करुणा एवं संवेदनाओं से ही दुनिया में संतुलन संभव

विश्व दयालुता दिवस -13 नवम्बर, 2025 आज का मनुष्य जितनी तीव्रता से भौतिक प्रगति कर रहा है, उतनी ही तेजी से मानवीय मूल्यों और संवेदनाओं से दूर होता जा रहा है। विज्ञान ने जीवन को सुविधाजनक बनाया है, परंतु उसने मनुष्य को आत्मकेंद्रित भी कर दिया है। प्रतिस्पर्धा, उपभोगवाद, स्वार्थ और सत्ता की भूख ने … Read more

नियुक्ति ही नहीं, मुक्ति देने वाली शिक्षा की जरूरत

राष्ट्रीय शिक्षा दिवस-11 नवम्बर, 2025 हर वर्ष 11 नवंबर को हम राष्ट्रीय शिक्षा दिवस के रूप में मनाते हैं। यह दिन केवल औपचारिक उत्सव का नहीं बल्कि आत्ममंथन का अवसर है। यह दिन हमें याद दिलाता है कि शिक्षा केवल परीक्षा उत्तीर्ण करने का माध्यम नहीं बल्कि राष्ट्र के चरित्र, संस्कृति और सृजनशीलता का आधार … Read more

परिवार में ख़ास है

बुजुर्ग माता-पिता को सिर्फ रोटी ही नहीं घर-परिवार के सदस्यों का प्यार चाहिए। अस्वस्थ होने पर औषधि दे देने से ही नहीं बल्कि साथ में बैठकर सहारा देना चाहिए। चिंतित होकर गुमसुम अकेले बैठे हो तो इधर-उधर की बातें करके हंसाना चाहिए। उन्हें कभी भी अकेलेपन का एहसास न हो ऐसे ही अपनेपन का आभास … Read more

कागज के टुकड़ों की खातिर…

दुनिया का हर जख्म एक दिन भर जाता है किसी के मरने पर कोई  साथ मर नहीं जाता है  जमा कर ले बेशुमार नेकी तू जितना जो कुछ जमा करता है वही तो वापस पाता है  नेक दिल बनने में क्या परेशानी है तुझे  किसी का हमदर्द बनने में तेरा क्या जाता है? जिंदगी ताउम्र … Read more

आटा-साटा के नाम पर ये कैसी सौदेबाजी?

समानता और स्वतंत्रता के अधिकारों के खिलाफ ये कुप्रथा बाबूलाल नागा    पिछले दिनों 3 नवंबर, 2025 को जयपुर जिले की मौजमाबाद कस्बे की तीन नाबालिग बहनें (उम्र 17, 15 और 12 वर्ष) घर छोड़कर चली गईं क्योंकि परिजन उनका विवाह आटा-साटा कुप्रथा के तहत तय कर रहे थे, जिससे वे नाराज थीं। 9 अक्टूबर, 2025 को अजमेर में आटा-साटा विवाद में पिकअप से कुचलकर दो … Read more

आत्मघाती होती शिक्षा प्रणाली: मौतों का भयावह यथार्थ

भारत की शिक्षा प्रणाली को लेकर समय-समय पर प्रश्न खड़े होते रहे हैं। शिक्षा की विसंगतियों एवं दबावों के चलते भी अनेक सवाल खड़े हैं। इन्हीं से जुड़ा यह एक बेहद हृदय विदारक और चिंताजनक तथ्य है कि एक वर्ष देश में लगभग 14,000 स्कूली बच्चों ने आत्महत्या कर ली। इस तथ्य की पुष्टि राष्ट्रीय … Read more

अमीरी में अभिवृद्धि विद्रोह एवं संकट का बड़ा कारण

विश्व अर्थव्यवस्था पर किए गए हालिया अध्ययन विशेषकर जी-20 पैनल की रिपोर्ट ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि धन और संपत्ति के वितरण में असमानता अब चरम पर पहुंच चुकी है। रिपोर्ट के अनुसार आज दुनिया की नई बनी संपत्तियों का लगभग तिरेसठ प्रतिशत हिस्सा मात्र एक प्रतिशत अमीर लोगों के … Read more

देवताओ की ‌दीवाली

भारतवर्ष के त्योंहारो की यह बात है बड़ी निराली, कार्तिक माह में पूर्णिमा को मनाते है देव दीवाली। हंसी खुशी संग मनाते है कोई पर्व न जाता ख़ाली, काशी की पावन धरा पर उतरे मनाने देव दीवाली।। एक वक्त त्रिपुरासुर दैत्य का बढ़ गया यह आतंक, ऋषि मुनि नर नारी एवं देवो के लिए बना … Read more

कार्तिक पूर्णिमा का स्नान

पूर्णिमा से शुरु होती यह सर्दियो की रात, अमृत बरसता है इस दिन सब पर खास। चन्द्र और पृथ्वी इस रोज आते है समीप, राधा व कृष्ण ने इसदिन रचाया था रास।। इसी उजियाली शरद पूनम वाली रात मे, अनेक रुप बनाए थे गोपाल घनश्याम ने। सब गोपियो के संग-संग झूम रहे थे ऐसे, हर … Read more

गुरु नानक देवः मानवता के पथप्रदर्शक विलक्षण संत

गुरु नानक जयन्ती- 5 नवम्बर, 2025 भारत की पवित्र भूमि सदैव से महापुरुषों, संतों और अवतारों की कर्मभूमि रही है। इसी भूमि पर तलवंडी (अब ननकाना साहिब, पाकिस्तान) में गुरु नानक देव का जन्म हुआ। वे केवल सिख धर्म के प्रवर्तक नहीं थे, बल्कि सम्पूर्ण मानवता के पथप्रदर्शक, समानता, प्रेम, शांति और सत्य के अमर उपासक … Read more

बंधुत्व, करुणा और समानता का संदेश देती गुरु नानक देव जी की ‘‘उदासियां”

5 नवम्बर गुरु नानक देव जी की जयंती पर विशेष बाबूलाल नागा   गुरु नानक देव जी ने अपने जीवनकाल में कई यात्राएं कीं, जिन्हें ‘‘उदासियां‘‘ कहा जाता है। इन यात्राओं के दौरान उन्होंने विभिन्न स्थानों पर जाकर लोगों को ज्ञान और अध्यात्म की शिक्षा दी। उनकी उदासियों का उद्देश्य लोगों को सच्चे मार्ग पर चलने और एकेश्वरवाद … Read more

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