भाजपा ने केकड़ी में चेहरा बदला, साधारण युवा कार्यकर्ता पर जताया विश्वास

पार्षद राजेंद्र विनायका को दिया टिकट, कांग्रेस के भारी नेता डॉ रघु शर्मा से लेंगे टक्कर भाजपाइयों के लिए चुनौती

*देर रात्रि* भाजपा ने आखिर सभी अटकलों पर विराम लगाते हुए केकड़ी विधानसभा क्षेत्र से युवा नेता पार्षद राजेंद्र विनायका को उम्मीदवार बनाया है। विनायका के नाम की अधिकृत घोषणा से पहले ही यहां सूचना आ जाने से देर शाम को ही तीन बत्ती चौराहे पर उनके सैकड़ों समर्थकों ने आतिशबाजी करते हुए मिठाइयां बांटकर खुशी का इजहार किया। आज दिनभर लोंगो की निगाह टीवी पर टिकी हुई थी, भाजपाइयों सहित हर किसी को यही इंतजार था कि केकड़ी से कौन दमदार उम्मीदवार होगा जो कांग्रेस के दिग्गज नेता डॉ रघु शर्मा से टक्कर ले सकेगा। सूत्रों के अनुसार विनायका को दो दिन पहले ही हरि झंडी मिल गई थी। जिसके चलते उन्होंने चुनाव की तमाम प्राथमिक तैयारियां पूरी कर ली थी। वैसे तो वे पिछले एक माह से पूर्ण आश्वस्त दिखाई दे रहे थे वे जिससे भी मिलते थे फुल कॉन्फिडेंस से यह कहते दिखाई देते थे कि टिकट तो अपना ही आएगा। इसी वजह से उन्होंने लोगों व कार्यकर्ताओं से सम्पर्क और बढ़ा दिया था। जब देर रात विनायका के नाम की घोषणा हुई तो भाजपाइयों सहित उनके समर्थकों व विशेष रूप से महाजन वर्ग के लोग खुशी के मारे झूम उठे। महाजन वर्ग से पहली बार किसी युवा को टिकट मिलने पर इस वर्ग में ज्यादा खुशी है। हालांकि अन्य वर्ग के लोगों में भी इस बात को लेकर विशेष कोतुहल व खुशी है कि किसी पार्टी ने पहली बार केकड़ी के रहने वाले युवा को जनप्रतिनिधि बनने का मौका दिया है। उल्लेखनीय है कि राजेन्द्र विनायका बेहद सरल व हंसमुख स्वभाव, मिलनसार, जिम्मेदार, सेवाभावी, कुशल युवा राजनेता व अपनत्व भाव के होने की वजह से न केवल युवाओं की पसंद हैं बल्कि बड़े बुजुर्गों और हजारों ग्रामीणों की पसंद हैं !

तिलक माथुर
क्षेत्र में उनका वर्चस्व देखकर ही पार्टी ने उन्हें अपना उम्मीदवार बनाया है, जानकारी के अनुसार सर्वे में भी राजेन्द्र विनायका का नाम पहले स्थान पर रहा वहीं भाजपा की रायशुमारी में भी विनायका को अधिक पदाधिकारियों ने पसन्द किया। आरएसएस की भी वे पहली पसंद के रूप में सामने आए। इन सभी आधारों को ध्यान में रखते हुए पार्टी ने एक भारी नेता कांग्रेस के डॉ रघु शर्मा के सामने पार्टी के एक साधारण युवा कार्यकर्ता पर विश्वास जताने का रिस्क उठाया है, अब तो यह भाजपाइयों के लिए चिंता का विषय है व चुनौती है कि वे पार्टी के विश्वास पर कितना खरा उतरते हैं ! वैसे तो राजेन्द्र विनायका से क्षेत्र के अधिकांश लोग भली भांति परिचित हैं क्योंकि विनायका पिछले दस सालों से लगातार ग्रामीणों के संपर्क में हैं उन्होंने पहले भी विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए पार्टी से टिकट मांगा था लेकिन उन दिनों शायद विनायका के सितारे इतने बुलंद नहीं थे। विनायका के पिता शांतिलाल विनायका भी भाजपा शहर मंडल के कई वर्षों तक अध्यक्ष रहे हैं। वे यहां सीनियर सेकेंडरी स्कूल में कई सालों तक प्रिंसिपल भी रहे वहीं समाज सेवी संस्थाओं में रहकर समाज सेवा में जुड़े होने के कारण शांतिलाल विनायका को हर कोई जानता है। राजेंद्र विनायका का तो जन्म ही भाजपा से जुड़े परिवार में हुआ इसलिए वे तो जन्म से ही भाजपा के हो गए। वहीं राजेन्द्र विनायका राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से वर्षों से लगातार जुड़े हुए हैं वे संघ की भी पहली पसंद हैं। राजेन्द्र विनायका पहले पार्षद हैं जिन्हें नगरपालिका चुनाव में सभी पार्षदों से अधिक ही नहीं भारी अंतरों से विजय मिली थी। लेकिन वे भाजपा नेताओं की अंदरूनी राजनीति का शिकार हो गए। खैर उनकी तक़दीर ने उन्हें एक और मौका दिया किस्मत आजमाने का। वे कितने सफल होंगे यह तो भविष्य बताएगा मगर उनकी बॉडी लेंग्वेज व चेहरे पर मुस्कुराहट विजय की ओर अग्रसर होने का संकेत दे रहे हैं ! भाजपा सूत्रों के अनुसार राजेन्द्र विनायका यहां सोमवार को प्रातः 10 बजे चारभुजा मंदिर से अपने हजारों समर्थकों के साथ नामांकन पत्र दाखिल करने जाएंगे।

तिलक माथुर
केकड़ी_अजमेर
*9251022331*

Leave a Comment