हिन्दुओं की आस्था पर प्रहार कब तक?

जम्मू-कश्मीर में आतंकियों ने पंद्रह साल बाद एक बार फिर कायराना हरकत की है। हिन्दू आस्था और सौहार्द पर आतंकवाद का कहर टूटा है। सावन के पहले सोमवार की रात लश्कर-ए-तैयबा के आतंकियों ने अमरनाथ यात्रियों को निशाना बनाया। हमले में सात श्रद्धालु यात्री मारे गए और दो दर्जन से ज्यादा घायल हो गए। श्रद्धालु … Read more

गऊ रक्षकों का गोरख धंधा

माननीय प्रधान मंत्री द्वारा कथित गौ रक्षको को खुले मंच से बार बार चेतावनी देने के बाद भी यदि गौरक्षकों को शासन से लेंकर प्रधान मंत्री की चेतावनी का अगर कोई असर नहीं हो रहा है तो यह एक गंभीर मसला बन जाता है क्योंकि कथित गौरक्षक उन्ही संघटनो से निकल कर आते है जिनका … Read more

चीन के उन्मादी बोलों का अंत कहाँ जाकर होगा

विश्व भर के लिए लाइलाज बीमारी बन चुका चीन उन्मादी बोल बोल रहा है। भारत के साथ-साथ, मंगोलिया, कजाकिस्तान, किरगिस्तान, ताजिकिस्तान, अफगानिस्तान, नेपाल, भूटान, बर्मा, लाओस, विएतनाम, उत्तरी कोरिया से चीन की थल सीमाएं मिलती हैं। जापान, फिलिपीन्स, दक्षिण कोरिया तथा ताइवान से उसकी समुद्री सीमाएं मिलती हैं। इन सभी देशों से उसका सीमा विवाद … Read more

योगी राज में कितना बदला उत्तर प्रदेश

तारकेश कुमार ओझा यह विचित्र संयोग रहा कि सात साल बाद विगत मार्च में जब मेरा देश के सबसे बड़े सूबे उत्तर प्रदेश में जाना हुआ तब राज्य में विधानसभा के चुनाव अपने अंतिम चरण में थे, और इस बार जुलाई के प्रथम दिनों में ही फिर प्रदेश जाने का संयोग बना तब देश के … Read more

महामहिम और विवाद

वैसे तो राष्ट्रपति, लोकसभा के अध्यक्ष, राज्यं सभा के सभापति और प्रदेशों के राज्यपाल अक्सर विभिन्न राजनितिक दलों के सदस्य या कट्टर समर्थक ही होते हैं जिनकी निष्ठां राष्ट्र के प्रति काम और अपनी पार्टी के प्रति अधिक होती है और यह स्वाभाविक भी है क्योंकि जीवन भर निष्ठां का प्रदर्शन करके ही उच्च पदों … Read more

घमण्ड और व्यापार ले डूबेंगे चीनी बौनों को!

चीन जिस तरह से विश्व भर के देशों के साथ घमण्ड भरा व्यवहार कर रहा है, वह चीनी बौनों के लिए तो घातक सिद्ध होने वाला है ही, साथ ही पूरी दुनिया को तबाही की ओर ले जाने वाला है। यह ठीक वैसा ही है जैसे हिटलर का घमण्ड जर्मनी को तथा नेपोलियन बोनापार्ट का … Read more

वैचारिक हिंसा का प्रायोजित प्रदर्शन #NotInMyName

ये बदहवास सा वक्‍त हमारी रूहों के गिर्द कुछ इस तरह चस्‍पा किया जा चुका है कि तमाम कोशिशें नाकाफी मालूम पड़ती हैं, बावजूद इसके हम मायूस नहीं हैं, कतई नहीं। ऐसा लगता है कि हम जितना आगे जाने की कोशिश करते हैं, उतनी ही हमारी टांगें पीछे की ओर खींचने वाले पहले से ताक … Read more

कपड़ा मार्केट पर बंद की बारिश, भीगे पापड़ संभाल रही महिलाएं

– मोहन थानवी – जीएसटी अब लागू होने को है। जीएसटी के समर्थकों द्वारा खूब ढोल बजाया जा रहा है कि इसके लागू होने से आमजन को और व्यापार-उद्योग जगत को सहूलियत रूपी लाभ मिलेगा। जबकि बीकानेरी पापड़ उद्योग की रीढ, पापड़ बटाई कर परिवार चलाने वाली हजारों महिलाएं अपनी मेहनत से जमा जमाया रोजगार … Read more

लो जी कर लो सच्चाई केे दर्शन

रजनीश रोहिल्ला। अजमेर साल 2014 में जनता के अपार समर्थन से मोदी सरकार अस्तित्व में आई तो इस सरकार से लोगों में अपार आशाएं जन्म लेने लगी थी। लोगों में आशाएं थी कि, मोदी सरकार बनी है अब भारत जापान बन जायेगा, पाकिस्तान और चीन को दुनिया के नक़्शे से मिटा देगा। दरअसल मोदी सरकार … Read more

यह आंदोलन , वह आंदोलन ….!!

तारकेश कुमार ओझा इसे संयोग ही मानता हूं कि मध्य प्रदेश के मंदसौर में जिस दिन पुलिस फायरिंग में छह किसानों की मौत हुई, उसी रोज कभी मध्य प्रदेश का हिस्सा रहे छत्तीसगढ़ से मैं अपने गृहप्रदेश पश्चिम बंगाल लौटा था। मानवीय स्वभाव के नाते शुक्र मनाते हुए मैं खुद को भाग्यशाली समझने लगा कि … Read more

धार्मिक ग्रंथों का अपमान क्यों …?

दीपक कुमार दासगुप्ता हम बचपन से देखते आ रहे हैं कि अदालती कार्रवाई के दौरान कठघरे में खड़ा व्यक्ति किसी न किसी धार्मिक ग्रंथ पर हाथ रख कर कहता है कि मैं जो भी कहूंगा , सच कहूंगा … सच के सिवा कुछ नहीं कहूंगा। अदालतों में इस तरह के हजारों मामले चलते रहते हैं … Read more

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