घर से मिलें बच्चों को राष्ट्रधर्म के संस्कार

(जब हम अपने परिवार की नई पीढ़ी को राष्ट्रीय धर्म के मूल्यों का बोध कराएंगे, तभी उनमें स्वाभिमान के भाव पैदा होंगे। बच्चों में राष्ट्रधर्म के संस्कार पैदा करने के लिए श्रमण डॉ पुष्पेंद्र ने ये विचार साझा किए…) राष्ट्रीय प्रतीक, संस्कृति, सभ्यता और जीवन दर्शन का सम्मान किसी भी देश के नागरिकों का धर्म भी है … Read more

युवाः वर्तमान की क्रांति एवं शांति के वाहक

अन्तर्राष्ट्रीय युवा दिवस, 12 अगस्त 2025 पर विशेष अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस केवल एक कैलेंडर की तारीख नहीं है, बल्कि यह हमें याद दिलाता है कि आज की दुनिया में परिवर्तन का सबसे बड़ा वाहक युवा हैं। यह दिन संयुक्त राष्ट्र ने युवाओं के अधिकार, अवसर और योगदान को मान्यता देने के लिए तय किया है, … Read more

प्रकृति के पुत्र और संस्कृति के प्रहरी हैं आदिवासी

विश्व आदिवासी दिवस- 9 अगस्त 2025 विश्व आदिवासी दिवस, 9 अगस्त, केवल एक संवैधानिक औपचारिकता नहीं, बल्कि यह सभ्यता की जड़ों और संवेदनशीलता के स्रोत को स्मरण करने का दिन है। यह दिन न केवल आदिवासियों के अस्तित्व, अधिकारों यानी जल, जंगल, जमीन और उनके जीवन की रक्षा का उद्घोष है, बल्कि यह नए भारत … Read more

पारस्परिक प्रेम सोहार्द स्नेह का अटूट बंधन राखी

रक्षाबंधन  का अर्थ है   किसी को अपनी रक्षा के लिए बांध लेना। इसीलिए इस पर्व पर राखी बांधते समय बहन कहती है ‘हे भैया! मैं तुम्हारी शरण में हूँ, मेरी सब प्रकार से रक्षा करना।’  फलस्वरूप भाई भी अपनी बहन को जीवन पर्यन्त रक्षा करने का वचन देते हैं। भारतीय परम्परा में विश्वास का बन्धन … Read more

एक हथिनी ‘माधुरी’ के बहाने धर्म का पुनर्पाठ

स्वामी देवेन्द्र ब्रह्मचारी – नांदणी जैन मठ की गजलक्ष्मी हथिनी माधुरी, जो 35 वर्षों से मठ की सेवा में थी, को पेटा की याचिका पर जामनगर भेजा गया था, जिससे जैन समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंची थी। न केवल महाराष्ट्र में बल्कि समूचे जैन समाज में आक्रोश को देखते हुए महाराष्ट्र की देवेंद्र फडणवीस सरकार … Read more

रक्षाबंधनः नारी रक्षा का संकल्प, एक सामाजिक चेतना

भारत की सांस्कृतिक परंपराओं और त्योहारों की भूमि पर रक्षाबंधन एक ऐसा पर्व है जो केवल भाई-बहन के रिश्ते तक सीमित नहीं, बल्कि संपूर्ण समाज में आत्मीयता, कर्तव्यबोध, और नैतिक मूल्यों के पुनर्संवेदन का पर्व है। यह पर्व नारी अस्मिता, समानता, सुरक्षा और प्रेम की भावनाओं का प्रतिनिधित्व करता है। राखी का धागा जितना कोमल … Read more

वयोवृद्ध साध्वी धन श्री जी की अनूठी कला साधना

सूक्ष्म लेखन और हस्तकला में महारत प्राप्त  है, वयोवृद्ध साध्वी धनश्री जिन्होंने तेरापंथ धर्म संघ में अणुव्रत अनुशास्ता आचार्य तुलसी से अल्पवय में दीक्षित होकर अभी 93 वर्ष की अवस्था में भी स्वाध्याय और धार्मिक कार्य मैं सक्रिय है। महज 13 वर्ष की अल्प आयु में 80 वर्ष पूर्व दीक्षित साध्वी धनश्री जी अभी हाल … Read more

सामाजिक समरसता और मूल्यों का प्रतीक पर्व – रक्षा बंधन

 श्रीमती संतोष शर्मा स्वतंत्र पत्रकार] साकेत नगर] ब्यावर राखी पूर्णिमा सिर्फ एक पारिवारिक रस्म नहींA बल्कि यह दिन भाई-बहन के रिश्ते की गहराई] सुरक्षा और आपसी विश्वास का प्रतीक होता है। इस दिन बहनें अपने भाइयों की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना करती हैंA जबकि भाई उनकी रक्षा का वादा करते हैं। यह पर्व न केवल प्रेम और सुरक्षा … Read more

टैरिफ दादागिरी के बीच ‘स्वदेशी’ एक जनक्रांति बने

वाराणसी में अपने लोकसभा क्षेत्र से एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों का आह्वान किया है कि वे संकल्प लें कि अपने घर स्वदेशी सामान ही लाएंगे। उनका यह आह्वान न केवल राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ‘दबाव की राजनीति’ और ‘टैरिफ की दादागिरी’ का माकूल जबाव है बल्कि भारत को सशक्त अर्थ-व्यवस्था बनाने … Read more

पारदर्शिता रखने व फर्जीवाड़ा रोकने को निर्वाचन आयोग सख्त

* शीघ्र शुरू होगी गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया (SIR) * परिगणना फॉर्म नहीं भरने वाले मतदाताओं के नाम कटेंगे -अमित टण्डन अजमेर। निर्वाचन आयोग अब मतदान प्रक्रिया को और पारदर्शी तथा फर्जीवाड़े से मुक्त बनाने के लिए कुछ सख्त नियम लागू करने जा रहा है। प्रक्रिया का खाका लगभग तैयार है और विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया … Read more

मित्रताः रिश्तों की आत्मा और संवेदना की जीवंत सरिता

अन्तर्राष्ट्रीय मित्रता दिवस – 3 अगस्त 2025 मित्रता वह रिश्ता है, जो न रक्त से बंधा होता है, न किसी सामाजिक अनुबंध से, फिर भी यह जीवन का सबसे आत्मीय और मजबूत संबंध होता है। दोस्ती वह भूमि है जहां प्रेम, विश्वास, अपनत्व, समर्पण और संवेदना एक साथ अंकुरित होते हैं। इसी दुर्लभ और विशुद्ध … Read more

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