विप्रो का मुनाफा 18.37 फीसदी बढ़ा

देश की तीसरी सबसे बड़ी सॉफ्टवेयर कंपनी विप्रो का एकीकृत शुद्ध लाभ वित्त वर्ष 2012-13 की पहली तिमाही में 18.37 प्रतिशत बढ़कर 1,580.2 करोड़ रुपये रहा। बांबे स्टॉक एक्सचेंज को दी गई सूचना में कंपनी ने बताया क‌ि वित्त वर्ष 2010-11 की इसी तिमाही (अप्रैल-जून) में कंपनी का शुद्ध लाभ 1,334.9 करोड़ रुपये था।

जून 2012 को समाप्त तिमाही में विप्रो ने की कुल आय 24.37 प्रतिशत बढ़कर 10,619.6 करोड़ रुपये रही जो पिछले वर्ष की इसी तिमाही में 8,538.4 करोड़ रुपये थी। विप्रो के चेयरमैन अजीम प्रेमजी ने कहा, आज के जटिल कारोबारी माहौल में कंपनियां प्रतिस्पर्धा में सुधार के लिए बदलाव लाने वाली प्रौद्योगिकी में निवेश कर रही हैं। हम इसे एक अवसर के रूप में देख रहे हैं।

विप्रो की आईटी सेवा से आय सालाना आधार पर जून तिमाही में 30 प्रतिशत बढ़कर 8,314 करोड़ रुपये रही। कंपनी की कुल आय में आईटी सेवा की हिस्सेदारी 78 प्रतिशत है। डॉलर के रूप में आईटी सेवा से आय सालाना आधार पर आलोच्य तिमाही में आठ प्रतिशत बढ़कर 151.5 करोड़ डॉलर रही। कंपनी ने वर्ष 2012 की अप्रैल-जून तिमाही में आईटी सेवा से आय 152 करोड़ डॉलर से 155 करोड़ डॉलर रहने का अनुमान जताया था।

कंपनी के आईटी सेवा खंड में आलोच्य तिमाही के दौरान 2,632 लोगों को रोजगार मिला। इससे उसके कर्मचारियों की संख्या जून 2012 को बढ़कर 1,38,552 हो गयी। आईटी उत्पादों से कंपनी की आय जून, 2012 को समाप्त तिमाही में पांच प्रतिशत घटकर 953 करोड़ रुपये (17.2 करोड़ डॉलर) रही। विप्रो की कंज्यूमर केयर तथा लाइटिंग कारोबार से आय आलोच्य तिमाही में 30 प्रतिशत बढ़कर 980 करोड़ रुपये (17.6 करोड़ डॉलर) रही।

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