आरती के समय शंख क्यों बजाया जाता है?

विष्णु एवं लक्ष्मी का प्रतीक शंख भगवान विष्णु के दाएं हाथ में रहता है और इसे मां लक्ष्मी का आवास भी माना गया है। आरती, अभिषेक और यज्ञोपवीत के समय शंखनाद शुभ माना जाता है। मान्यता है कि शंख ध्वनि से वातावरण की नकारात्मकता दूर होती हैं। युद्ध प्रारम्भ और विजय के बाद भी शंख … Read more

ज्योतिष विज्ञान है या अंधविश्वास?

कुछ लोग ज्योतिष को अंधविश्वास मानते हैं, वहीं ज्योतिष को विज्ञान मानने वालों की भी कमी नहीं है। इस सिलसिले में विस्तृत चर्चा के दौरान ज्योतिषी व हस्तरेखा विशेषज्ञ राजेन्द्र गुप्ता ने बताया कि ज्योतिष पूर्ण विज्ञान है, क्योंकि हमारी सनातन संस्कृति का आधार वेद है, जो पूर्ण विज्ञान है और ज्योतिष वेदों का छठा … Read more

उसी तिथी पर श्राद्ध क्यों, जिस पर मृत्यु होती है?

क्या आपने कभी विचार किया है कि श्राद्ध पक्ष में हम मृतात्मा को उसी तिथी पर श्राद्ध मनाते हुए ब्राह्मण को भोजन करवाते हैं, जिस पर उनकी मृत्यु हुई होती है? वस्तुतः हिंदू परंपरा में जिस तिथि (यानि चंद्र तिथि) पर मृत्यु हुई थी, उसी तिथि पर हर वर्ष श्राद्ध किए जाने के पीछे धार्मिक, … Read more

एक ही जगह व समय पर होने वाले बच्चों का भाग्य अलग क्यों?

एक ही अस्पताल, एक ही वार्ड, यहां तक कि एक ही समय पर जन्म लेने वाले बच्चों का भाग्य बिल्कुल अलग क्यों होता है, यह प्रश्न सदियों से ज्योतिष, दर्शन और मनोविज्ञान में चर्चा का विषय है। वस्तुतः कुंडली समय व स्थान के आधार पर बनाई जाती है, ऐसे में यह सवाल उठना स्वाभाविक है। … Read more

क्या है चरण स्पर्श करने की कीमिया?

भारतीय परंपरा में प्राचीनकाल से माता-पिता, गुरुओं, बडे बुजुर्गों आदि के चरण स्पर्श करने का चलन है। ऐसी मान्यता है कि कोई भी व्यक्ति कितना ही क्रोधी स्वभाव का हो, अपवित्र भावनाओं वाला हो, यदि उसके भी चरण स्पर्श किये जाते हैं, तो उसके मुख से आषीर्वाद, दुआएं, सदवचन ही निकलता है। वस्तुतः मनुष्य के … Read more

पेन को पकडने का सही तरीका क्या है?

मनोवैज्ञानिकों में यह सवाल चर्चा का मुद्दा रहा है कि पेन पकडने का सही तरीका क्या है? ज्योतिष व सामुद्रिक शास्त्र के अनुसार लिखते समय पेन को चारों अंगुलियां व अंगूठा स्पर्श करना चाहिए। इससे आपकी लेखनी में सभी ग्रहों का सहयोग होता है और उसमें पूर्णता आती है। यह एक आदर्श स्थिति है। वैसे … Read more

क्या भगवान के नाम पर नाम रखना गुनाह है?

आजकल बच्चों के नाम अलग तरह से रखे जाने लगे हैं। कोई संस्कृत भाषा का नाम तलाशता है तो कोई अंग्रेजीदां। कोई महाभारत कालीन या रामायण कालीन पात्रों के नाम रखता है तो कोई अत्याधुनिक अंग्रेजी नाम रखता है। जैसे भीष्म, कुन्ती, कर्ण, युधिष्ठिर, भीम, नकुल, कौस्तुभ या अर्जुन और दशरथ, सीताराम, लक्ष्मण, हनुमान इत्यादि। … Read more

कपूर में छिपे हैं चमत्कारी गुण

कपूर हमें एक सामान्य सा पदार्थ लगता है। यह हर घर में होता है। खासकर घर के मंदिर में। लेकिन इसमें चमत्कारी गुण मौजूद हैं। कर्पूर या कपूर उडऩशील दिव्य वानस्पतिक द्रव्य है। कर्पूर जलाने की परंपरा प्राचीन समय से चली आ रही है। इसे अक्सर आरती के बाद या आरती करते वक्त जलाया जाता … Read more

भूत होते हैं या नहीं?

मानव जाति ने बहुत विकास किया है। हम बहुत ज्ञानी और सुशिक्षित हो गए हैं, मगर एक गुत्थी ऐसी है, जिसे आज भी पक्के तौर पर सुलझाया नहीं जा सका है। वो है- भूत होते हैं या नहीं? पक्के तौर पर कुछ नहीं कहा जा सकता। इसको लेकर खूब बहस होती रहती है। कुछ लोगों … Read more

ताली बजाने की कीमिया बहुत दिलचस्प है

आपको ख्याल में होगा कि जब भी आरती, भजन अथवा कीर्तन होता है तो, उसमें सभी लोग तालियां बजाते हैं। क्या आपको ख्याल है कि ताली बजाई क्यों जाती है? उसके रहस्य को जाने बिना ही परंपरा के अनुसार ताली बजाते हैं। बडी दिलचस्प बात है कि आध्यात्मिक मान्यता के अनुसार कहा जाता है कि … Read more

पूजा के दौरान नारियल खराब निकलना अशुभ अथवा शुभ

पूजा के दौरान नारियल खराब यानि अंदर से सूखा, काला या सड़ा हुआ निकलने को कुछ लोग षुभ मानते हैं तो कुछ लोग अषुभ। अक्सर लोगों को अशुभ लगता है, लेकिन इसका अर्थ पूरी तरह नकारात्मक नहीं होता। इसके पीछे धार्मिक और व्यावहारिक, दोनों तरह की व्याख्याएं हैं। धार्मिक दृष्टिकोण के अनुसार नारियल को “श्रीफल” … Read more

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