” शायरी-सरहद से परे” का निरस्त होना : संकल्पना का बिखरना
अजमेर लिटरेचर फेस्टिवल श्रृंखला के तहत आयोजन” शायरी-सरहद से परे” का निरस्त होना महज एक कार्यक्रम का निरस्त होना नहीं था। संकल्पना का बिखरना,पहल का अस्वीकार या भाषाई मुहावरे का राजनैतिक नकार था। कार्यक्रम में साहित्य अकादमी पुरस्कार विजेता शायर शीन काफ निजाम स्व. निदा फाजली की प्रासंगिकता ,लेखन और विस्थापन के दर्द को बताते … Read more