बरसात ने खोली नगर निगम की पोल

अकेली आयुक्त चिन्मयी गोपाल बड़ी मेहनत व शिद्धत से हर काम को अंजाम देना चाहती है । लेकिन नगर निगम में जुड़े हुए व लंबे समय से टिके हुए विशेषकर वरिष्ठ तकनीकी अधिकारी व अन्य जिम्मेदारअधिकारी अपनी जवाबदेही समझते ही नहीं । सभी का ध्यान अवैध निर्माण कराने व बाद मैं उसेें नियमन कराने ,नक्शे पास कराने व भू रूपांतरण के साथ साथ सड़कों पर ठेले आदि से अतिक्रमण कराके अथवा केबिन रखवा कर उनसे चौथ वसूली पर लगा रहता बताया । अगर श्री टॉकीज के आसपास का क्षेत्र मूंदड़ी मोहल्ला ,खारी कुई, चोरसियावास रोड ,वैशाली नगर की आवासीय कॉलोनी, आना सागर के पास आवास मंडल के बनाए आवासीय मकानों पर स्थापित व्यवसायिक निर्माण, माकड़वाली रोड, पुरानी मंडी, मदार गेट ,डिग्गी बाजार, केसरगंज ,उसरी गेट, ब्यावर रोड, अजय नगर, रामगंज ,नसीराबाद रोड ,पृथ्वीराज मार्ग , महावीर सर्किल ,नसिया रोड ,दिल्ली गेट के अंदर व बाहर, पीर मिट्ठा गली, लाखन कोठरी ,लंगर खाना गली, पन्नीग्राम चौक ,धान मंडी , कड़क्का चौक ,पतासा गली ,नला बाजार मदर गेट घी मंडी ,सरावगी मोहल्ला आदि क्षेत्रों के पिछले 5 वर्ष के ही निर्माण कार्यों का अवलोकन किया जाए तो अनेक अधिकारी व स्वास्थ्य निरीक्षक बर्खास्त होने की कगार पर खड़े दिखेंगे । पर अकेली सुश्री गोपाल कहां-कहां ध्यान देगी?
वैसे भी भ्रष्ट लोग उनके भी पीछे पड़े हैं । पक्ष व विपक्ष के मठाधीश सचिवालय में अपनी पहुंच लगा रहे बताये जाते हैं ?
परन्तु कब तक सहन करेगी अजमेर की जनता ?
एक यक्ष प्रश्न ?
प्रताप सिंह यादव ,
प्रधान संपादक ,
प्रजातंत्र का रक्षक ,अजमेर ।