विनोद खन्ना के स्टार होने का मतलब

-निरंजन परिहार- विनोद खन्ना स्टार थे। वे सुपरस्टार कभी माने नहीं गए, लेकिन हमारे सिनेमा के संसार के इतने बड़े सुपरस्टार रहे हैं, उनमें सभी को चमकाने में उनकी सबसे बड़ी मदद लगती थी। विनोद खन्ना ऐसे एक स्टार रहे, जिनका कभी कोई अपना युग नहीं रहा। लेकिन सिनेमा की दुनिया में उनके आने और … Read more

कठोर तप की पूर्णता के पचास वर्ष

आज के भौतिकवादी एवं सुविधावादी युग में जबकि हर व्यक्ति अधिक से अधिक सुख भोगने के प्रयत्न कर रहा है, ऐसे समय में एक जैनसंत जैन धर्म के कठोर तप – वर्षीतप का पचासवां वर्षीतप कर एक नया इतिहास बनाया है। अध्यात्म के क्षेत्र में तप का सर्वाधिक महत्त्व है। भारत के ख्यातनामा ऋषि-महर्षि-संतपुरुष आत्मसाक्षात्कार … Read more

जय नवदुर्गे स्वरूपिणी नोसरा माँ

अजमेर सीमांत और पुष्कर घाटी के प्रारम्भ में बसा आद्य शक्ति पीठ जिसकी स्थापना पुष्कर तीर्थ की स्थापना से पूर्व स्वयम जगतपिता ब्रम्हा विष्णु महेश ने यज्ञ की राक्षस कुल से रक्षार्थ हेतु नवदुर्गाओं का आव्हान किया।नवदुर्गाओं को आसन देने हेतु नागलोग के राजा ने नाग पहाड़ स्वरूप धर कर अपनी विशाल जिव्हा पर नवदुर्गाओं … Read more

दलित समाज के मसीहा बाबा सहिब अम्बेडकर Part 4

अम्बेडकर को 1931 मे लंदन में दूसरे गोलमेज सम्मेलन में, भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया। यहाँ उनकी अछूतों को पृथक निर्वाचिका देने के मुद्दे पर गांधीजी से तीखी बहस हुई। गांधीजी का मानना था कि धर्म और जाति के आधार पर पृथक निर्वाचिका हिंदू समाज की भावी पीढी़ को हमेशा-हमेशा के लिये विभाजित … Read more

दलित समाज के मसीहा बाबा सहिब अम्बेडकर Part 3

भारत रत्न बाबासाहेब अम्बेडकर का जन्म 14 अप्रेल 1891 को महू छावनी में गरीब दलित (हिन्दू महार) परिवार मे हुआ था। स्कुली पढ़ाई में श्रेष्ट होने के बावजूद उन्हें एवं अन्य दलित छात्रों को विद्यालय मे अलग से बिठाया जाता था एवं उन सभी के साथ भेदभाव कर अमानवीय व्यवाहर किया जाता था| अपने शिक्षक … Read more

दलित समाज के मसीहा– भारतीय संविधान के शिल्पकार— भारतरत्न बाबासहिब अम्बेडकर Part 2

जीवनपर्यन्त समाज में मोजूद वर्ण व्यवस्था एवं हिन्दू समाज में व्याप्त उंच-नीच, जाति व्यवस्था एवं धार्मिक आडम्बरों के विरुद्ध अनवरत् संघर्ष करने वाले बाबासहिब अम्बेडकर को 15 अगस्त 1947 को देश का पहले कानून मंत्री बनाया गया | 29 अगस्त 1947 को उन्हें भारत के संविधान निर्माण के लिए बनी के संविधान मसौदा समिति के … Read more

दलित समाज के मसीहा भारतरत्न बाबासहिब अम्बेडकर Part 1

बम्बई विश्वविद्यालय के प्रथम दलित छात्र होने का गोरव प्राप्त करने वाले बाबासहिब ने जीवन पर्यन्त महिलाओं के लिये व्यापक आर्थिक और सामाजिक अधिकारों की वकालत की और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के लोगों के लिये सिविल सेवाओं,स्कूलों, कॉलेजों की नोकरियों में आरक्षण प्रणाली शुरू करने के लिये संविधान सभा में समर्थन किया | … Read more

Bharat Ratna –Icon of depressed—Dr Ambedkar Part 4

Some Quotes of Babshaib—– History shows that where ethics and economics come in conflict, victory is always with economics. Vested interests have never been known to have willingly divested themselves unless there was sufficient force to compel them. I like the religion that teaches liberty, equality and fraternity. Life should be great rather than long. … Read more

मंगलकर्ता और विघ्नहर्ता हैं हनुमान

भगवान हनुमानजी को हिन्दू देवताआंे में सबसे शक्तिशाली माना गया है, वे रामायण जैसे महाग्रंथ के सह पात्र थे। वे भगवान शिव के ग्यारवंे रूद्र अवतार थे जो श्रीराम की सेवा करने और उनका साथ देने त्रेता युग में अवतरित हुए थे। उनको बजरंग बलि, मारुतिनंदन, पवनपुत्र, केशरीनंदन आदि अनेकों नामों से पुकारा जाता है। … Read more

Bharat Ratna –Icon of depressed—Dr Ambedkar Part 3

The Thoughts and Legacy of Baba Sahib Ambedkar Dr Ambedakr’s view on Muslim, Christian missionaries “Supposing a Hindu wished to do what the Christian missionaries is doing for these aborigines( tribals), could he have done it?. I submit not. Civilizing the aborigines means adopting them as your own, living in their midst, nd cultivating fellow- … Read more

गौरक्षा एवं भक्ति हिंसक क्यों?

राजस्थान में गौरक्षा एवं संरक्षण के नाम पर जिस तरह की अमानवीय एवं हिंसक वारदात हुई है, राष्ट्रीय राजमार्ग पर खुलेआम हरियाणा के एक दुग्ध व्यापारी को स्वघोषित गोरक्षकों के एक दल ने जिस तरह से पीट-पीट कर मार डाला और उसके बेटे समेत कुछ को अधमरा कर दिया, वह न केवल स्तब्ध कर देने … Read more

error: Content is protected !!