भारत में शारीरिक निष्क्रियता का बढ़ना चिन्ताजनक

भारत में बढ़ती शारीरिक अकर्मण्यता एवं आलसीपन एक समस्या के रूप में सामने आ रहा है, लोगों की सक्रियता एवं क्रियाशीलता में कमी आना एवं वयस्कों में शारीरिक निष्क्रियता का बढ़ना चिन्ता का सबब है। इस दृष्टि से प्रतिष्ठित लैंसेट ग्लोबल हेल्थ जर्नल की वह हालिया रिपोर्ट आईना दिखाने वाली है जिसमें पचास फीसदी भारतीयों … Read more

*गांधी को जानना*

बड़ा दुःख होता है जब समाज का साक्षर वर्ग, स्वयं को शिक्षित मानते हुए, गांधी के होने को न केवल नकारता है वरन उन्हें खलपुरुष सिद्ध करने के मनमाने तर्क भी गढ़ता है। जबकि गांधी का व्यक्तित्व उनके अपने लिखे और उन पर सर्वाधिक लिखे जाने के चलते ज्ञात नायकों में सबसे अधिक पारदर्शी दस्तावेज़ों … Read more

झूठों का बोलबाला

किसीको चाहकर भी अपना बनाना यहां सबसे मुश्किल काम होता है यारों, लोग तो हवा का रूख देखकर यहां ख़ामोशी से अपना रुख़ बदल लेता है यारों। भले ही सब कुछ लुटा देना किसकी खातिर यहां हजारों अच्छाई छोड़ एक गलत पकड़ता है यारों, जितनी भी किसीको एहसान कर लेना यहां एहसान के बदले एहसान … Read more

असुविधा की सड़कों का टोल-टैक्स ज्यादती है

बेहतर सेवाओं के नाम पर सरकारें कई तरह के शुल्क वसूलती है, इसमें कोई आपत्ति एवं अतिश्योक्ति नहीं है। लेकिन सेवाएं बेहतर न हो फिर भी उनके नाम पर शुल्क या कर वसूलना आपत्तिजनक एवं गैरकाूननी है। यह एक तरह से आम जनता का शोषण है, धोखाधड़ी है। राजमार्ग एवं अन्य मार्गों पर बेहतर एवं … Read more

दौरे तरक्की की तहज़ीब का पत्थर लेकर एक दीवाने का सर फोड़ दिया बच्चों ने

बाय *डा. रमेश अग्रवाल* एमर्सन नाम के किसी भोले भाले विचारक ने कहा है कि सभ्यता का असली इम्तहान इसकी आबादी , इसके शहरों की भव्यता या इसमें उगने वाली फसलों से नहीं बल्कि इस बात से होता है कि यह किस तरह के नागरिकों को जन्म देती है ? दुनिया की छठी महाशक्ति बनने … Read more

पेंशन पर मेरी कविता

पेंशन अंत समय तक का बहुमूल्य योगदान है पेंशन बुजुर्गो की इज्जत ढांकने वाली चादर है, पेंशन सिर्फ चंद हजार रुपये की कागज़ नहीं पेंशन लम्बी ज़िन्दगी देने वाली चमत्कार है। पेंशन बुजुर्गो के लिए एक अनमोल वरदान है पेंशन के ही कारण सभी प्यार से पेश आते हैं, पेंशन बच्चों के आगे हाथ फ़ैलाने … Read more

ग़म को मारो गोली

ग़म को देखते ही मार दो गोली दुख को कहकहों से डराकर दूर भगा दो फिर करीब आने से वो घबराए, कतराए। सुनना तो दूर कोई देखेगा भी नहीं तुम्हारी ओर, गर …. तुम हरदम अपने ही गम का राग अलापोगे। कोई ये न समझे कि दुख, मुसीबतें, परेशानी तुम्हारे हिस्से ही आया है अरे … Read more

सर, गोविन्दा और मैडम सुनिता की जोड़ी का क्या कहना

सर, गोविन्दा और मैडम सुनिता की जोड़ी का क्या कहना, ऊपर से नेपाली वेशभूषा में तो चार चांद लगा दिया। इसी पर मेरी चार पंक्ति। **************** ईश्वर पति-पत्नी के रूप में उन्हें मिलाती है जब उनकी मेहरबानियां, कृपा दृष्टि होती है, जाति-धर्म,और संस्कृति से भी ऊपर वहीं है जिन इंसानों में अच्छी इंसानियत होती है। … Read more

ऐ इंसान…

संभल जा अब भी ऐ इंसान, क्यूं करता है नाहक यूं अभिमान प्यार से आया तू जग में, प्यार लुटाता जा दुखियों के दर्दो गम तू मिटाता जा इतना तो कर ही सकता है अरे ऐ नादान क्यूं करता है नाहक यूं अभिमान …। कंकड़-पत्थर जमा कर ले तू जितने भी साथ न ले जा … Read more

*डोटासरा जी, कांग्रेस राज में इतना दहाड़ लेते तो तस्वीर अलग होती*

कोटा के भाषण का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल -जो विपक्ष में होते हैं, वे इसी तरह दहाड़ते हैं, सत्ता में रहने पर चुप्पी साध लेते हैं -जो काम अब कांग्रेस और कांग्रेसी कर रहे हैं, वही काम कुछ माह पहले तक भाजपा और भाजपाइयों ने खूब किए -यह सब सत्ता और राजनीति का खेल … Read more

राहुल गांधी का कद भी बढ़ा एवं राजनीतिक कौशल भी

राहुल गांधी लोकसभा में प्रतिपक्ष के नेता बन गये हैं, यह उनका पहला संवैधानिक पद है, इससे पहले वे कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे हैं। इस बड़े पद के साथ उनकी जिम्मेदारियां भी बढ़ जायेंगी। दस वर्षों बाद लोकसभा में प्रतिपक्ष के नेता का पद मिला है। वैसे इस बार के चुनाव एवं चुनाव में … Read more

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