संस्कार और संस्कृति निर्माण की सेतु : सिंधी भाषा
जयपुर 9 अप्रैल। भाषा कोई छोटी और बड़ी नही होती, सभी भाषाएं मां सरस्वती की वीणा से निकला स्वर है, जो मनुष्य को मनुष्यता से जोड़ता है। दुनिया से जुड़ने के लिए जितनी भाषा सीखी जाएं वो कम है लेकिन संस्कार और संस्कृति से जुड़ने के लिए अपनी भाषा को भूलने ना दे। ये उद्गार … Read more