तो बेजुबान गाय पर ही कर रहे है अत्याचार ••

◆ *कुछ जानवर से भी गए गुजरे लोगो का बस इंसानो पर नहीं चल रहा है तो बेजुबान गाय पर ही कर रहे है अत्याचार •••* ◆ *कोटा और बूंदी में असामाजिक तत्वों ने की हैवानियत की सारी हदे की पार •••* *एक दिन पहले जहाँ कोटा में कुछ असामाजिक तत्वों ने गाय पर पेट्रोल … Read more

पूरा भारत हिंदुत्व की प्रयोग शाला

स्वर्ग से भी सूंदर इस धरा यानि भारत वर्ष को पाकिस्तान की तर्ज पर हिंदुस्तान बनाने के प्रयोग में जिनती ताकत से जोगी ,भोगी, योगी , रोगीं ,तेली, तमोली , चाय वाला , पाँव वाला, भजिया वाला डब्बे वाला और न जाने केतने कितने “वालों” का उपयोग इस प्रयोग को करने में स्वयं के सेवक … Read more

पांच किसानों की मौत का जिम्मेदार कौन है!

सत्ताधारी दल की लॉलीपॉप छाप राजनीति ? या राजनीतिक दलों की गलाकाट प्रतियोगिता ? या असामाजिक तत्वों के बढ़ते हौंसले ? कौन है जिम्मेदार किसानों की मौत का ? मंदसौर में पांच किसान बंदूक की गोली से मारे गए। इस बात पर अनंत काल तक बहस की जा सकती है कि इन किसानों की हत्या … Read more

विरोध का गिरता स्तर गोवध

किसी भी राज्य या फिर राष्ट्र की उन्नति अथवा अवनति में राजनीति की एक अहम भूमिका होती है। मजबूत विपक्ष एवं सकारात्मक विरोध की राजनीति विकास के लिए आवश्यक भी हैं लेकिन केवल विरोध करने के लिए विरोध एवं नफरत की राजनीति जो हमारे देश में आज कुछ लोग कर रहे हैं काश वो एक … Read more

विरोध का गिरता स्तर गोवध

किसी भी राज्य या फिर राष्ट्र की उन्नति अथवा अवनति में राजनीति की एक अहम भूमिका होती है। मजबूत विपक्ष एवं सकारात्मक विरोध की राजनीति विकास के लिए आवश्यक भी हैं लेकिन केवल विरोध करने के लिए विरोध एवं नफरत की राजनीति जो हमारे देश में आज कुछ लोग कर रहे हैं काश वो एक … Read more

पशुओं की खरीद-बिक्री के नये नियमों का विरोध क्यों?

पशुओं की खरीद-बिक्री के नए नियम तय करने के केंद्र सरकार के साहसिक एवं सूझबूझपूर्ण निर्णय का चहुंओर स्वागत हो रहा है तो अनावश्यक उग्रता भी देखने को मिल रही है। ये नए नियम उन्हें क्रूरता से बचाने के इरादे से बनाए गये हैं, सरकार का तर्क है कि बाजार से जानवर खरीदने औैर बेचने … Read more

कभी एकजुट, तो कभी बिखरा विपक्ष

संजय सक्सेना,लखनऊ हिन्दूुस्तान की राजनीति मेें बड़ा परिवर्तन दिखाई दे रहा है। एक तरफ मोदी सरकार विकास की बात कर रही है तो दूसरी ओर विपक्ष मोदी को नीचा दिखाने के चक्कर में स्वयं नीचे गिरता जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और बीजेपी के तमाम आला नेताओं के बयानों में ं दम लगता है … Read more

लोकतंत्र और फ़ौज ?

आदरणीय जनरल रावत का ब्यान जहां एक ओर अपने सैनिको को उत्साह वर्धक टॉनिक की तरह है तो दूसरी और अपने ही देश के गुमराह नागरिकों को दुश्मनी की पुरजोर और बेजोड़ धमकी है ? सवाल ये है की क्या सेना का राजनितिक गठजोड़ अपने संविधान के अनुरूप है ? हालांकि ऐसा नहीं है की … Read more

सहारनपुर: हर इक फ़साद ज़रूरत है अब सियासत की

शायर हसनैन आक़िब का एक शेर है – हर इक फ़साद ज़रूरत है अब सियासत की हर इक घोटाले के पीछे वज़ीर रहते हैं। सहारनपुर हिंसा पर जो सवाल उठ रहे हैं उनके जवाब अभी तो कोई नहीं देगा मगर सवाल तो उठ रहे हैं ना कि क्‍या हिंसा सिर्फ राजनीति से प्रेरित होती है, … Read more

कब थमेगा यह खूनी मंजर?

ब्रिटेन के मैनचेस्टर शहर में एक संगीत कार्यक्रम के दौरान हुए आतंकी हमले ने एक बार फिर दुनिया को हिला कर रख दिया है। इस अमानवीय, क्रूर एवं आतंकवादी कार्रवाई की जितनी भी निंदा की जाए, कम है। समझ में नहीं आता कि मासूम बच्चों का खून बहाकर और नौजवानों की जिंदगी छीनकर कोई कौन-सा … Read more

उत्तर प्रदेश का सहारनपुर अशांत क्यों ?

वर्तमान में उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में जिस प्रकार का माहोल है उसके लिए केवल योगी जी या मोदी जी को दोष देना गलत होगा क्योंकि योगी और मोदी केवल मोहरे है। मोहरों में अपनी कोई ताकत नहीं होती मोहरों को चलाने (खेलने) वाले पर निर्भर होता है की किस मोहरे को कहा और कैसे … Read more

error: Content is protected !!