महज 16 साल की उम्र में हुई विद्वान होने की गलतफहमी
यह वाकया लिखते समय ऐसा लग रहा है कि आप इस पर यकीन करेंगे अथवा नहीं, लेकिन जो बीता है, उसे अभिव्यक्त करने से आपने आपको रोक नहीं पा रहा। तब मेरी उम्र महज 16 साल थी। ग्यारहवीं कक्षा में पढ़ता था। पिताजी स्वर्गीय श्री टी. सी. तेजवानी लाडनूं में हायर सेकंडरी स्कूल के प्रधानाचार्य … Read more