जश्न का औचित्य

sohanpal singh
स्वतंत्रता में योगदान देने वालों ने कभी भी नहीं सोंचा होगा की आजाद भारत में संवैधानिक संस्थाओं का किस प्रकार मानमर्दन होगा वो भी एक दक्षिण पंथी पार्टी की सरकार के हाथो जो स्वतंत्रता आनोद्लन में तो अंग्रेजो के लिए मुखबिर का काम कर रही थी लेकिन देश भक्ति और साम्प्रदायिकता में सबसे आगे अब जा हम पिछले के सत्ता के सिंहासन के निर्णयों अवलोकन करते हसी तो पाते है की :–
1-देश में पहली बार किसी नौसिखिये बादशाह के निर्णयों से क्षुब्ध हो कर हजारों बुद्धिजीवियों ने सरकार द्वारा की जा रही ताना शाही सेबक्षुब्द होकर उनको विगत में मिलो पद्म और अनोको पुरुश्कारों को सरकार को वापस किया था
2- देश में पहली बार किसी ही सरकार के ताना शाही व्यवहार से क्षुब्ध हो कर देश के सर्वोच्च न्यायलय के वरिष्ठतम चार जजों ने प्रेस कांफ्रेंस करके अपने दर्द को जनता तक पहुँचाया था
3- 25 जून 1975 को लागू किये गए आपातकाल से अधिक कष्टदायक क्षणों का जनता को तब अहसास हुआ जबी 8 नवम्बर 2016 की सर्द गर्म रात को भारत के लोग खाना खाने की तैयारी में थे की तभी टीवी पर घोषणा होती है की अब प्रधान मंत्री देश के नाम एक सन्देश देंगे । और सन्देश होता है कि “भाइयो बैनो आज रात 12 बजे के बाद एक हजार और पांच सौ रुपये के नोट लीगल टेंडर नहीं रहेंगे , आप मुझे केवल 50 दिन का समय दीजिये मैं आप को आपके सपनो का भारत दूंगा जहाँ न तो भ्रष्टाचार होगा, ना महंगाई होगी , ना ब्लैक मणि होगी, आतंक वाद समाप्त हो जाएगा , कोई फेक मुद्रा नहीं छाप सकेगा यानि भारत खुश हआल होगा । और अगर मैं ऐसा न कर सका तो किसी चौराहे पर बुला कर मुझे लात मरना ।
4- 15 जुलाई 2017 को राज बारह बजे एक विशेष जश्न के रूप में एक भव्य आयोजन दिल्ली के संसद भवन मे किया गया GST लागू करने के लिए और जिसको नाम दिया गया वन नेशन वन टैक्स लागु होने के अब लगभग 11 महीने बाद तक भी GST के विषय में कोई सुधार नजर नहीं आ रहा है आश्चर्य जनक रूप से पेट्रोल और शराब को GST के प्रभाव क्षेत्र से ्बहार रखा गया है जिसके कारण महंगाई बढ़ रही है डीजल और पेट्रोल की कीमते आज के दिन पिछले 70 वर्षो की तुलना में सर्वाधिक हैं लेकिन सरकार द्वारा सर्वाधिक एक्साइज ड्यूटी कम नहीं की जा रही है ।
इस लिए पिछले 70 वर्षो की तुलना में वर्तमान सरकार के अपने 4 वर्ष के शासन की इतनी विसंगतियों के होते हुए किसी भी प्रकार का जश्न मानना अनुचित ही नहीं अवांछनीय भी है ।
spsingh /मेरठ

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