
*जयपुर शहर की सीट तो सदा से ही बनिये ब्राहम्णों की सीट है ऐसे में इन दोनों में से कोई भी जयपुर शहर से तो लड़ ही नहीं सकता है, लड़ना तो इन्हें जयपुर ग्रामीण से ही पड़ेगा और दोनों के अंतरंग संबंध भी किसी से छुपे नहीं हैं इसलिए सब लोग आश्चर्य कर रहे हैं कि राज्यवर्धन सिंह के सामने राजकुमारी दिव्या सिंह कैसे टिकिट मांग रहीं हैं ? इस प्रकरण का संघनिष्ठ पूरा लाभ उठाना चाह रहे हैं और उन्होंने अपने ‘‘नीली आंखों वाले बालक‘‘ (ब्लू आइड बाॅय) सतीश पूनिया को जयपुर ग्रामीण में प्रोजेक्ट करना शुरू कर दिया है, इन तीनों की टिकिट मांगने से जयपुर ग्रामीण की सीट बहुत ही हाॅट केक और हाॅट सीट बन गई है।*
*राजकुमारी दिव्या सिंह ने कई जगह अपना पक्ष रखते हुए यह कहा है कि मैं तो यहां की बेटी हूं और मेरा क्लेम जयपुर ग्रामीण सीट पर सबसे ज्यादा है, अगर राज्यवर्धन सिंह जी को चुनाव लड़ना है तो वो अपने गाजियाबाद जाकर लड़ें, बीकानेर लड़े, जैसलमेर लड़ें जयपुर में वो क्या मांगते हैं ? ऐसे में दो बिल्लियों की लड़ाई में लगता है संघनिष्ठ सतीश पूनिया जी बाजी मार जाएंगे और ये दोनों राजकुमार व राजकुमारी मुंह ताकते रह जाएंगे।*
*आने वाला समय बताएगा कि जयपुर ग्रामीण सीट कितनी हाॅट-हाॅट सीट है और कितने हाॅट-हाॅट प्रत्याक्षी हैं अब इनके सारे पिछले-अगले किस्से कहानियां शीघ्र ही राजनीतिक गलियारों में आने वाले हैं, इंतज़ार कीजिए।*
राजेश टंडन, वकील, अजमेर।*