ब्यावरवासियो की किस्मत में गिड़गिड़ाते रहने की ही विडम्बना हो गई दिखती हे…?
“देनिक भास्कर” समाचार पत्र की ब्यावर के हक के लिए एक सार्थक पहल लो…!! अब ब्यावरवासियो को एक बार और जलील होना पड़ रहा हे। उससे दस गुना छोटा कस्बा… बावल। आबादी…मात्र तीस हजार। उससे भी दो कदम और आगे। गाँव…पटोदी। इसकी आबादी मात्र पन्द्रह हजार!! ये दोनों ही ब्यावर का मुँह चिढ़ा रहे हे। … Read more