, जनजाति विकास के लिए 44 लाख, भू जल विभाग के लिए 2 लाख तथा राजस्थान कॉपरेटिव आवास विकास निगम के कार्याें पर 4 करोड़ 48 लाख खर्च करने का प्रावधान रखा गया हैं।
बैठक में वर्ष 2012-13 में खर्च की गई राशि वित्तीय एवं भौतिक प्रगति की समीक्षा की गई जिसमें जिले में 7 अरब 20 करोड़ रूपये का आवंटन किया गया, इसके विरूद्ध विभिन्न योजनाओं पर 6 अरब 36 करोड़ रूपये व्यय हुए जो 88.28 प्रतिशत हैं।
मुख्य आयोजना अधिकारी श्रीमती बीना वर्मा ने सभी विभागों के अधिकारियों से कहा कि वे अपने विभाग से सम्पर्क कर योजनामद में बजट आवंटन करवा कर उसके अनुसार विकास कार्याें को अंजाम दे ।
अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी किशोर कुमार ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया। बैठक में उप जिला प्रमुख ताराचन्द, जिला रसद अधिकारी श्रीमती सुनीता डांगा सहित सभी विभागों के अधिकारी मौजूद थे। आयोजना समिति के सदस्य के.जी. जोशी ने गत वर्ष की वार्षिक योजना में हुए कार्याें पर विस्तार में चर्चा की।

 

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