कपूर में छिपे हैं चमत्कारी गुण

कपूर हमें एक सामान्य सा पदार्थ लगता है। यह हर घर में होता है। खासकर घर के मंदिर में। लेकिन इसमें चमत्कारी गुण मौजूद हैं। कर्पूर या कपूर उडऩशील दिव्य वानस्पतिक द्रव्य है। कर्पूर जलाने की परंपरा प्राचीन समय से चली आ रही है। इसे अक्सर आरती के बाद या आरती करते वक्त जलाया जाता … Read more

भूत होते हैं या नहीं?

मानव जाति ने बहुत विकास किया है। हम बहुत ज्ञानी और सुशिक्षित हो गए हैं, मगर एक गुत्थी ऐसी है, जिसे आज भी पक्के तौर पर सुलझाया नहीं जा सका है। वो है- भूत होते हैं या नहीं? पक्के तौर पर कुछ नहीं कहा जा सकता। इसको लेकर खूब बहस होती रहती है। कुछ लोगों … Read more

ताली बजाने की कीमिया बहुत दिलचस्प है

आपको ख्याल में होगा कि जब भी आरती, भजन अथवा कीर्तन होता है तो, उसमें सभी लोग तालियां बजाते हैं। क्या आपको ख्याल है कि ताली बजाई क्यों जाती है? उसके रहस्य को जाने बिना ही परंपरा के अनुसार ताली बजाते हैं। बडी दिलचस्प बात है कि आध्यात्मिक मान्यता के अनुसार कहा जाता है कि … Read more

पूजा के दौरान नारियल खराब निकलना अशुभ अथवा शुभ

पूजा के दौरान नारियल खराब यानि अंदर से सूखा, काला या सड़ा हुआ निकलने को कुछ लोग षुभ मानते हैं तो कुछ लोग अषुभ। अक्सर लोगों को अशुभ लगता है, लेकिन इसका अर्थ पूरी तरह नकारात्मक नहीं होता। इसके पीछे धार्मिक और व्यावहारिक, दोनों तरह की व्याख्याएं हैं। धार्मिक दृष्टिकोण के अनुसार नारियल को “श्रीफल” … Read more

क्या सपना सच हो सकता है?

नींद और स्वप्न दोनों ही रहस्यमय लगते हैं, इसलिए जब कोई सपना सच निकल आता है, तो स्वाभाविक सा प्रश्न उठता है कि क्या सपने सचमुच भविष्य का पूर्वानुमान होता है? क्या सपना सच हो सकता है? मनोवैज्ञानिक दृष्टि से देखें तो सपना दिमाग की भविष्यवाणी नहीं, बल्कि पैटर्न-रिकॉग्निशन है। दरअसल हमारा दिमाग दिनभर की … Read more

ज्योतिषी के लिए आस्तिक होना जरूरी नहीं?

क्या आपको इस बात पर यकीन होगा कि कोई नास्तिक भी ज्योतिश का प्रकांड पंडित हो सकता है। जाहिर है, आप यही कहेंगे कि ऐसा कैसे संभव हो सकता है। जो आस्तिक नहीं, उसे ज्योतिष का ज्ञान आ ही कैसे सकता है। मगर सच ये है कि ऐसा संभव होते देखा है मैने। मेरे एक … Read more

दुनिया का पहला परमाणु बम छोड़ा था अश्वत्थामा ने

वैज्ञानिक मानते हैं कि महाभारत काल में परमाणु बम का प्रयोग हुआ था। एक शोधकार्य के अनुसार महाभारत के समय जो ब्रह्मास्त्र इस्तेमाल किया गया था, वह परमाणु बम के समान ही था। संभवतः दुनिया का पहला परमाणु बम छोड़ा था अश्वत्थामा ने। रामायण काल में भी मेघनाद से युद्ध हेतु लक्ष्मण ने जब ब्रह्मास्त्र … Read more

जनेऊ संस्कार का क्या महत्व है?

जनेऊ संस्कार, जिसे उपनयन संस्कार भी कहा जाता है, हिंदू धर्म के प्रमुख सोलह संस्कारों में से एक महत्वपूर्ण संस्कार है। यह बालक के जीवन में शिक्षा और आध्यात्मिक जीवन की शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। जनेऊ संस्कार में बालक को यज्ञोपवीत यानि जनेऊ धारण कराया जाता है। इसके साथ ही उसे गायत्री मंत्र … Read more

श्रीकृष्ण के सिर पर मोर पंख क्यों?

आपने देखा होगा कि भगवान श्रीकृष्ण के सभी चित्रों में सिर पर मोर पंख होता है। क्या कभी ख्याल आया कि ऐसा क्यों? वस्तुतः श्रीकृष्ण के सिर पर लगा मोर पंख केवल सजावट नहीं है, इसके पीछे गहरा धार्मिक, प्रतीकात्मक, दार्शनिक और प्राकृतिक अर्थ निहित है। परंपरा, पुराण, लोककथा और मनोविज्ञान, चारों स्तर पर इसके … Read more

अब भी संजीवनी बूटी मौजूद है?

कहते हैं कि हिमालय में एक ऐसी बूटी पाई जाती है, जिसके बल पर मृत व्यक्ति को भी जिंदा किया जा सकता है। “संजीवनी बूटी” के बारे में हमारी जानकारी पुराणों, रामायण और कुछ स्थानीय परंपराओं से आती है। वाल्मिकी रामायण अनुसार मूर्च्छित लक्ष्मण के लिए हनुमानजी यह बूटी लेकर आए थे। जब लक्ष्मण मेघनाद … Read more

मुण्डन संस्कार क्यों कराया जाता है?

मुण्डन संस्कार को चूड़ाकरण संस्कार या चौलकर्म भी कहते हैं, जिसका अर्थ है, वह संस्कार जिसमें बालक को चूड़ा अर्थात् शिखा दी जाता है। बच्चे का मुण्डन संस्कार कराने के पीछे हमारे ऋषि-मुनियों की बहुत गहरी सोच थी। माता के गर्भ से आए सिर के बाल अपवित्र माने गये हैं। इनके मुण्डन का उद्देश्य बालक … Read more

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