फिर आतंकी हमलें, सैनिकों का बलिदान व्यर्थ न जाये

लगातार जम्मू-कश्मीर में बढ़ रही आतंकी घटनाएं चिन्ता का कारण बन रही है। डोडा जिले में एक आतंकी हमले में कैप्टन समेत सेना के चार जवानों और जम्मू कश्मीर के एक पुलिसकर्मी का बलिदान अब यही दर्शा रहा है कि शांति एवं अमन की ओर लौटा जम्मू-कश्मीर एक बार फिर आतंकवादी आघातकारी घटनाओं की भेंट … Read more

“जजु” (नंंढी कहाणी)

लेखिका : देवी नगरानी अनुवाद : पदमा गोविंद मोटवानी जड॒हिं जड॒हिं इल्म ऐं बेइल्मीअ में जंगु छिड़ंदी आहे, उन हर हिक मौके ते हिक नओं सितारो रौशनु थींदो आहे। अजु॒ बि कुझु अहिड़ो ई थियो। पिकिनिक जूं तैयारियूं गर्मजोशीअ सां पूरियूं थी चुकियूं हुयूं। इहा जा॒ण हुई त शहर जा नामी ग्रामी माण्हूं शामिलि थींदा … Read more

खोटे सिक्के चलते देखे

खोटे सिक्के चलते देखे सच्चे हाथ मलते देखे। भ्रष्टाचार की छांव में गुनाहों को पलते देखे। शर्म बेच दी जिसने चांदी में उसको तुलते देखे। दो रोटी की खातिर इन्सां को कड़ी धूप में सारा दिन जलते देखे। दूध पिलाया जिनको हमने सांप बनकर डंसते देखे । हैं इन्सानियत से कोसों दूर ‘श्याम’ कसमें ईमान … Read more

नये कानून से बुजुर्ग मां-पिता की सुध लेने की सार्थक पहल

देश में वृद्धों के साथ उपेक्षा, दुर्व्यवहार, प्रताड़ना बढ़ती जा रही है, बच्चे अपने माता-पिता के साथ बिल्कुल नहीं रहना चाहते, वे उनके जीवन-निर्वाह की जिम्मेदारी भी नहीं उठाना चाहते हैं, जिससे भारत की बुजुर्ग पीढ़ी का जीवन नरकमय बना हुआ है, वृद्धजनों की पल-पल की घुटन, तनाव, जीवन-निर्वाह करने की जटिलता एवं उपेक्षा को … Read more

वक़्त जी दरकार (नंंढी कहाणी)

लेखिका : देवी नागरानी अनुवाद : पदमा गोविंद मोटवानी वक़्त जो मुल्हु उहे ई जा॒णनि जेके वक़्त जे पाबं॒धियुनि में रहंदा आहिनि ऐं उन दरिमियानु पंहिंजो सोचियलु कमु पूरो बि कंदा आहिनि। वक़्त जे वहिकिरे में वहंदे असां कड॒हिं ब॒ घड़ियूं शांतीअ सां वेही करे इहो कोन सोचींदा आहियूं त हीउ वक़्तु बि वारीअ जियां … Read more

पंहिंजी पंहिंजी फ़ितरत (नंढी कहाणी)

लेखिका : देवी नागरानी अनुवाद : पदमा गोविंद मोटवानी “अम्मा, तव्हां पंहिंजा किताब ऐं काग॒र थाईंंका करे हिक हंधु छो न था रखो, हिते हुते पखिड़िया पिया हूंदा आहिनि।” “जिते डि॒सो सामानु ई सामानु, हेडां॒ होडां॒ पट ते पखिड़ियलु। ऐं घर में जेडी॒ महिल डि॒सो, गोड़ु मचियो पियो आहे, कंहिं महिल बा॒रनि जो त कंहिं … Read more

‘‘इज्जत‘‘ के नाम पर भेंट चढ़ती जिंदगियां

राजस्थान के झालावाड़ जिले के जावर थाना क्षेत्र में 4 जुलाई 2024 को ऑनर किलिंग का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। प्रेम विवाह से नाराज लड़की के परिजनों ने पहले उसका अपहरण किया। बाद में उसके साथ मारपीट की और मौत के घाट उतार दिया। मृतका के पति की शिकायत के बाद बारां जिले … Read more

एक ही मिट्टी में मिल जाएंगे

मैं भी परिश्रम करता हूं तुम भी परिश्रम करते हो, बस फर्क इतनी सी है मैं कम तुम अधिक कमाते हो। मैं रूखा-सुखा खाना खाता हूं तुम स्वादिष्ट व्यंजन खाते हो, बस फर्क इतनी सी है मैं कमजोर तुम बलवान हो। मैं झोपड़ी में रहता हूं तुम महल में रहते हो, बस फर्क इतनी सी … Read more

गर मिले गूगल पर ..

बाप की डांट तथा झिड़की, मां का अपार प्यार-दुलार गर गूगल पर मिले तो मुझे बताना यार दोस्तों की सलाह-मशवरा और उनके साथ लगाए ठहाके- कहकहे गर गूगल पर मिले तो बताना यार बड़े-बुजुर्गों के दिल से निकली दुआ, आशीर्वाद उनके बेशकीमती तजुरबात और नि:स्वार्थ बेइंतहा मोहब्त गर मिले गूगल पर तो जरूर बताना यार। … Read more

विसर्जन (नंंढी कहाणी)

लेखिका : देवी नागरानी अनुवाद : पदमा गोविंद मोटवानी हिन कोरोना काल में रोज़ु रोज़ु पंहिंजे अंदरुनी पपिड़ियुनि में दबि॒यल यादिगिरियुनि जो ख़ज़ानो वक़्त वक़्त ते मथे उभिरी थो अचे। यादि ईंदा आहिनि हर सालि “गणपति बप्पा मोरिया” जी स्थापना ऐं विसर्जन जा घणेई मौका, जड॒हिं गाडि॒युनि में वेही करे माण्हुनि जो हुजूमु मुंबईअ जे … Read more

मां डि॒यारी आहियां (नंढी कहाणी)

लेखिका : देवी नागरानी अनुवाद : पदमा गोविंद मोटवानी “डि॒यारीअ जूं वाधायूं” फ़ोन जी घिंटी वजं॒दे ई खणण ते इहो आवाज़ु बु॒धण आयो‌। सोचींदी रहियसि केरि आहे, जेका मूंखे जा॒णे, सुञाणे ऐं गा॒ल्हाइण में पंहिंजपाई बि आहे, पर पंहिंजी सुञाणप डि॒यण बिना इएं ई गा॒ल्हाइणि….!” “अरे तव्हां खे बि डि॒यारीअ जूं वाधायूं” मुंदल लहिज़े में … Read more

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