*समय की बलिहारी, फिर झुके गर्दन हमारी*
सत्ता बदलाव के साथ बदल जाती है सरकारी हाकिमों व कारिंदों की बोली -जिस विपक्षी दल के नेताओं को तवज्जो नहीं देते थे, सत्ता में आने पर उन्हीं की पगचम्पी करने लग जाते हैं ✍️प्रेम आनन्दकर, अजमेर। 👉’’समय की बलिहारी’’, ’’समय बड़ा बलवान’’, यह जुमले, मुहावरे या कहावतें हमने बहुत सुनी होंगी। वाकई में समय … Read more