
आदरणीय एक बार भेष बदल कर किसी S P के यहाँ रिपोर्ट दर्ज करवाने तो जाओ आपको भी आटे दाल का भाव पता पड जायेगा , पहले परीवादी को परीवाद शाखा मैं जाना पडता है ,कमरा नम्बर 5 या फँला कमरे मैं जाओ वहाँ रिपोर्ट दो , आधे परीवादीयों को तो वो ही भगा देते है , जो बच जाते है उनकी रिपोर्ट पर सम्बंधित थाने से पूछताछ करते हैं की कहानी किस्सा क्या है , फिर थाने वाले बताते की मुलजिमान से थानाध्यक्ष जी की सेटिंग हो चुकी है इनको भागाओ या फेल कर दो कि साब ये आदतन शिकायती है , पहले भी कई बार शिकायत दे चुका है , या आपसे रोको हम मुलजिमान को भेज रहे इनका तोड बट्टा करवा दो , या फिर थाने से मुलाजिमान को भेज रहे है जो इन्हें समझा बुझाकर वापस ले जायेंगे इन्हें मिलाना मत ,
और अगर फिर भी ना बात बने तो आप गलत फैकट बोलना क्योंकि वहां S P के आगे इन्हें कौन बोलने देगा और जो बोलोगे वही sp मानेगा और अगर परीवादी बोला तो sp डांटेंगा ,बस इसे वास्ते जांच परीवाद मैं ही भिजवा दो फिर तो हम इसका कस बट्टा काढ देगें , और आप शाम को खाने पर आजाना सारी ब्रांच को ले आना ,
आदरणीय सेठ जी पुलिस वाले तो खुद ही कहते हैं जिस मामले मैं उनकी मिली भगती होती है कि कोर्ट से इस्तगासा भिजवा दो कोई अफसर कुछ पूछेगा ही नहीं मैं कह दूंगा साब कोर्ट से आया इसलिये दर्ज करना पडा और जैसा चाहूँगा नतीजा दे दूंगा बस डिप्टी साब और A P P के पैसे तैयार रखना कुछ रोटीन से ज्यादा लगेगें , बाकी कोर्ट इस्तगासो मैं S P ज्यादा देखता नहीं है चालन की परमीशन क्राइम ब्रांच वाले ले आयेंगे उनका मीटर अलग से चलेगा, इस्तगासो की आड मैं तो सेठ साहब कटारिया जी पुलिस मौजां कर रही है मौजां ,आपके सलाहकार बडे भोले हैं आपको असलियत तो बताते ही नहीं है और आप सदा भावुकता मैं उल्टे सीधे बयान देने के आदी हो
आपने जब अनिल जैन साहब 1 P S को अपना OSD लगाया था तो मैंने सोचा था अब आपका दफ्तर ठीक चलेगा क्योंकि अनिल जैन साहब ips ने बरसों अशोक गहलोत साब के साथ cmo मे और उनके घर मैं काम किया है ,परन्तु आपके यहां तो वो ही ढाई के तीन पात , राजस्थान चाहे राज किसी भी पार्टी का हो पर गृहमंत्री सदा आपकी जात और समाज का बनता है इस पुलिस विभाग का गहन अध्ययन करो और इसे चुस्त दुरुस्त करो , आपने अच्छा काम किया है ,और आप बहुत इमानदार हो ये बात भी सत्य है पर अभी बहुत गुन्जाइश है , आप विधानसभा तो ठीक से संभाल लेते हो आप मे वाक पटुता है पर लिखा पढी मैं कमजोर हो विभाग को ढंग से नहीं चला पा रहे ये पुलिस विभाग है कोई मार्त मंदिर थोड़े ही है ,क्षमा याचना सहित,
आपका राजेश टंडन वकील अजमेर ।