*संसार असार है, संयम में ही सार है :गुरुदेव श्री प्रियदर्शन मुनि*
संघनायक गुरुदेव श्री प्रियदर्शन मुनि जी महारासा ने फरमाया कि हम अगर अपने आप को महावीर की संतान कहते हैं,तो हमें भी उनके बताए हुए मार्ग पर चलकर उन्ही के समान बनने का प्रयास करना चाहिए। और इसी प्रयास हेतु हम प्रतिदिन प्रभु महावीर की मंगलमय जीवन गाथा को सुन रहे हैं। क्योंकि महावीर बनने … Read more