*अभी तक तो फ्रंटफुट पर ही खेल रहे हैं मोदी*

*पूर्ण बहुमत नहीं मिलने के बाद भी सरकार का चेहरा पहले जैसा ही, तरीका और तेवर भी बरकरार* *नेता विपक्ष के रूप में राहुल गांधी पर नई जिम्मेदारी* *तो,ओम बिरला लोकसभा के अध्यक्ष बन गए। लगातार दूसरी बार अध्यक्ष बनने वाले वो दूसरे नेता हो गए हैं। इसके पहले कांग्रेस के बलराम जाखड़ ने यह … Read more

दार्जिलिंग पर मेरी चार पंक्ति

प्रकृति ने क्या खूब सजाया है लोगों ने सुशोभित बनाया है, क्या कहें परम परमेश्वर ने तो दार्जिलिंग को स्वर्ग बनाया है। गोपाल नेवार, ‘गणेश’सलुवा, प.बं। 9832170390.

आक्रोशित हो जाता हूं

जिन हाथों ने निवाला खिलाया था उन हाथों को कांपता हुआ देख दुःखी हो जाता हूं। जिन पैरों ने चलकर कमाया था उन पैरों को थरथराता हुआ देख दुःखी हो जाता हूं। जिन आंखों ने रास्ता दिखाया था उन आंखों से दिखाई न देता हुआ देख दुःखी हो जाता हूं। जिन कंधों पर चढ़ाकर घूमाया … Read more

वायु प्रदूषण से होती लाखों मौतों के लिये कौन जिम्मेदार?

कहते हैं जान है तो जहान है, लेकिन भारत में बढ़ते प्रदूषण के कारण जान और जहान दोनों ही खतरे में हैं। देश की हवा में घुलते प्रदूषण का ‘जहर’ अनेक बार खतरनाक स्थिति में पहुंच जाना चिन्ता का बड़ा कारण हैं। प्रदूषण की अनेक बंदिशों एवं हिदायतों के बावजूद प्रदूषण नियंत्रण की बात खोखली … Read more

लोकसभा के सत्र नई उम्मीदों को पंख लगाये

अठारहवीं लोकसभा का पहला सत्र सोमवार से शुरू चुका है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा के सदस्य के रूप में शपथ ली। तीन जुलाई तक दस दिन के लिये चलने वाले इस सत्र में दो दिन नए सांसदों को शपथ दिलाई जायेगी। बुधवार को नए लोकसभा अध्यक्ष का चुनाव होगा, जबकि गुरुवार को राष्ट्रपति … Read more

ये रिमेक गाने बनाने वाले लोग किस दुनिया से आते हैं

– श्याम कुमार राई ‘सलुवावाला’ मै यह मानता हूं कि मेरा संगीत- ज्ञान शून्य है। फिल्मी गीत-संगीत सुनने तक ही मेरी जानकारी है। मैं यहाँ यह कहने की कोशिश कर रहा हूं कि पिछले एक लंबे समय से ये जो स्वर्णिम काल के अनमोल फिल्मी गीतों के रिमेक बनाने के नाम पर असल गीतों की … Read more

ऐसी कम तीन तैसी

महौल चुनाव का, एक ओर वाक्या मुझे याद आ गया लगा आप सभी के साथ साझा करना चाहिये । आप शीर्षक पर मत जाइये । इसका मतलब को मुझे भी नहीं पता । अगर आपको पता हो तो मुझे बताईयेगा । बागियों के स्वर बुलंद थे, जो कल तक भाईसाहब भाईसाहब करते थे वो अंगारे … Read more

*उपन्यास ” आवाजों के छायादार चेहरे” का एक अंश ….*

……बच्चों के साथ खेलते-पढ़ते, बड़ों को देखते-सुनते शहर के बीच मोहल्ला बनकर उगा यह गाँव अपने भीतर उतना ही गाँव बचा पाया था जितना स्कूल की सफेद दीवारों पर लिखे संदेशों से स्कूल में महात्मा गांधी, चाचा नेहरू, दयानंद या कबीर बच गए थे। नाना के यहाँ रहते हुए मेरे जहन में गांव का मतलब … Read more

*पेपर लीक राष्ट्रीय समस्या,कैसे हो समाधान*

*पिछले 5 सालों में 15 राज्यों में 41 भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक हुए हैं, लाखों किशोर और युवा होते हैं परेशान* ———————————— *■ओम माथुर ■* *लगता है परीक्षाओं के पेपर लीक होना और उसके बाद उनका रद्द होना राष्ट्रीय समस्या बनता जा रहा है। समस्या इसलिए कि,अब यह काला धंधा देश के किसी एक … Read more

भक्ति काल के सर्वश्रेष्ठ समाज सुधारक सर्वधर्म सुखाय के जनक महात्मा संत कबीर

अनेको मान्यताओं के अनुसार काशी के एक जुल्लाह नीरू अपनी बीबी नीमा का गोना कराकर लहरतारा तालाब से होते हुए घर आ रहे थे तो उसकी बीबी नीमा को प्यास लगने लगी तब दोनों तालाब पर पानी पीने तब उन्होंने एक टोकरी में फूल-पत्ते की शय्या पर एक नवजात शिशु को देखा | नीरू-नीमा उस … Read more

21 जून की ख़ास पहचान

सारी ज़िन्दगी अपने-आप को स्वस्थ वही है पाता, आनंदित प्रफुल्लित होकर योगाभ्यास जो करता। मानसिक शारीरिक आध्यात्मिक ऊर्जा वो बढ़ाता, जीवन को सार्थक बनाता जो रोज़ इसको करता।। ऋषि-मुनि और महर्षियों की सत्य हुई यें कहावत, योगाभ्यास ही है जरिया जो रोगों से करें बगावत। रोगमुक्त जीवन जीना ऐसी सबकी होती है चाहत, जिसके लिए … Read more

error: Content is protected !!