करुणा एवं संवेदनाओं से ही दुनिया में संतुलन संभव
विश्व दयालुता दिवस -13 नवम्बर, 2025 आज का मनुष्य जितनी तीव्रता से भौतिक प्रगति कर रहा है, उतनी ही तेजी से मानवीय मूल्यों और संवेदनाओं से दूर होता जा रहा है। विज्ञान ने जीवन को सुविधाजनक बनाया है, परंतु उसने मनुष्य को आत्मकेंद्रित भी कर दिया है। प्रतिस्पर्धा, उपभोगवाद, स्वार्थ और सत्ता की भूख ने … Read more