*भक्तामर की रचना पर नाटिका का मंचन, भक्तिभाव से कोई काम करो तो चमत्कार स्वतः हो जाते हैं*
ब्यावर। बिरद भवन में गतिमान चातुर्मासिक प्रवचन में महासती धैर्यप्रभा द्वारा प्रतिदिन भक्तामर स्त्रोत की महिमा का वाचन हो रहा हैं। महासती ने दुर्योधन का दृष्टांत देकर उन्हेंबताया कि प्रत्येक व्यक्ति में गुण और अवगुण दोनों होते है। यह हम पर होता है कि हम उसमें गुण देखते है या अवगुण। हम बहुत सारे दर्शन … Read more