फटे में टांग क्यों डाल रहे हैं ट्रंप

ओम माथुर
जब अमेरिकी ही ये मानते हैं कि उनके राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप रोजाना 17 झूठ बोलते हैं,तो हम उनके इस बयान पर क्यों विश्वास करें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कश्मीर के मामले में उनसे मध्यस्थता करने का आग्रह किया था ।अमेरिकी अखबार वॉशिंगटन पोस्ट का कहना है कि अपने 2 साल के कार्यकाल में 8000 से अधिक बार झूठे बयान दिए हैं और इसमें विदेश नीति पर उनके 900 से ज्यादा झूठे बयान हैं। इसके अलावा वे इमीग्रेशन, व्यापार, अर्थव्यवस्था, नौकरियों एवं अन्य मामलों पर भी झूठ बोलने के आदी रहे हैं। हालांकि विदेश मंत्री जयशंकर ने इस बात का खंडन कर दिया है कि मोदी ने ऐसा कोई आग्रह ट्रंप से किया था। लेकिन फिर भी विपक्षी दल यह चाहते हैं कि इस मामले में मोदी खुद संसद में बयान दें।
इसमें कोई बुरी बात नहीं है कि जब देश के स्वाभिमान एवं आन बान और शान पर कोई विदेशी नेता सवाल उठाए,तो प्रधानमंत्री को खुद इस पर बयान दे देना चाहिए, क्योंकि ट्रंप ने उनका नाम लेकर यह बात कही है ,ना कि यह कहा कि भारत ने उनसे मध्यस्थता का आग्रह किया है। जब बातचीत किन्ही दो लोगों में हो तो सफाई भी उन्हीं में से किसी को देनी चाहिए । इससे मोदी और मजबूत होंगे । तब उनकी छवि एक ऐसे पीएम की बनेगी ,जो महाशकि्त को भी सीधा जवाब देने की हिम्मत रखते हैं। सवाल ये है कि जिस देश ने पाकिस्तान पर सर्जिकल व एयर स्ट्राइक कर उसे सबक सिखाया है और जिस मोदी की कूटनीति ने पाकिस्तान को विश्व में अलग-थलग कर उसकी अर्थव्यवस्था को कंगाल बना उसे भीख मांगने के लिए मजबूर कर दिया हो, क्या वह ट्रंप से ऐसी ऐसा आग्रह कर सकता है? जबकि भारत यह बात हर बार कहता है कि कश्मीर पर किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता उसे मंजूर नहीं है।
यूं भी डोनाल्ड ट्रंप अपने कार्यकाल में अमेरिका के सर्वाधिक विवादास्पद एवं हास्यास्पद राष्ट्रपति साबित हो रहे हैं । इसलिए उन्हें उनके देश के लोग भी गंभीरता से नहीं लेते हैं । एक महाशक्ति देश के प्रमुख का 2 देशों के लिए इस प्रकार दिया गया गैर जिम्मेदाराना बयान विश्व के राजनीतिक पटल पर कई परेशानियां पैदा कर सकता है । हालांकि अमरीका अब कह रहा है कि भारत पाकिस्तान अपने मसले खुद सलझाएं, वह उसमें सहयोग करने को तैयार है । लेकिन जब भारत स्पष्ट कर चुका है कि आतंकवाद को समाप्त किए बिना और आतंकवादियों को प्रश्रय देना बंद करने के बगैर पाकिस्तान से कोई बातचीत नहीं की जाएगी,तो फिर अमेरिका क्यों फटे में टांग डालना चाहता है ? लेकिन टंप के बयान से इमरान खान को जरूर राहत मिलेगी , वह अपने देश के बाकी मुद्दों से लोगों का ध्यान इस मुद्दे पर खींच कर हटा सकेंगे ।

ओम माथुर/9351415379

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