ईद पर अतिरिक्त सावधानी की जरूरत

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ और इलाहाबाद में शुक्रवार को हुई हिंसा के मद्देनजर केंद्र सरकार ने एक बार फिर राजस्थान सहित सभी राज्यों से कहा है कि वे ईद के मौके पर हर स्तर पर सतर्कता बरतें।
गृह मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक खुफिया सूत्रों से जानकारी मिली है कि कुछ शरारती तत्व असम की घटनाओं को देश के अन्य इलाकों में दोहराना चाहते हैं। मुंबई की हिंसा के बाद कर्नाटक में अफवाहों के चलते पूर्वोत्तर के लोगों का पलायन इसी मुहिम का नतीजा है। सूत्रों के मुताबिक ऐसी सूचनाएं हैं कि ईद के मौके पर कुछ शरारती तत्व खुरापात कर सकते हैं, ऐसे में राजस्थान सहित महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, यूपी, बिहार, दिल्ली, हरियाणा और कर्नाटक को खासतौर पर सतर्क रहने को कहा गया है।
यूं तो सूफी संत ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती की दरगाह व तीर्थराज पुष्कर को अपने आंचल में समेटे अजमेर की आध्यात्मिक धरा पूरी दुनिया में सांप्रदायिक सौहाद्र्र की मिसाल मानी जाती है, लेकिन साथ ही एक बार दरगाह में बम विस्फोट हो चुकने और मुंबई सीरियल ब्लास्ट के मास्टर माइंड हेडली की गुप्त पुष्कर यात्रा सहित अन्या कई घटनाओं के बाद यह शहर भी अति संवेदनशील शहरों में शुमार किया जाता है। विशेष रूप से पिछले स्वतंत्रता दिवस पर दरगाह के निजाम गेट पर पाक समर्थित पोस्टर लगाने की कोशिश चिंता का विषय है। हांलाकि पोस्टर लगाने वाले बिहार स्थित पुरनिया के 26 बांसवाड़ी आयल बाइसी निवासी मोहम्मद इस्माइल (42) पुत्र मोहम्मद ताहिर को देशद्रोह के आरोप में रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया गया, मगर आज तक पता नहीं लग पाया है कि इसके पीछे किसका हाथ था। खुद पुलिस को भी उसके किसी दहशतगर्द गिरोह से संबद्ध होने की आशंका है। इसके अतिरिक्त शक ये भी है कि इस्माइल के अतिरिक्त पकड़े गए अन्य आरोपी कहीं स्लीपर सेल के लिए काम तो नहीं कर रहे थे।
कुल मिला कर गृह मंत्रालय की चेतावनी की रोशनी और अजमेर के हालात के मद्देनजर खुफिया एजेंसियों व पुलिस को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी होगी, ताकि कोई सिरफिरा इस शांत नगरी में नफरत की हवा न फैला सके।

-तेजवानी गिरधर

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