अजमेर में कांग्रेस के स्तम्भ एडवोकेट जसराज जयपाल

अजमेर शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष रहे एडवोकेट जसराज जयपाल अपने आप में एक संस्था हैं। आजादी के बाद अजमेर की राजनीति में उनके परिवार का खासा वर्चस्व बना हुआ है। उनका जन्म 13 मई 1930 को ब्यावर इलाके के छोटे से गांव झाक में हुआ। उनके पिता स्वर्गीय श्री केशवराम ब्यावर स्थित कपड़ा मिल में … Read more

अजमेर ने खो दिया समाजसेवी श्री श्यामसुंदर छापरवाल को

अजमेर ने हाल ही प्रमुख समाजसेवी श्री श्यामसुंदर छापरवाल को खो दिया। वे न केवल प्रतिष्ठित व्यवसायी थे, अपितु आध्यात्मिक नगर अजमेर में आयोजित विशाल धार्मिक आयोजनों में उनकी अहम भूमिका रही। श्रद्धेय श्री डोंगरे जी महाराज, कथा वाचक श्री मुरारी बापू, श्री रामसुखदास जी महाराज जैसे बडे संतों के प्रवचनों व कथाओं में उन्होंने … Read more

हरदिल अजीज शख्सियत: डॉ. सुरेश गर्ग

डॉ. सुरेश गर्ग का नाम परिचय का मोहताज नहीं। शहर का शायद ही कोई ऐसा जागरूक व्यक्ति होगा, जो उनको न जानता हो, या जिसने इस हरदिल अजीज शख्सियत का नाम न सुना हो। असल में इसकी एक मात्र वजह ये है कि एक तो वे आम जनता से जुड़ी नगर पालिका सेवा में रहे, … Read more

मनो संवाद विधि से गीता पर लिखी अनूठी पुस्तक

आपको यह जान कर अचरज हो सकता है कि क्या मनोसंवाद विधि से, पश्यंति वाणी से कोई पुस्तक लिखी जा सकती है। जी हां, अजमेर के विद्वान श्री शिव शर्मा ने यह उपलब्धि हासिल की है। इस पुस्तक में सूफी संत हजरत हरप्रसाद मिश्रा उवैसी ने गीता के एक श्लोक की 110 पेज में व्याख्या … Read more

राजस्थान की वित्तीय व्यवस्था के आधार स्तम्भ श्री गोविंद देव व्यास

श्री गोविंद देव व्यास की गिनती राजस्थान के उन अधिकारियों में होती है, जिन्होंने राज्य की वित्तीय व्यवस्था को दिशा देने में अहम भूमिका अदा की है। यदि यह कहा जाए कि वे विकासमान राजस्थान के स्वप्नदृष्टाओं में से एक हैं, तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी। सेवानिवृत्ति के बाद भी भावी आरएएस अधिकारियों को प्रशिक्षण … Read more

अजमेर रत्न: डॉ. बद्रीप्रसाद पंचोली

झालावाड़ के खानपुर में 1 जून, 1935 को जन्मे डॉ. बद्रीप्रसाद पंचोली राजस्थान के प्रतिष्ठित साहित्यकार, प्रख्यात वेद विज्ञ, शिक्षाविद, पत्रकार, सामाजिक विचारक और हिंदी व संस्कृत के जाने-माने विद्वान हैं। उन्होंने हिंदी व संस्कृत में एम. ए. व पीएचडी की है। उनकी प्रथम नियुक्ति कोटा में अध्यापक के पद पर हुई। इसके बाद श्रीगंगानगर … Read more

अजमेर उत्तर में कांग्रेस टिकट के प्रबल दावेदार थे जस्टिस इंद्रसेन इसरानी

राजनीति की समझ रखने वालों में से कम लोगों को ही जानकारी होगी कि राजस्थान विशेष पिछडा वर्ग आयोग के अध्यक्ष रहे जस्टिस स्वर्गीय श्री इंद्रसेन इसरानी अजमेर उत्तर में कांग्रेस टिकट के प्रबल दावेदार थे। भूतपूर्व राजस्व मंत्री स्वर्गीय श्री किशन मोटवानी के निधन के कारण हुए विधानसभा उप चुनाव में मैदान खाली देख … Read more

पान की दुकानों पर भी जुटते हैं किस्सागो

ठीयों की बात हो और पान की दुकानें ख्याल में न आएं, ऐसा कैसे हो सकता है। वस्तुतः ये भी शहर की पंचायती करने वालों से सजती रही हैं। एक समय क्लॉक टावर थाने के नुक्कड़ पर इंडिया पान हाउस हुआ करता था, जो बाद में अतिक्रमण हटाओ अभियान में नेस्तनाबूद हो गया और बाद … Read more

और भी रहे हैं ठीये-ठिकाने चौधर करने वालों के

पिछले किस्से में हमने नाले शाह की मजार का जिक्र किया था। दैनिक राज्यादेश व दैनिक मरु प्रहार के संपादक श्री गोपाल सिंह लबाना ने जानकारी दी है कि नाले शाह की मजार की तरह का ही एक और ठीया हुआ करता था। वे बताते हैं कि मदारगेट पर राधाकृष्ण गुरुदयाल मिष्ठान्न भंडार के पास … Read more

क्या मीडिया की सतत कवायद बेमानी तो नहीं?

पूरे राजस्थान में अजमेर के मीडिया की विषेश पहचान है। विषेश रूप से खोजपूर्ण पत्रकारिता में यह अग्रणी रहा है। अजमेर की ज्वलंत समस्याओं के लिए यहां का मीडिया षासन-प्रषासन को सतत जगाता रहता है, मगर चहुंओर समस्याओं का अंबार कभी खत्म होने का नाम ही नहीं लेता। स्थाई-अस्थाई अतिक्रमण पसरे हुए हैं। नालों को … Read more

सर्वधर्म सद्भाव की लौ प्रज्ज्वलित करने के लिए साधुवाद

दरगाह ख्वाजा साहब और तीर्थराज पुष्कर को अपने आंचल में समेटे अजमेर की पावन धरा को सांप्रदायिक सौहार्द की नगरी कहा जाता है। अनेक झंझावातों में इसका पुर सुकून मंजर सदैव अकंपित रहा है। यदाकदा ऐसी चिन्गारियां भी छोडी जाती रही हैं, मगर उसकी यात्रा ज्यादा दूर तक नहीं चल पाती। वस्तुतः इस नगरी का … Read more

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