जीवन का दुःख और ध्यान का सुख
भौतिक चकाचैंध एवं आपाधापी के इस युग में मानसिक संतुलन हर व्यक्ति जरूरत है। मानसिक असंतुलन जीवन का सबसे बड़ा अभिशाप है। इससे व्यक्तिगत जीवन तो नरक बनता ही है, सम्पूर्ण मानवता भी अभिशप्त होती है। वर्तमान की स्थिति को देखकर ऐसा महसूस हो रहा है कि कुछेक व्यक्तियों का थोड़ा-सा मानसिक असंतुलन बहुत बड़े … Read more