प्राण जाए पर वचन नहीं के प्रेरक ग्रामीणों के जननायक के सांपों के लोक देवता तेजाजी
रणबांकुरे की जन्म भूमी के लोक-नायक की जीवन-यात्रा एक नितान्त साधारण मनुष्य के रूप में शुरू हुई और वे किसी-न-किसी तरह के असाधारण घटनाक्रम में पड़ कर एक असाधारण मनुष्य और लोक देवता में रूपान्तरित हो गये | मान्यता है कि सर्पदंश से बचने के लिए वीर तेजाजी का पूजन किया जाता है | गाँव … Read more